उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक दुकान के सामने सफाई कर्मी के कूड़ा फैलाने का सीसीटीवी वीडियो वायरल हुआ। इस घटना को लेकर एक्स पर एक पत्रकार की पोस्ट या ट्वीट भी सामने आया। जिसमें स्थानीय पत्रकार शाहनवाज ने आरोप लगाया कि बुद्ध बाजार में तल्हा की जूस, कोल्ड ड्रिंक और कॉफी की दुकान है। तल्हा की दुकान पर ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है और इससे पड़ोसी दुकानदार चिढ़ने लगा। फिर पड़ोसी दुकानदार ने नगर निगम के सफाई कर्मी अजय से कूड़ा फैलवाया और नगर निगम में इसकी शिकायत कर दी। पत्रकार के दावे के अनुसार इसके बाद अधिकारियों ने तल्हा की दुकान खाली कराने के लिए नोटिस जारी कर दिया। हालांकि दुकान मालिक और नगर निगम का कहना है कि ऐसा कोई भी नोटिस नहीं दिया गया और सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावे गलत हैं। अब इसी ट्वीट को
लेकर तीन लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें शाहनवाज, बगीरा और रहीमुद्दीन के नाम शामिल है। एफआईआर अमल वाल्मीकि की शिकायत पर दर्ज की गई। अमन सफाई कर्मचारी अजय [संगीत] का बेटा है। तहरीर में कहा गया है कि 17 फरवरी को जानकारी मिली कि शाहनवाज नाम के एक पत्रकार ने एक्स पर एक पोस्ट की। पोस्ट में नगर निगम को बदनाम करने और समाज में वैमनसता फैलाने वाले गलत और भ्रामक तथ्य लिखे गए। तहरीर में यह भी लिखा गया है कि शाहनवाज की पोस्ट पर कुछ लोगों ने कमेंट किया। जैसे रहीमुद्दीन इदरीसी ने लिखा मुसलमान से नफरत में कितने अंधे हो गए हैं लोग। 2014 के बाद से यह हो रहा है। वहीं बगीरा ने लिखा
मुस्लिम को फंसाना, साजिश करना, जेल भेजना वगैरह कितना आसान हो गया है। तहरीर में यह भी कहा गया है कि उस पोस्ट पर कुछ लोगों ने ऐसे कमेंट्स लिखे जिनसे समाज में तनाव पैदा हो सकता है। इसलिए पुलिस से रिक्वेस्ट की गई है कि शाहनवाज की पोस्ट के [संगीत] संबंध में कानूनी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की जाए। साथ ही पोस्ट डिलीट की जाए और संबंधित एक्स अकाउंट के खिलाफ कारवाई की जाए। अब इस पूरे मामले को सिलसिलेवार तरीके से समझिए। 17 फरवरी को पत्रकार शाहनवाज ने एक्स पर पोस्ट की लिखा कि मुरादाबाद में तल्हा की जूस, कोल्ड ड्रिंक और कॉफी की दुकान है। माल अच्छा बेचते हैं तो तल्हा साहब की दुकान पर ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है। तल्हा के रोजगार से पड़ोसी
दुकानदार चिढ़ने लगा। फिर रची गई साजिश। पड़ोसी दुकानदार ने सफाई कर्मियों को पैसे खिलाए और तल्हा की दुकान के सामने डस्टबिन में रखा कचरा फैलवा दिया। फिर स्वच्छ भारत मिशन के तहत गंदगी फैलाने का आरोप लगाया। नगर निगम के अफसरों से शिकायत की गई। उन्होंने आगे लिखा कि नगर निगम अफसरों ने नोटिस जारी कर तल्हा मियां पर दुकान खाली करने का दबाव बनाया। मगर तल्हा ने दुकान खाली नहीं की। मामला पुलिस तक जा पहुंचा। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो साजिश का पर्दाफाश हुआ। मुरादाबाद बुध बाजार की इस घटना से नकाब उठने के बाद पूरी दुनिया नगर निगम के साजिशकर्ताओं के मुंह पर थूक रही है। यह उनकी पोस्ट में लिखा था। घटना पर दुकानदार तल्हा शमीम ने भी बताया कि नगर
निगम की ओर से उन्हें सिर्फ फोन पर जानकारी दी गई। बताया गया कि आपके खिलाफ गंदगी फैलाने की शिकायत मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद सफाई कर्मचारी की हरकत सामने आई। फिर उस कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया गया। उनके मुताबिक नगर निगम ने कोई नोटिस जारी नहीं किया और वायरल पोस्ट से उनका कोई लेना देना नहीं है। तल्हा ने और क्या-क्या कहा सुनिए। ऐसेसे हमें एक दुकान हमारे किसी नगर निगम के बंदे ने या जिसने भी हमें उसका नाम तो नहीं पता था। वो ऐसेसे वीडियो हमारे पास फोन आया था कि आपके खिलाफ जो है कंप्लेंट है और आप कूड़ा पिला के जाते हो। उन्होंने कहा नहीं हम तो सब साफ सफाई करा के जाते हैं। तो वो बोले के नहीं आपके लिए जो है कंप्लेंट हुई हुई है। हमने
उसके अपना सीसीटीवी फुटेज दुकान के हमने निकाल के उनको दी और उसमें साफ जाहिर हुआ कि हमने कूड़ा नहीं फैलाया। उसमें कोई और कूड़ा फैला रहा था। और मैं नगर निगम में आज ये एप्लीकेशन भी देकर आया हूं के जो भी ट्वीट आज सुबह हुआ है वो ट्वीट ना मैंने उसमें कोई अपनी बाइट दी है ना मैंने उसमें कुछ कहा है। वो ट्वीट किसने किया? क्यों किया? कैसे किया? इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है। उधर बर्खास्त किए गए सफाई कर्मचारी अजय ने पड़ोसी दुकानदार से पैसे लेकर साजिश कूड़ा फैलाने की बात से इंकार किया है। उसने दावा किया है कि पैसों के विवाद के कारण गुस्से में आकर उसने ऐसा कर दिया था। मैं अपनी प्राइवेट नगर निगम में ड्यूटी करने के बाद में प्राइवेट काम करता था उसका। उन्होंने मुझसे कहा बोला हाजी भैया तू मुझसे पैसे ले ले कर और यहां की सफाई कर देगा। मैं चल ठीक है भाई कर दूंगा। मैं अपनी ड्यूटी निपटाने के बाद में तो फ्री हूं मैं
तो मैं चल दो चार पैसे मिलेंगे तो मेरे बच्चों का काम आएंगे वो तंका तो ये है कि महीनों में कई बार आती है कभी टाइम लग जाएगा कभी जल्दी आ जाए कभी देर से आती है। मैं चल ₹4 काम कर लेंगे। मैं चलो ठीक है झाड़ू लो ₹500 महीना दूंगा तुम्हें। मैं चल ठीक है भैया तीन महीने हो गए काम करतेकरते मांगने जाता था पैसे कि शाम को आइयो सुबह को आइयो और दे दूंगा दोपहर को आ जाइयो मैं चल ठीक है अब एक दिन रात को पहुंचा मेरे बच्चे अस्पताल में पड़े थे मैं गया उसके पास पैसे मांगने भैया पैसे दे दे यार मेरे बच्चे अस्पताल में तो यही नाटक है उन्होंने मुझे गाली बक के भगाया तो वो साला जो तुझसे उखाड़ा तू घेर ले जा ये कर ले जितनी तेरी इच्छा हो बस ये गलती मुझसे हुई है जो मैंने उसका कूड़ा फेंका। इस मामले में नगर निगम के अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह ने बताया कि यह घटना 8 फरवरी को हुई। सफाई कर्मचारी ने डस्टबिन से कूड़ा फैलाया। इसकी पुष्टि हुई थी। सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद कर्मचारी को तुरंत हटा दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि किसी दुकानदार को दुकान खाली करने का कोई नोटिस नहीं दिया गया था। सोशल मीडिया पर किए गए दावे भ्रामक है। आज
संज्ञान में आया है कि कोई एक ट्वीट है जिसमें यह कहा गया है कि हम नगर निगम के द्वारा उस दुकानदार को कोई नोटिस दिया है और उसको दुकान खाली करने के लिए कहा है। जबकि उसके द्वारा खुद यह कहा गया है कि नगर निगम के किसी भी विभाग के द्वारा हमें कोई नोटिस नहीं दिया गया। जहां तक उस कर्मचारी की बात है उसको तो हमने पहले ही निकाल दिया था और यह घटना पूरी तरीके से गलत है और जिसके द्वारा भी यह ट्वीट किया गया है हम जो है इसकी जांच करके और इसके विरुद्ध जो है कुछ वैधानिक कारवाई करेंगे। फिलहाल इस मामले में वायरल पोस्ट और उस पर किए गए कमेंट्स को लेकर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। जांच जारी है। नगर निगम और दुकान मालिक दोनों ही सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों को गलत बता रहे हैं। मगर मामले की बाकी जानकारियों को लेकर अब भी सोशल मीडिया पर चर्चा तेज है। [संगीत] ऐसे में आप इस मामले पर क्या
सोचते हैं? हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं। आपके लिए तमाम जानकारी जो उठाकर इस वीडियो की स्क्रिप्टिंग की है हमारे साथी आसिफ हसरात ने। मैं हूं शेख नावेद। देखते रहिए ललन टॉक। मुस्कुरा रहे हैं हम और मुस्कुराइए आप क्योंकि लखनऊ में होने जा रहा है लल्लन [संगीत] टॉप अड्डा। 22 फरवरी को पहुंचिए जुपिटर हॉल इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान लखनऊ।