राहुल गांधी की CD से कोर्ट में बवाल, जज के सामने जोड़े हाथ, निकलते ही कहां पहुंचे राहुल?

गृह मंत्री अमित शाह पर टिप्पणी के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार को यूपी के सुल्तानपुर की एमपी एमएलए कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट में राहुल गांधी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि सीडी सत्यापित नहीं है। इसमें छेड़छाड़ की गई है। मेरे ऊपर लगाए गए सारे आरोप गलत और बेबुनियाद है। मेरे बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया। मेरा आशय किसी का अपमान करने का नहीं था। हमारी छवि खराब करने के लिए दुर्भावनावश केवल हाईलाइट होने के लिए मेरे खिलाफ यह मुकदमा दायर किया गया है। पेशी के दौरान मौजूद वकीलों के अनुसार कोर्ट पहुंचने पर राहुल ने जज को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। सुनवाई पूरी होने पर

उनका धन्यवाद भी कहा। जज ने राहुल से पूछा कि क्या आपको सफाई देनी है? इस पर राहुल ने कहा हां राहुल करीब 20 मिनट तक कोर्ट में रहे। मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी। माननीय राहुल गांधी जी पूर्व निर्धारित समय के अनुसार आए। उन्होंने न्यायालय में अपना बयान दर्ज कराया। अगली तारीख 9 मार्च 2026 सफाई साक्ष्य नियत की गई। इसी के दौरान राहुल जी ने क्या कुछ कहा कोर्ट में? इसी के दौरान राहुल गांधी जी ने जो अपना बयान दर्ज कराया उसको न्यायालय ने दर्ज किया। माननीय राहुल गांधी जी ने कहा कि मेरे ऊपर लगाए गए सारे आरोप जो है वो निर आ रहे हैं

जो राजनीतिक दुर्भावना से मेरे ऊपर दर्ज कराए गए हैं। ये आरोप जो है मेरे ऊपर ऐसा मैंने कोई भी किसी की मानहान उद्देश्य करने के आशे से कोई भी कथन नहीं किया है। सारे आरोप आधार निराधार बलहीन है। आधारहीन भी बलहीन है। अतः वो निरस्त होने पर परिवार है। क्या आज परिवार आपको बता दें कि शुक्रवार सुबह राहुल दिल्ली से लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से कार से कोर्ट पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने माला पहनाने की कोशिश भी की लेकिन राहुल ने मना कर दिया। कोर्ट से बाहर निकलने पर उनके समर्थकों की भारी भीड़ पहुंच गई थी। इसके चलते सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें दूसरे गेट से बाहर निकाला। अब जब राहुल गांधी सुल्तानपुर पहुंचे तो अपने पुराने दोस्त रामचेत मोची के घर भी गए और उनके परिवार से मुलाकात की।

लेकिन उस मुलाकात की बात में करूंगा। पहले आपको बताता हूं कि आखिर राहुल गांधी के ऊपर सुल्तानपुर में कौन सा केस चल रहा है। यह मामला 8 साल पुराना है। आरोप है कि राहुल ने 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान अमित शाह को लेकर कथित अपमानजनक टिप्पणी की थी। राहुल ने तब कहा था कि जो पार्टी ईमानदारी की बात करती है उनका अध्यक्ष हत्या का आरोपी है। इस बयान के बाद सुल्तानपुर के भाजपा नेता विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। इसी मामले में सुल्तानपुर कोर्ट ने 19 जनवरी को राहुल को

व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया था। कोर्ट ने नेता प्रतिपक्ष के वकील काशी शुक्ला को चेतावनी देते हुए कहा था कि यह आखिरी मौका है। इसके बाद कड़ी कार्यवाही की जाएगी। भाजपा नेता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के खिलाफ परवाद दायर किया था। पिछली सुनवाई में अदालत ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर बयान दर्ज कराने का अंतिम मौका दिया था। फिलहाल राहुल गांधी इस मामले में जमानत पर हैं। वहीं राहुल गांधी परवाद दाखिल करने वाले विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष पांडे ने कहा कि 2018 में राहुल गांधी ने बेंगलुरु के प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह को हत्या का अभियुक्त बताया था। इसी से नाराज होकर विजय मिश्रा ने परवाद दाखिल किया। प्रथम दृष्ट्या कोर्ट ने केस को स्वीकार किया था। 313 के मामले में स्वयं उपस्थित होना था। आज वह खुद उपस्थित हुए और कहा कि इस बारे में

हम साक्ष्य उपलब्ध कराएंगे। राहुल गांधी ने सभी आरोपों से इंकार किया। राहुल गांधी जी का आज माननीय एमपी एमएलए कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से थी और उन्होंने 313 का बयान अपना दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि मैं निर्दोष हूं। हमको फर्जी फंसाया गया है। सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए यह कंप्लेंट फाइल किया गया है। राजनैतिक प्रतिबंधता बस उन्होंने इस तरह का स्टेटमेंट दिया और ऑनरेबल कोर्ट ने रिकॉर्ड किया। सफाई साक्ष्य के लिए उन्होंने कहा कि मैं सफाई साक्ष्य अपना कोर्ट में दाखिल करूंगा। 9 मार्च के लिए सफाई साक्ष्य नियत किया गया है। मेरे द्वारा उस पर आर्गुममेंट किया

गया और उसके बाद फिर ऑनरेबल कोर्ट ने 9 मार्च सफाई साक्ष के लिए नियत किया। कोर्ट से निकलने के बाद राहुल रामचत मोची की दुकान पर पहुंचे और उनके परिवार से मुलाकात की। रामचत मोची की 3 महीने पहले कैंसर से मौत हो गई है। हमारे पिताजी एक्सपायर हो गए थे। तो सबसे पहले भैया जी को सूचित किया हमने तो बदकिस्मती से भैया जी नहीं आ पाए। तो इधर सुल्तानपुर से वापस आ रहे थे। तो उन्होंने आकर यहां दुख जाहिर किया और फिर हमारा हालचाल लिया। हमको ये मतलब आश्वासन दिया कि कोई दिक्कत परेशानी होगी तो हमको निडर होकर बताना। अब चलिए आपको बताते हैं कि आखिर यह रामचेत मोची कौन थे? रामचेत मोची सुल्तानपुर के रहने वाले थे। उनकी हाईवे किनारे जूते चप्पल सिलने की दुकान थी। 26 जुलाई 2024 को राहुल गांधी इसी मामले में पेशी पर सुल्तानपुर आए थे। कोर्ट से लखनऊ लौटने के दौरान वो रामचेत की दुकान पर रुके थे। 5 मिनट

की इस मुलाकात के दौरान उन्होंने ना सिर्फ रामचेत से मोची की कारीगरी की बारीकियां जानी बल्कि खुद जूता भी सिला था। इस मुलाकात के दौरान रामचेत ने राहुल को अपनी आर्थिक दिक्कतों की जानकारी देते हुए मदद की गुहार लगाई थी। अगस्त 2025 में राहुल ने रामचेत को ₹1 लाख कीमत की एक जापानी सिलाई मशीन भेंट की थी। डेढ़ साल पहले राहुल गांधी ने उनकी दुकान पर बैठकर जूते सिले थे। बाद में उन्होंने रामचेत को सिलाई मशीन भी भेजी थी। इसके बाद ₹00 कीमत के चार कार्टून सामान भी भेजा था। उन्होंने कॉल करके हर संभव मदद करने का आश्वासन भी दिया था। हेलो हां जी साहब नमस्ते। नमस्कार कैसे हैं आप? हां बहुत बढ़िया मालिक। ये आपने बहुत सुंदर जूता भेजा है मेरे लिए। बहुत-बहुत धन्यवाद। अरे हम तो इतनी खुशी से समा गए कि क्या बताए मालिक? आपने हमें बहुत ऊपर उठा के हमें

बैठ के। आप मुझे आप मुझे मालिक मत कहो। आप मुझे भाई कहो। अच्छा भैया। अच्छे भैया मालिक। हां? वो मशीन कैसी है? मंदिर बहुत बढ़िया है। बहुत बढ़िया। हमारे आल औलाद बहुत खुश है। ठीक है। बहुत-बहुत प्यार आपको। जी एक बार दर्शन दे देंगे। बिल्कुल बिल्कुल आपको भाई कहूंगा भैया। बिल्कुल आप मुझे भाई कहो। मालिक शब्द अच्छा नहीं है। जी नमस्ते। नमस्कार। भैया नमस्ते भैया। लेकिन रामचेत मोची की 11 नवंबर 2025 को

कैंसर और टीबी की बीमारी के कारण मौत हो गई थी। राहुल गांधी ने रामचेत का इलाज भी कराया था। रामचेत की मौत के बाद उनका बेटा दुकान चला रहा है। नमस्कार, मैं हूं मानक गुप्ता। अगर आपको हमारा यह वीडियो पसंद आया हो तो इसे लाइक और शेयर जरूर करें। और हां हमें सब्सक्राइब और फॉलो करना ना भूलें। ताकि आप देश और दुनिया की कोई खबर मिस ना करें। तो जुड़े रहिए हमारे साथ और देखते रहिए न्यूज़