जेमा रेहमान? लंदन से लौटकर पिता तारिक रहमान की BNP को दिलवाई जीत, शेख हसीना फेल

बांग्लादेश की सत्ता का तख्ता पलटने और जिया परिवार की वापसी की सबसे चौंकाने वाली तस्वीर तब सामने आई जब लंदन में निर्वासित जीवन बिता रही एक युवा लड़की ने ढाका की सड़कों पर रिक्शा चलाकर राजनीति के सारे समीकरण बदल दिए। जिसे दुनिया अब तक केवल तारीख रहमान की बेटी के रूप में जानती थी वो जाइमा जरनाज रहमान रातोंरात बांग्लादेश की नई राजनीतिक सनसनी बनकर उभरी हैं। फरवरी 2026 के आम चुनाव के नतीजों ने न केवल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी बीएनपी को सत्ता के शिखर पर पहुंचाया है बल्कि जाइमा के रूप में देश को एक नया और आधुनिक नेतृत्व भी दिया है। अनौपचारिक आंकड़ों के अनुसार बीएनपी ने 200 से अधिक सीटें जीतकर इतिहास रच दिया है

और इस जीत के पीछे जाइमा रहमान की रणनीति और उनके जमीनी संघर्ष को सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है। जाइमा जरनाज़ रहमान बीएनपी के चेयरमैन तारिक रहमान और डॉ. जुबैदा रहमान की इकलौती संतान हैं। लगभग 28 से 30 वर्ष की जायमा ने अपनी शिक्षा लंदन की प्रतिष्ठित क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी से पूरी की है और वे पेशे से एक बैरिस्टर हैं। पिछले 17 वर्षों से अपने परिवार के साथ निर्वाचन का जीवन बिताने के बाद दिसंबर 2025 में जब वे अपने पिता के साथ ढाका लौटी तो किसी को अंदाजा नहीं था कि वे इतनी जल्दी पूरे देश की राजनीति पर अपनी पकड़ बना लेंगी। उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान ढाका 17 निर्वाचन क्षेत्र में जाइमा का अंदाज सबसे अलग रहा। उन्होंने महंगी गाड़ियों के काफिले को छोड़कर एक आम लड़की की तरह रिक्शे पर सवार होकर गलियों में प्रचार किया।

उनके हाथ में पार्टी के पर्चे थे और जुबान पर बांग्लादेश के भविष्य का सपना था। यह सादगी और सीधा संवाद सोशल मीडिया पर इस कदर वायरल हुआ कि देश के 3 करोड़ से अधिक युवा मतदाता उनके कायल हो गए। वे ना केवल अपने पिता तारिक रहमान के लिए वोट मांग रही थी बल्कि बीएनपी के पूरे चुनावी अभियान की कमान उनके हाथ में थी। उन्होंने पार्टी की बैठकों में सक्रिय भूमिका निभाई और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर बीएनपी की विचारधारा को घर-घर पहुंचाया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांग्लादेश अब शेख हसीना और खालिदा जिया के पुराने युग से निकलकर एक नए नेतृत्व की ओर देख रहा है। जाइमा जरनाज रहमान में लोग वही करिश्मा देख रहे हैं जो कभी उनकी दादी खालिदा जिया में हुआ करता था। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी दादी की याद में कविताएं और पुरानी तस्वीरें साझा कर जनता के साथ एक गहरा भावनात्मक जुड़ाव बनाया है।

जिया परिवार की चौथी पीढ़ी के रूप में उनकी एंट्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है। तारीख रहमान के संभावित प्रधानमंत्री बनने के साथ ही यह चर्चा तेज है कि जायमा को जल्द ही पार्टी या सरकार में कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। स्वयं तारिक रहमान ने भी संकेत दिए हैं कि समय आने पर जायमा राजनीति की अग्रिम पंक्ति में नजर आएंगी। फिलहाल बांग्लादेश की राजनीति में जायमा रहमान एक ऐसा चेहरा बन चुकी हैं जिन्होंने अपनी शिक्षा, शालीनता और जमीनी सक्रियता से ना केवल चुनाव जिताया है बल्कि यह भी संदेश दिया है कि आने वाले समय में वे बांग्लादेश की सत्ता की असली धुरी होंगी।