बातचीत की आड़ में Trump ने ईरान को घेरा, सैटेलाइट में दिखी जंग की तैयारी

इस समय अमेरिका और ईरान के बीच जिस तरह के हालात हैं, उसने हर किसी को हैरान कर रखा है। इस बीच मिडिल ईस्ट से एक ऐसी खबर सामने आई जिसने पूरी दुनिया के होश उड़ा दिए। ईरान के साथ बातचीत के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सेना ने कुछ ऐसा किया जो शांति की हर कोशिश पर भारी पड़ता दिख रहा है। सेटेलाइट से ऐसी तस्वीरें लीक हुई हैं जो बता रही हैं कि ट्रंप ने ईरान को चारों तरफ से घेर लिया है। यह खबर आज इसलिए जरूरी है क्योंकि क़तर के अल उदैद एयरबेस पर अमेरिका ने अपनी घातक मिसाइलों को मोबाइल लांचर्स पर तैनात कर दिया है। यानी हमला कभी भी हो सकता है और कहीं से भी हो सकता है।

वैसे भी तस्वीरें झूठ नहीं बोलती हैं। 11 फरवरी 2026 की ताजा सेटेलाइट तस्वीरें दिखा रही हैं कि ट्रंप प्रशासन अब वेट एंड वॉच के मूड में नहीं है। क़तर में मौजूद अमेरिका के सबसे बड़े अल उदैद में पैट्रिट मिसाइल सिस्टम को ट्रकों पर लाद दिया गया है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि मिसाइलों को ट्रकों पर रखने का मतलब है कि अमेरिका इन्हें किसी भी वक्त एक जगह से दूसरी जगह ले जा सकता है और हमला कर सकता है। सिर्फ क़तर ही नहीं जॉर्डन के मोफाक एयरवेज पर 17 से ज्यादा F-15 ई स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमानों की तैनाती देखी गई है। उधर हिंद महासागर में डीओगो गार्सिया बेस पर भी विमानों की संख्या अचानक बढ़ गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने खुद फoक्स बिज़नेस को दिए गए इंटरव्यू में चेतावनी दी थी कि या तो ईरान एक अच्छी डील करें वरना वही होगा जो पिछली बार हुआ था। इशारा साफ है पिछले साल हुए सैन्य हमलों जैसा एक और बड़ा प्रहार होगा। वैसे होशियार सिर्फ ट्रंप ही नहीं है बल्कि ईरान ने भी अपनी ओर से जवाबी तैयारी कर रखी है। ईरान ने अपनी सबसे घातक और लंबी दूरी की मिसाइल खुर्रम शहर फोर को ऑपरेशन मोड में डाल दिया है। सेटेलाइट तस्वीरों में देखा गया है कि ईरान के इसान जैसे परमाणु केंद्रों के प्रवेश द्वारों को मिट्टी से ढका जा रहा है ताकि अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस या मिसाइल हमलों में सुरगों को बचाया जा सके। लेकिन सवाल यह है कि यह अचानक क्यों हुआ? दरअसल ईरान ने अपने परमाणु ठिकानों को मिट्टी और कंक्रीट से ढकना शुरू कर दिया है। सेटेलाइट तस्वीरें बता रही है कि ईरान अपने पहाड़ों के अंदर छिपे बंकरों को और मजबूत कर रहा है। ट्रंप का यह सैन्य जमावड़ा ईरान को बातचीत की मेज पर झुकाने के लिए मजबूर करने की एक बड़ी रणनीति की चाल हो सकती है। वहीं जानकार मानते हैं कि ट्रंप का अरमाडा तैयार है। अगर ईरान ने परमाणु संवर्धन और मिसाइलों पर समझौता नहीं किया तो मिडिल ईस्ट में धमाकों की गूंज सुनाई देगी। वैसे तनाव चरम पर है।

मिसाइलें तैनात हैं और ट्रंप के आदेश का इंतजार है। दुनिया दुआ कर रही है कि कूटनीति जीत जाए। लेकिन सेटेलाइट तस्वीरें कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं। क्या यह तस्वीरें 2026 के सबसे बड़े युद्ध की आहट हैं? जवाब आने वाला वक्त देगा। फिलहाल के लिए बस इतना ही।