इस भीड़ ने भारतीय एयरफोर्स के एक जवान और उनके अध्यापक पिता पर हमला कर दिया। सरेआम उनको बेरहमी से पीटा गया। मामला यूपी के बुलंदशहर के जहांगीराबाद कोतवाली क्षेत्र का है। पुलिस में दी गई शिकायत के मुताबिक 19 फरवरी को इंडियन एयरफोर्स के जवान जिनका नाम प्रथम है। अपने पिता जितेंद्र सिंह के साथ सगाई समारोह से अपने घर जहांगीराबाद लौट रहे थे। करीब शाम 5:00 बजे रास्ते में एक बारात निकल रही थी। डीजे पर कुछ युवक नाच रहे थे और सड़क पर भीड़ थी। आरोप है कि रास्ता बंद होने पर जितेंद्र सिंह ने कार का हॉर्न बजाया। इसी बात पर विवाद शुरू हो
गया। शिकायत में कहा गया है कि आकाश शर्मा नाम के एक युवक की घुड़च हो रही थी। आरोप है कि हॉर्न बजाने की वजह से नाराज होकर आकाश शर्मा, अशोक शर्मा, धर्मेंद्र, सचिन और उनके साथियों ने गाली गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर बीच सड़क पर मारपीट हुई। तहरीर के मुताबिक आरोपी शराब के नशे में थे और उनके हाथ में बोतलें थी। आरोप है कि आकाश और अशोक ने लोहे और स्टील के रोड से हमला किया जबकि बाकी लोगों ने डंडों से पीटा। जिसकी वजह से जितेंद्र सिंह सड़क पर गिरकर बेहोश हो गए। पिता और बेटे दोनों को ही गंभीर चोटें आई हैं। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में कुछ लोग इंडियन एयरफोर्स के जवान को लातघसों से मारते हुए दिख रहे हैं। हालांकि वीडियो की पुष्टि नहीं की जा सकती। पीड़ित परिवार का कहना है कि मारपीट के दौरान जितेंद्र सिंह की सोने की चैन और हाथ की घड़ी भी टूट कर गिर गई। आरोप है कि भीड़ चुटकने के बाद हमला करने वालों ने जान से मारने की धमकी दी और वहां से
चले गए। पुलिस ने जितेंद्र सिंह की शिकायत पर आकाश शर्मा, अशोक शर्मा और अन्य के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर ली है। वायरल हुए वीडियो के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं उत्तर प्रदेश के कानपुर में भी एक इंडियन एयरफोर्स के जवान ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है। मामला घाटमपुर थाने से जुड़ा है। इंडियन एयरफोर्स के जवान नितीश ने आरोप लगाया कि थाने ले जाकर उन्हें 70 से 80 थप्पड़ मारे गए और इतना पीटा गया कि कान का पर्दा तक फट गया। नितीश की मां रेखा सचान ने डीसीपी साउथ दफ्तर पहुंचकर लिखित शिकायत दी है। इसके बाद अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं। नितीश सचान घाटमपुर थाने क्षेत्र के देवमनपुर गांव के रहने वाले हैं। घटना पर नितीश की मां ने बताया कि 19 फरवरी को वह नौरंगा गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए गया था। देर रात करीब 11:30 बजे वह मोसानगढ़ रोड के एक गेस्ट हाउस से पैदल घर लौट रहा था। इसी दौरान पुलिस की पेट्रोलिंग टीम ने उसे रोक लिया। नीतीश ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उसके साथ अभद्रता की और बिना किसी वजह के पूछताछ शुरू कर दी। यह भी आरोप है कि जब नीतीश ने इनका विरोध किया और मोबाइल से वीडियो बनाने लगा तो एक पुलिसकर्मी ने
उसका फोन छीन लिया और उसे गाड़ी में बैठाकर थाने ले गया। उसने कहा कौन हो? मैंने बोला मेरा नाम है तो बोले पापा क्या मैंने बोला पापा नहीं है तो बोला कि होगा तो उसको बोला कि फौजी चोर होते हैं और मेरा पकड़ लिया तो चुरायार चुराया तो ये फट गया और मैंने फिर वीडियो बनाना स्टार्ट किया तो चुरा लिया मेरा हाथ और दो चार लोग और मुझे गाड़ी में डाल के पानी ले आया में यहां पे बहुत कम से कम 70 80 थप्पड़ मारे हुए हैं। पीठ में मारा हुआ है। कान में मारा हुआ है। पर्दा फाड़ दिया है कान का। परिवार का कहना है कि थाने में उसे हवालात में बंद कर दिया गया और मारपीट की गई। इस दौरान उसके बाएं कान में गंभीर चोट आई है। बाद में उसे खाटमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां से फिर डॉक्टरों ने उसे कानपुर
रेफर कर दिया गया। मां ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस उसे आगे के इलाज के लिए कानपुर नहीं ले गई और शांति भंग की कारवाही के बाद छोड़ दिया। इसके बाद परिवार वाले उसे खुद कानपुर के सेवन एयरफोर्स अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां जांच में कान का पर्दा फटने की पुष्टि हुई। फिलहाल उनका इलाज चल रहा है और हालात स्थिर बताई जा रही है। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने कहा कि जवान की मां से शिकायत मिली है। मामले की जांच एडीसीपी योगेश कुमार को सौंपी गई है। उनका कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कारवाई की जाएगी। तो फिलहाल इस खबर में इतना ही। आपकी इस खबर पर क्या राय है? हमें कमेंट करके जरूर बताएं। मेरा नाम आसिफ है। कैमरे के पीछे हमारे साथी दानिश हैं। देखते रहिए द एलन टॉप। शुक्रिया।