अली खामेनेई की मौत पर महिला जश्न का कारण क्या है, हिजाब को लेकर महसा अमीनी विरोध क्या था
अली ख्वाब नहीं अली ख्वाब नहीं अमेरिका इजराइल के साझा हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयातुल्लाह अली खामने की मौत हो गई है। ईरान में जहां उनकी मौत के बाद गम का माहौल है। वहीं कुछ महिलाओं ने उनकी मौत का जश्न भी मनाया है। वीडियो सामने आई है। आखिर क्या है इस जश्न के पीछे का कारण? चलिए इस वीडियो में हम आपको समझाते हैं। दरअसल ईरानी सुप्रीम लीडर खामा की अमेरिका और इजराइल हमले में मौत के बाद पूरे ईरान में मातम छाया हुआ है। ईरान टीवी न्यूज़ एंकर खामोनई की मौत की खबर पढ़ते हुए फूट-फूट कर रोने
लगे। एक ईरान टीवी एंकर खामोनई की मौत की खबर सुनाते हुए ऑन एयर रो पड़े। इसके अलावा एक महिला एंकर भी फपक-भपक कर रोने लगी। ईरानी एंकरों ने अमेरिका को धमकी देते हुए कहा कि डोनाल्ड ट्रंप को वो कीमत चुकानी पड़ेगी जो किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने [संगीत] कभी नहीं चुकाई। आपको बता दें अमेरिका इजराइल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामोनेई की रविवार सुबह 86 साल की उम्र में जान चली गई है। जहां पूरे ईरान में गम का माहौल है वहीं कुछ महिलाओं ने सेलिब्रेशन की वीडियो पोस्ट की है। दरअसल ईरान में अशांति के बीच कुछ वक्त पहले एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें
एक महिला ने खामनानई की फोटो जलाकर उससे सिगरेट जलाई थी। खामनानई की मौत के बाद इस महिला का नया वीडियो सामने आया है। खामनई की मौत पर महिला खुशी से झूमती नजर आ रही है। इस महिला ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर रविवार 1 फरवरी को एक पोस्ट शेयर किया। कनाडा की रहने वाली मसिया एडमम्स नाम की इस महिला ने कनाडा से ही ईरान सरकार के खिलाफ एक रैली में पार्टी करते हुए अपना एक वीडियो पोस्ट किया है। मसिया एडमम्स खुद को ईरानी रिफ्यूजी बताती हैं। खामनई की मौत पर महिला ने लिखा मैंने कहा था
कि हम तुम्हारी कब्र पर नाचेंगे। है ना? कनाडा में चल रही पार्टी में यह महिला ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत पर डांस करती नजर आई। खामनई की मौत के बाद मोटिसिया एडम्स ने एक के बाद एक कई पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर किए हैं। [संगीत] वहीं एक और महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इस महिला का नाम मरियम है। कहा जा रहा है कि खामनई की मौत पर यह आंसू नहीं रोक पा रही। उनके यह खुशी के आंसू हैं कि खामनई अब इस दुनिया में नहीं रहे। सोशल मीडिया पर इसको लेकर भी काफी हंगामा मचा हुआ है। दोनों महिलाओं को काफी ट्रोल किया जा रहा है। नहीं हूं दादा। खोमी नहीं हूं दादा। खो नहीं हूं दादा। [हंसी] नहीं [हंसी] [हंसी] [हंसी] [हंसी] बोल बोल
बोल दैन कैप्टन जो [हंसी] [हंसी] दरअसल सितंबर 2022 में 22 साल की कुर्द ईरानी युवती महसा अमीनी को ईरान की मोरालिटी पुलिस ने कथित तौर पर सही हिजाब ना पहनने के आरोप में हिरासत में लिया था। हिरासत के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद पूरे ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए जिन्हें वुमेन लाइफ फ्रीडम जन जिंदगी आजादी आंदोलन के नाम से जाना गया। दरअसल ईरान में सुप्रीम लीडर के तौर पर अली खामनई का अंतिम राजनीतिक धार्मिक अधिकार माना जाता है। महिलाओं के उनके विरोध का कारण है अनिवार्य हिजाब कानून, मोरालिटी पुलिस की कार्यवाही, अभिव्यक्ति की आजादी,
महिलाओं के अधिकार, बेरोजगारी, महंगाई और राजनीतिक सुधार की मांग। इन्हीं कारणों की वजह से कुछ महिलाओं में खामोनई के खिलाफ विरोध देखा जाता है। फिलहाल इस वीडियो में इतना ही। आप क्या कहेंगे? कमेंट सेक्शन में हमें लिखकर जरूर बताएं। वीडियो को लाइक करें, शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना बिल्कुल ना भूलें।


