सोचिए एक छोटा सा बच्चा जिसे अभी दुनिया का मतलब भी ठीक से नहीं पता और उसके सामने मां-बाप अलग होने का फैसला कर रहे हैं। ग्वालियर के भीतरवार से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। जहां तलाक के बाद जब मां अपने 2 साल के बच्चे को पिता की गोद से लेने आती है तो बच्चा अचानक पिता से ऐसे लिपट जाता है जैसे कह [संगीत] रहा हो। पापा मुझे मत छोड़ो। और यह वीडियो देखकर आज लाखों लोग रो रहे हैं। वीडियो में दिखता है कि फैसला हो चुका था। तलाक और समझौता दोनों तय हो गए थे। कस्टडी मां को मिलनी थी। लेकिन जब बच्चा पिता की गोद में था और उसे मां की तरफ ले जाने की कोशिश की गई तो बच्चा जोर से पिता को पकड़ लेता है। उसकी छोटी-छोटी उंगलियां पिता के कपड़ों को ऐसे पकड़ लेती हैं जैसे वह जानता हो कि यह आखिरी बार हो सकता है और पिता बस खड़ा है आंखों में दर्द लिए। यह कोई फिल्म नहीं है दोस्तों।
यह असली जिंदगी है। इस वीडियो को देखकर लोग भावुक [संगीत] हो गए। कई लोग मां को दोषी ठहरा रहे हैं। कई लोग कह रहे हैं तलाक का सबसे बड़ा नुकसान बच्चा झेलता है। और सच यह है तलाक दो लोगों का होता है लेकिन सजा हमेशा बच्चे को मिलती है। पीछे खड़े इस कपल के मां-बाप भी काफी दुखी हैं। बच्चे के दादा और नाना दोनों मौजूद हैं और वह बिलक-बिलख कर रो रहे हैं। अपने पोते की जुदाई दोनों से नहीं देखी जा रही है। हालांकि इन दोनों कपल में कौन गलत है? इन दोनों के बीच डिवोर्स क्यों हुआ? इसकी जानकारी तो अभी तक सामने नहीं आई है। लेकिन एक छोटा बच्चा शब्दों में नहीं कह सकता लेकिन उसका दिल सब महसूस करता है। बच्चा सोचता है पापा कहां गए? मां कहां गई? क्या मेरी वजह से झगड़ा हुआ? क्या मैं बुरा हूं? और धीरे-धीरे उसके अंदर डर पैदा हो जाता है। डर कि जो लोग सबसे ज्यादा प्यार करते हैं वह भी छोड़ सकते हैं। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को देखकर लोग काफी भावुक हो गए।
एक यूजर ने लिखा, बहन बहुत पछताओगी। [संगीत] कोई किसी का नहीं होता। भाई मां-बाप कोई तुम्हारा साथ नहीं दे सकता। फिर तुम्हारे पति के सिवा तुम्हारा घर वही है। गलतफहमी में नहीं रहा करो। एक और यूजर ने लिखा अभी बच्चे को पिता के पास ही [संगीत] रहने देना चाहिए था। बाद में जब बच्चे का मन मां के पास आने का रहता है तब भेज देना। एक और यूजर ने लिखा जिन लोगों ने भी इन दोनों के बीच अनबन कराई वो जीवन में कभी सुखी नहीं रह सकते। एक और यूजर ने लिखा भगवान करे यह बच्चा बड़ा होकर जब इसकी पत्नी आए तो इस मन को घर से बाहर करें और इसे इसके कर्मों की सजा इसके जन्म में ही मिले। एक और रीजन ने लिखा पिता और दादाजी को देखो एक बार कितना दुख है। उनको भगवान किसी के साथ ऐसा ना करें। एक और लिखा पिता का साया भगवान का आशीर्वाद होता है। एक पिता की ममता बिना बोले समझ आती है। जो खुद भूखा रहकर बच्चों को खिलाते हैं, वह सिर्फ [संगीत] पिता होते हैं। समय की विडंबना देखिए कि एक लड़की का पिता और उसके परिवार के ही उसका [संगीत] घर खत्म कर रहे हैं। और मेरा एक और कहना था कि ऐसे समय पर समाज के वरिष्ठ जनों को आगे आकर एक गुरुद्वारे में दोनों परिवारों को बुलाकर किसी भी तरह इस घर और बच्चे के भविष्य को बचाना चाहिए था। [संगीत] व एक और यूजर लिखते हैं, यह वह वाली महिलाएं हैं जो अपने ससुराल और पति की नहीं सुनती पर अपनी मां की सारी बातें सुनती हैं और ससुराल की सारी बातें अपनी मां को बताती हैं। अब बात करते हैं सच्चाई की।
भारत में हर साल लगभग [संगीत] 1 लाख से ज्यादा डिवोर्स केसेस सामने आते हैं और पिछले कुछ सालों में डिवोर्स रेट तेजी से बढ़ा है। शहरों में तो हालात और ज्यादा बदलते जा रहे हैं। जहां रिश्ते टूटना अब कॉमन होता जा रहा है और इन मामलों में सबसे [संगीत] ज्यादा प्रभावित होते हैं बच्चे। पति-पत्नी अलग हो जाते हैं। शायद जिंदगी फिर से शुरू कर लेते हैं। लेकिन बच्चा उसके लिए तो पूरी दुनिया मां-बाप ही होते हैं। बच्चे के पास ना चॉइस [संगीत] होती है ना डिसीजन का अधिकार। वो सिर्फ देखता है और टूट जाता है। हमारे समाज में अक्सर डिवोर्स के बाद बच्चा एक पेरेंट के पास रह जाता है और दूसरा पेरेंट धीरे-धीरे दूर होता चला जाता है। फिर बच्चा बड़ा होकर एक सवाल अपने अंदर दबा लेता है।
अगर मेरे पापा मां ने मुझे छोड़ दिया तो क्या [संगीत] मैं किसी के लायक नहीं था? और यही सोच आगे चलकर डिप्रेशन, एंगर और रिलेशनशिप इशज़ बन [संगीत] जाती है। यह वीडियो सिर्फ एक बच्चा नहीं देख रहा। यह वीडियो पूरे समाज को आईना दिखा रहा है। आज हम रिश्तों में पेशेंस खो रहे हैं। एडजस्टमेंट [संगीत] को कमजोरी समझ रहे हैं। लेकिन भूल जाते हैं जब मां-बाप टूटते हैं तो बच्चे की दुनिया टूटती है। अगर आप पतिपत्नी हैं तो एक बार सोचिए [संगीत] लड़ाई बड़ी है या बच्चा। गुस्सा बड़ा है या परिवार और अगर रिश्ता सच में नहीं बच सकता तो कम से कम बच्चे को अकेला मत छोड़िए।