के साबित करें कि हम आर्मी ये आर्मी किस तरह बोल सकती है कि ये हमारे बंदे नहीं ये ये कार्ड आर्मी का है ना इन्होंने हमें बना के दिया है ना हमने खुद तो थोड़ा बना लिया ये शना कार्ड मेरा देख ले ये भी पाकिस्तान ने मुझे बना के दिया है ये अभी किस तरह कह रहे हैं कि ये हमारे बंदे नहीं है मैं इन्हें दरखास्त करता खुदा के लिए [हंसी] के लिए मेरा वाल मजदूर है मैं करके पड़ा हूं सामने। [हंसी] इस बात को ना करें कि ये हमारे बंदे नहीं है। कैमरा ऑन है। सामने फौजी वर्दी में एक जवान आंखों में आंसू हाथ में अपना आईडी कार्ड। यह वीडियो बलोच लिबरेशन आर्मी यानी बीएएलए के आधिकारिक चैनल हक काल पर डाला गया है। वीडियो में दिख रहा है कि एक शख्स खुद को पाकिस्तानी आर्मी का जवान बता रहा है। रोते हुए वो अपने आईडी कार्ड
कैमरे पर दिखाता है और कहता है कि उसके वालिद मजदूर हैं और वह घर का बड़ा बेटा है। वो सवाल करता है जब पाकिस्तानी आर्मी यह मानने को तैयार नहीं कि हम उसी के लोग हैं तो फिर हमें भर्ती ही क्यों [संगीत] किया गया? वो कहता है कि उसने हमेशा पाकिस्तान के लिए लड़ाई लड़ी लेकिन आज सेना उसे अपना मानने से इंकार कर रही है। क्या है पूरा मामला? विस्तार से बताते हैं। आज तक से जुड़े सुबोध कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के बलचिस्तान प्रांत [संगीत] में 31 जनवरी से 6 फरवरी तक चले ऑपरेशन हीरो 2.0 के बाद हालात फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। बीएलए का दावा है कि उसने 14 फरवरी को इन सैनिकों को पकड़ा था और यह पाकिस्तानी आर्मी के जवान है। बीएलए अब इनकी रिहाई के बदले बलोच लड़ाकों की रिहाई की मांग कर रहा है। इसके लिए उसने पाकिस्तान सरकार
को 22 फरवरी तक का वक्त भी दिया है। बीएलए ने चेतावनी दी है कि अगर 22 फरवरी तक पाकिस्तानी सरकार [संगीत] सैनिकों की अदला बदली को लेकर बातचीत शुरू नहीं करती तो बंदी बनाए गए लोगों को फांसी दी जा सकती है। वीडियो में आठ पाकिस्तानी सैनिक उबड़ खाबड़ पथरीले इलाके वाली जमीन पर घुटनों के बल बैठे दिख रहे हैं। उनके पास हथियार बंद लोग भी खड़े हैं। वीडियो में दो अन्य सैनिकों से भी सवाल-जवाब होते हुए दिखाई देते हैं। सुनिए। नाम वालिद का नाम? जाहिद। इलाका? गुजरावाला। आर्मी कब ज्वाइन की है? मैं 2025 में रैंक सफाई और यूनिट कौन सा है? पता है आपको 12वीं नंबर चौथी की 578 तो डिवीजन या ब्रिटेड कौन सा है? [संगीत] आपने किस इलाके में ड्यूटी की? मैंने बनवाकल में ड्यूटी की है। अभी डेढ़ महीना हो गया इधर में ड्यूटी कर रहा था। आपका नाम क्या है?
नाम दीदारउल्लाह। वालिद का नाम? निजारुल्लाह। इलाका? केपी के पेशावर बुनेर। और आपने आर्मी कब ज्वाइन की है? मैं 2025 में। आपका रैंक कौन सा है? सिपाही आप कौन से यूनिट से तालुक रखते हैं? मैं 15 एफएम से ताल्लुक रखता हूं। 33 150 आपका आर्मी नंबर कौन सा है? मेरा आर्मी नंबर है 3400 653। वीडियो में यह लोग पाकिस्तानी सेना और सरकार से अपील कर रही हैं कि बीएलए [संगीत] की कैद में मौजूद बलोच कैदियों के बदले कैदियों की अदला बदली यानी प्रिजनर एक्सचेंज की मांग मान ली जाए। वे अधिकारियों से बातचीत शुरू करने और उनकी रिहाई सुनिश्चित करने की गुहार लगा रहे हैं ताकि वे सुरक्षित घर लौट सकें। बीएलए ने इससे पहले भी सैनिकों को बंधक बनाए जाने का वीडियो जारी किया था और अब यह दूसरा वीडियो है। बीएलए ने कहा था कि उसने 17 पाकिस्तानी सैनिकों को हिरासत में लिया है। हालांकि इसके बाद 10 को रिहा कर दिया गया। समूह के प्रवक्ता
जींद बलोच के हवाले से कहा गया था कि यह कार्रवाई ऑपरेशन हीरोफ का दूसरा चरण है। बयान में यह भी कहा गया कि जिन 10 लोगों को रिहा किया गया है वे जातीय रूप से बलोच थे और स्थानीय पुलिस व्यवस्था से जुड़े [संगीत] हुए थे। हालांकि तब पाकिस्तानी अधिकारियों ने दावा किया था कि सेना का कोई भी जवान चरमपंथियों की हिरासत में नहीं है। अब बीएलए ने नया वीडियो जारी कर पाकिस्तानी सेना [संगीत] के इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल इस ताजा वीडियो पर पाकिस्तान की सेना या सरकार की ओर से कोई भी नया आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब आपको बीएएलए के बारे में भी बता देते हैं। बलोच लिबरेशन आर्मी यानी
बीएलए यह एक अलगाववादी संगठन है जो बलोचिस्तान की आजादी की मांग कर रहा है। 2000 के दशक की शुरुआत में सक्रिय हुआ यह संगठन कई देशों की नजर में आतंकी संगठन है। बीएलए का आरोप है कि बूचिस्तान के गैस, खनिज और दूसरे प्राकृतिक संसाधनों का शोषण हो रहा है और स्थानीय लोगों को उनका हक नहीं मिल रहा। यह संगठन पाकिस्तानी सेना, सरकारी ठिकानों और चीन पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर यानी सीपीईसी जैसे प्रोजेक्ट्स [संगीत] को निशाना बनाता रहा है। हाल के वर्षों में हिंसा और बढ़ी है। उग्रवादी समूहों ने अधिक संगठित हमलों का दावा किया है। जिनमें बम धमाके, सुरक्षा बलों के काफिलों पर हमले और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाना शामिल है। मार्च 2025 में इस समूह ने जाफर एक्सप्रेस के अपहरण की जिम्मेदारी भी ली थी। इस घटना ने उनकी ताकत और पहुंच को दिखाया और देश की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी थी। वहीं पाकिस्तान सरकार
बीएएलए को एक आतंकी संगठन ही मानती है और उसने हमेशा उग्रवादी समूहों से बातचीत करने [संगीत] से इंकार किया है। ताजा वीडियो और बंधक बनाए जाने के दावे यह दिखाते हैं कि बलूचिस्तान में सुरक्षा हालात अब भी तनावपूर्ण है और हिंसा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। देखना है कि पाकिस्तानी आर्मी इन जवानों को अपना मान बचाती है या नहीं। खबर में फिलहाल इतना ही। मेरा नाम है नेहा देमान। कैमरा के पीछे हैं विजय। [संगीत] देखते रहिए द ललन टॉक। शुक्रिया। [संगीत]