कि हिंदी सिनेमा के सबसे बेहतरीन अभिनेताओं में से एक हैं दिलीप साहब का भी हाल में निधन हो गया और उनके निधन पर सभी लोगों ने शोक व्यक्त किया हिंदी सिनेमा के दो दिग्गज कलाकार थे जिन्होंने अपने ना सिर्फ मोसे पहचान बनाई बल्कि देश-विदेश में इनका डंका बजा मौजूदा दौर में भी बड़े से बड़ा सुपरस्टार दिलीप साहब के आगे सर झुकाए खड़ा रहता था लेकिन यह सितारा अब हमारे बीच में नहीं रहा अगली सामने अपने शानदार फिर भी सफर के दौरान कई सारी सुपर डुपर हिट फिल्मों में काम किया है यह फिल्मों की बात करें तो सौदागर जैसी कई सारी फिल्में है लेकिन ही शानदार फिल्मी सफर के दौरान दिलीप साहब ने कुछ गलतियां भी की जिन गलतियों का खामियाजा भी उन्हें भुगतना पड़ा दरअसल कुछ गलतियां दिलीप साहब की
फिल्मों की कास्टिंग को लेकर भी सामने आई थी पर यहां हम आपको इस बात की जानकारी देना चाहेंगे कि 1975 की सबसे ब्लॉकबस्टर फिल्म शोले का ऑफर भी लिप्सा हक पाया था लेकिन दिलीप साहब ने इस फिल्म में काम करने से मना कर दिया था और पत्रिका में छपी एक एक्सक्लूसिव खबर के मुताबिक है साहब का इस फिल्म से न जुड़ने का कारण बताया गया अब सोने की बात करें तो धर्मेंद्र हेमा मालिनी और अमिताभ बच्चन स्टारर यह फिल्म उस समय की कितनी ब्लॉकबस्टर थी यह हमें बताने की जरूरत नहीं है यह हिंदी सिनेमा जगत के इतिहास की उन चुनिंदा फिल्मों में से एक है जिन फिल्मों कुमारी आज भी बरकरार है और फिल्म से जुड़े सभी किरदार इतने ज्यादा बेहतर इन थे किरदारों को लोग आज भी पसंद करते हैं वैसे तो फिल्म
का हर किरदार दर्शकों को काफी पिछड़ रहा है लेकिन हर कोई चाहता था क्यों गब्बर का किरदार निभाए हैं फिल्म में ठाकुर के रोल के आसपास ही फिल्म की कहानी घूमती थी फिर मैं ठाकुर का किरदार अभिनेता संजीव कुमार में निभाया था लेकिन दोस्तों कि आप जानते हैं इस फिल्म में ठाकुर के किरदार के लिए सबसे पहले दिलीप साहब को अप्रोच किया गया था यहां आपको इस बात की जानकारी देना चाहेंगे जब शोले फिल्म सीपी साहब बना रहे थे तो उन्होंने दिलीप साहब को इस फिल्म का ऑफर दिया था और ठाकुर का किरदार करने को कहा गया था कि दिलीप साहब ने रोल करने से मना कर दिया यही नहीं ठाकुर के रोल को ठुकराते हुए दिलीप साहब ने यह भी कहा था कि रोल में कोई ड्यूटी नहीं है लेकिन जब फिल्म रिलीज हुई तो फिर
मैं ठाकुर किरदार से संजीव कुमार को बहुत ज्यादा पसंद किया जाने लगा है तो दिलीप साहब को इस बात का ठोस प्रस्ताव यज्ञ साहब ने सोचा कि ठाकुर का किरदार एक कमजोर किरदार है बिना हाथों के वह इस फिल्म में नजर आएंगे तो शायद उनकी इमेज पर इसका बुरा प्रभाव पड़ सकता है वैसे जब संदीप कुमार को इस फिल्म का ऑफर आया उठा दूंगी किरदार के लिए उन्हें अप्रोच किया गया तो संजीव कुमार ने बिना झिझके हुए इस फिर मैं काम करने के लिए हामी भरती हुए दिलीप साहब ने इस फिल्म को ठुकराते हुए यह सोचा कि शायद यह फिल्म कुछ खास कमाल नहीं कर पाई लेकिन हुआ
इसके उलट करियर के हिसाब से देखें तो शोले फिल्म अमिताभ बच्चन के लिए काफी ज्यादा बेहतर साबित नहीं अमिताभ बच्चन लत से पहले इस फिल्म में हीरो का किरदार शत्रुघ्न सिन्हा निभाने वाले थे लेकिन धर्मेंद्र के कहने पर अमिताभ बच्चन को इस फिल्म में काम मिला था हालांकि फिल्म की कास्टिंग को लेकर कई सारे बदलाव भी किए गए लेकिन कुल मिलाकर सभी के तार बिल्कुल फिट बैठे यहां आपको इस बात की जानकारी देना चाहेंगे कि फिर मैं खबर के किरदार के लिए कैसे सच की खोज की जा रही थी जो किरदार के साथ बिल इंसाफ कर सकें और अमजद खान से पहले इस
फिल्म के किरदार के लिए एक्टिव डैनी डेंजोंगपा को फिल्म निर्माता खबर के लिए दिखाया जाना था लेकिन उस वक्त डेनिश एक बड़ी फिल्म का हिस्सा हैं जिस पर प्रणाम धर्मात्मा और यह फिरोज खान साहब कि फिल्म थी इस वजह से डेली ने खबर के रोल के लिए मना कर दिया जिसके बाद पेरोल अमजद खान को ऑफर किया गया और अमजद खान ने कपूर के किरदार को कर उसे और खुद को अमर बना और साल बाद भी आमिर खान की एक्टिंग पर दर्शकों ने जोरदार तालियां बजाते हैं वहीं दूसरी ओर अगर शोले
फिल्म के अगर सेक्टर्स की बात करें तो इस फिल्म को 15 अगस्त 1975 को रिलीज किया गया था फिल्म रिलीज होते ही सुपरहिट साबित हुई थी और फिर की कहानी सलीम-जावेद ने लिखी थी वहीं निर्देशक रमेश सिप्पी ने फिल्म को बनाया था उस जमाने फिल्म 30 मिलियन के बजट में बनी थी और साढ़े 30 की जोरदार कमाई भी की थी फिर मैं अमिताभ बच्चन जया बच्चन धर्मेंद्र और हेमा मालिनी भी मुख्य भूमिका में दिखाई दिए थे हुआ है