एक ऐसा भी दौर था जब कादर खान साहब की चर्चाएं चारों तरफ हमें देखने व सुनने को मिलती ही रहती थी मालूम तो बताना चाहेंगे कि कादर खान साहब इंडस्ट्री के ऐसे कलाकारों में से एक थे जिन्होंने सिर्फ कॉमेडी बल्कि नेगेटिव रोल निभाकर सभी लोगों का दिल जीता था फिल्मों की स्क्रिप्ट लिखनी हो या फिर फिल्मों में जबरदस्त डायलॉग कादर खान साहब के यह बांए हाथ का खेल हुआ करता था और तभी तो उस दौर में उनकी बहुत ज्यादा डिमांड भी हुआ करते थे कादर खान साहब का दौर था और उस दौर में उन्होंने खूब नाम कमाया साथ इंडस्ट्री में उन्होंने कई सारे कलाकारों के करियर को संवारने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया और उन्हें वैसे एक थे
गोविंदा गोविंदा और कादर खान की जुगलबंदी आपने नोट्स की फिल्मों में कई बार देखा होगा कई बार वह गोविंदा के पिता के किरदार में नजर आए तो कभी वह ससुर के किरदार में सभी लोगों को लोटपोट कर गए और उनके इन्हीं किरदारों को बड़े पर्दे पर फैंस ने भी बहुत ज्यादा पसंद किया है जाहिर सी बात है गोविंदा जब इंडस्ट्री में नए आए थे तो उस समय अमिताभ बच्चन का तुम्हारा हुआ करता था उस दौर में अमिताभ बच्चन एक बड़े सुपरस्टार थे और इंडस्ट्री में उनकी एक अलग ही पहचान हुआ करती थी वहीं दूसरी ओर
खान उसने अपने करियर की शुरुआत ही की थी ऐसे में गोविंदा को अपना करियर बनाना बहुत ज्यादा मुश्किल लग रहा था लेकिन गोविंदा ने एक करके दिखाएं उस दौर में गोविंदा ने अपने मेहनत और काबिलियत के दम पर यह साबित कर दिया कि वह बाकी सुपरस्टार उसे काफी अलग और धीरे-धीरे उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी एक अलग छाप छोड़ी छाप ऐसी रही कि तमाम निर्माता निर्देशकों की पहली पसंद गोविंदा बनकर गोविंदा मतलब हिट होने की गारंटी और तमाम निर्माता निर्देशक उन्हें अपनी फिल्म में कास्ट करवाने के
लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाते रहते थे लेकिन क्या हुआ कि गोविंदा और कादर खान के बीच में दुश्मनी हो गई और यह दोनों एक-दूसरे को देखना तक नहीं पसंद करते थे कादर खान और गोविंदा की जुगलबंदी तो बड़े पर्दे पर खूब पसंद की जा रही थी लेकिन वही उन दिनों गोविंदा और कादर खान के बीच में क्या सा हो गया था यह दोनों एक दूसरे के दुश्मन बन गए थे गोविंदा और कादर खान जब एक साथ फिल्में कर रहे थे तो गोविंदा कादर खान साल की बहुत ज्यादा जप करने लगे थे गोविंदा के पिता उस इस दुनिया को अलविदा कह चुके थे इसलिए वह कादर खान साहब को अपने पिता समाधि
देने और उन्हें उस्ताद कहकर बुलाते थे गोविंदा जितने अपने पिता की इज्जत करते थे उतने ही वह कादर खान साहब की भी करते थे तभी तो फिल्मों की स्क्रिप्ट में गोविंदा से बड़ा किरदार कादर खान साहब का ही होता था पर कादर खान और गोविंदा की जुगलबंदी बड़े पर्दे पर काफी बड़ी हिट भी रहती थी लेकिन मारो इंडस्ट्री की इन दोनों सुपर स्टारों को नजर से लगती है और एक दिन गोविंदा और कादर खान के बीच में झगड़ा हो गया दरअसल हुआ यूं कि एक दिन फिल्म की शूटिंग सेट पर कादर खान साहब एक स्पिरिचुअल बुक लेकर रहते और उन दिनों उनकी तबियत भी थोड़ी बहुत खराब है तिथि कादर खान साहब अपनी कलम की आवाज से दुनिया को हिला चुके थे इस
बात में कोई शक नहीं था कि अगर वह स्पिरिचुअल बुक लेकर थे तो इसमें भी कोई ना कोई खासियत होती ही लेकिन गोविंदा ने यहां पर है यह भूख लिखने से मना कर दिया खराब सेहत का हवाला देते हुए उन्होंने कादर खान साहब को अरेस्ट करने की सलाह दी उस तोरण बताया जाता है कि कादर खान साहब बहुत ज्यादा चिड़चिड़े हो चुके थे और गोविंदा की बात उन्हें बहुत ज्यादा बुरी लग गई ताजा खबर सामने आओ अपने देखा और उन्हें गोविंदा को भला बुरा कहना शुरू कर दिया गोविंदा भलीभांति जानते थे कि इस समय कादर खान साहब की सेहत बिल्कुल ठीक नहीं है और गोविंदा ने अपने आप को संभाल लिया हालांकि यह तो छोटी सी बात थी और दोनों सुपरस्टार भूल
गए अब मैं कादर खान साहब को अपनी गलती का अहसास हुआ लेकिन आने वाले समय में दिनों सुपर स्टारों के बीच में फिल्मों के स्क्रिप्ट में बदलाव को लेकर आपसी मतभेद हो गया ताजा खेल साहब फिल्मों की कहानी और डायलॉग डिलीवरी के लिए काफी ज्यादा मशहूर थे और उन्हें कई सारी बुद्ध की फिल्मों में डॉयलाग भी लिखे थे न्यू डायलॉग बोलकर गोविंद ने बड़े सुपरस्टार बने थे लेकिन गोविंदा को धीरे-धीरे डायलॉग पर थोड़ा फ्रेश होने लगती है पर यह बात का दरखास आपको चुटकी बट ठे अरे इन दोनों के बीच में दूरियां बढ़ने लगी कि दूरियां धीरे-धीरे इतनी ज्यादा बढ़ गई कि कादर खान साहब गोविंदा को बुलाना तक छोड़ दिया फिल्मों की शूटिंग हुआ करती थी
तो गोविंदा और कादर खान सेट पर रहते थे लेकिन एक दूसरे को यह दोनों इग्नोर करने लगे थे और धीरे-धीरे यह बढ़ोतरी की है हालांकि कई बार यह बात भी सामने आई और मीडिया में इस बात को भी लेकर खुलासा भी किया गया कि कादर खान साहब के नाराजगी को लेकर गोविंदा बहुत ज्यादा परेशान शुक्रमेह गोविंदा कभी भी कादर खान साहब से अपनी दोस्ती नहीं तोड़ना चाहते थे और उन्हें कई बार पेश करने की कोशिश भी की लेकिन यह कोशिश चुटकी नाकामयाब साबित रही और जैसे कि सभी जानते है कि धीरे-धीरे समय ने करवट ली और कादर खान साहब इस दुनिया को छोड़ कर सभी
लोगों को अलविदा कह गये हालांकि कादर खान के निधन पर अपने शोक व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया पर गोविंदा ने लिखा था कि कादर खान मेरे उस्ताद ही नहीं बल्कि मेरे पिता समान थे लेकिन इस प्रकार खान के बेटे सरफराज खान ने गोविंदा पर अपना तक हंसते हुए कहा था कि अगर उन्हें है तो पिता समान मानते थे तो आखिर समय व उन्हें कॉल तक क्यों नहीं किया इस पर जो गोविंदा से राय लेने की कोशिश की गई तो गोविंदा ने साफ शब्दों में यह कहा कि अभी सरफराज छोटे हैं