Toxic VS Dhurandhar 2 Clash पर क्या बोले Sanjay Gupta? Shahrukh vs Hrithik वाली घटना का ज़िक्र छिड़ा

19 मार्च यानी आज से ठीक 1 महीने बाद टॉक्सिक और धुरंधर 2 के बीच तगड़ा क्लैश होने जा रहा है। इस भिड़ंत से ना तो यश पीछे हटने वाले हैं ना रणवीर सिंह। दोनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फटने वाली है। मगर शायद यह दोनों फिल्में उस आंकड़े से दूर [संगीत] रह जाएगी जितना वो सोलो रिलीज़ होकर कमा सकती थी। कुछ ऐसा ही मानना है काबिल और कांटे के डायरेक्टर संजय [संगीत] गुप्ता का। संजय के मुताबिक भारत में लोगों के पास इतने पैसे नहीं है कि वह बैक टू बैक दो फिल्में देख सके। संजय ने हाल ही में वैरायटी इंडिया से धुरंधर 2 के सिलसिले में बात की थी। उन्होंने बताया

कि उन्हें फिल्म का पहला पार्ट काफी पसंद आया था। इसलिए वो इसके सीक्वल को लेकर काफी एक्साइटेड है। बातचीत के दौरान टॉक्सिक और धुरंधर 2 के क्लैश [संगीत] पर चर्चा छिड़ गई। यह पूछे जाने पर कि वो दोनों में से कौन सी फिल्में देखेंगे। संजय [संगीत] कहते हैं मैं दोनों ही फिल्में देखूंगा। लेकिन दुर्भाग्य से दोनों एक ही समय पर रिलीज हो रही है। लोग दोनों ही फिल्मों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। ऐसे [संगीत] में यह तय है कि यह फिल्में एक दूसरे के बिजनेस को प्रभावित करेंगी। अपनी बात को विस्तार से समझाते हुए संजय ने काबिल और रईस का उदाहरण दिया। 2017 में ऋतिक रोशन स्टारर काबिल शाहरुख की रईस के साथ रिलीज हुई थी। यह उस दौर का सबसे तगड़ा क्लैश था। सैकल के मुताबिक रईस ने 281 करोड़ 45 लाख और काबिल ने 178 करोड़ 10 लाख का कलेक्शन किया था। यह अच्छा नंबर है। मगर दोनों तरफ के लोग आज भी यह कहते हैं कि यदि यह

फिल्में ना टकराती तो और बड़ा बिजनेस कर सकती थी। उस क्लैश का हवाला देते हुए संजय कहते हैं जैसे मेरी फिल्म काबिल रईस के साथ रिलीज हुई थी। अगर दोनों [संगीत] फिल्में अलग-अलग समय पर आती तो दोनों को ज्यादा फायदा होता। हमें यह समझना चाहिए कि हमारा देश बहुत अमीर नहीं है। भारत में हर किसी के पास इतना पैसा नहीं होता कि वो एक के बाद एक दो फिल्में देख आए। कई लोग तो महीने भर में भी दो फिल्में नहीं देख पाते। [संगीत] धुरंधर 2 और टॉक्सिक का यह क्लैश जरूरी नहीं था, लेकिन मेकर्स के ऐसा करने के पीछे अपने कारण रहे होंगे। दोनों फिल्में ठीक-ठाक चलेंगी।

मगर उतनी नहीं जितनी इनकी कैपेसिटी है। टॉक्सिक और धुरंधर 2 को सेम डे रिलीज़ करने [संगीत] का एक बहुत बड़ा नुकसान है वो यह कि ऐसा करने पर दोनों ही फिल्मों को पर्याप्त [संगीत] स्क्रीन्स नहीं मिल पाएंगी। सिनेमाघरों में उनके शोज़ बट जाएंगे जिससे यह मूवीज अपने पोटेंशियल के मुताबिक बिजनेस नहीं कर पाएगी। इस दिक्कत को देखते हुए डिस्ट्रीब्यूटर्स ने शुरुआत में कोई मध्य मार्ग ढूंढने का प्रयास किया था। बावजूद इसके दोनों ही फिल्में [संगीत] टस से मस्तक नहीं हुई। यह तमाम जानकारी मेरे साथी शुभांजल ने

जुटाई है। मैं हूं कनिष्का। आप देख रहे हैं लल्लन टॉप सिनेमा। शुक्रिया। अगर 22 फरवरी को आप लखनऊ में ना यूपी में कहीं भी हैं तो घर पर बैठना बिल्कुल मना है। क्योंकि [संगीत] 22 फरवरी को आपके शहर में होने जा रहा है लल्लन टॉप यूपी अड्डा। जहां आएंगे आपके फेवरेट स्टार्स बिना लाग लपेट के होंगी बहुत सारी बातें। बटेंगे ललन टॉप के गुलाबी तकिए और माहौल होगा फुल्ली चार्ज। अब अगर आपको इवेंट के बाद बढ़िया-बढ़िया रील्स देखते हुए

या जाना चाहिए था वाला फोमो नहीं चाहिए तो 22 फरवरी को अपने सारे कामधाम छोड़िए और तशरीफ लाइए जुपिटर हॉल इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान लखनऊ में। एंट्री सुबह 11:00 बजे से रजिस्ट्रेशन बिल्कुल फ्री फ्री फ्री। एंट्री भी फ्री मगर वाइप प्रीमियम मोड की गारंटी हमारी। बस जाइए दalाल.com पर बैनर पर कीजिए क्लिक और अभी कीजिए रजिस्ट्रेशन। तो मुस्कुराते हुए मिलते हैं लखनऊ में।