विदेश से सोना और कैश लाने की नई लिमिट

देखिए कितना गोल्ड जैसे जो एक एक फिगर लिखी होती है कि इतना गोल्ड इतने पैसे या इतने इतने पैसों का आइटम आप कैरी कर सकते हैं। तो अगर मैं आपसे पूछूं कि कितना गोल्ड अलाउड है कॉमन आदमी इररेिस्पेक्टिव ऑफ़ वीआईपी वीवीआईपी में से कितना गोल्ड एक सरकार की तरफ से भारत सरकार की तरफ से अलाउड है लेकर के आना बाहर से कितना पैसे कैरी करके अलाउड हैं और अगर कोई ऐसे लग्जरी आइटम्स हैं उनकी वैल्यू्यूएशन क्या होनी चाहिए जो कि आप भारतीय जो संहिता है जो लॉ है उसके अंदर होती है हम ये अभी जो रिसेंट बजट मैं उसके रेफरेंस में बताता हूं के अगर लेडी पैसेंजर आ रही हैं तो उनको 40 ग्राम तक की ज्वेलरी अलाउड है हम पहन के आना कि कैरी कर नहीं कैसे भी कैरी कर रहे हो या पहन के आ रहे हो और अगर मेल है तो उसको 20 ग्राम की 40 ग्राम और 20 ग्राम 20 ग्राम लेकिन

अगर रॉ शेप में आता है बिस्किट है या किसी और तरह से वो बिल्कुल अलाउड रॉ रॉ बिस्किट्स वगैरह नहीं अलाउड है बिल्कुल भी अलाउड नहीं है इट इज़ प्रोहिबिटेड और इसमें एक सबसे इंटरेस्टिंग बात यह है कि बहुत कम लोगों को पता होगा कि जो गोल्ड की रेस्ट्रिकशंस है गोल्ड स्मगलिंग की गोल्ड को नहीं लाने की वो रेस्ट्रिक्शन कस्टम एक्ट में नहीं है। हम वो फेमा के अंदर है। ओके और वो जब मैंने भी किसी से डिस्कशन किया कि ये फेमा में क्यों है? हम तो मुझे ये आंसर मिला के गोल्ड की रेस्ट्रिक्शन फेमा के अंदर इसलिए है कि जितनी गोल्ड की स्मगलिंग होगी हम स्मगलिंग का मतलब हो गया कि वो इललीगल तरीके से आ रहा है। तो उसका पैसा भी बाहर जाएगा इललीगल तरीके से।

ओके? और वो पैसा बाहर जाएगा तो इंडियन करेंसी तो नहीं जाएगी। वो फॉरेन एक्सचेंज ही जाएगा। तो इन ऑर्डर टू सेव दैट फ्लो ऑफ़ मनी फ्रॉम इंडिया टू अदर कंट्री। वो उसकी जो रेस्ट्रिक्शन है वो फैमा में। फेमा में आई है। हम ये तो आपने बताया कि गोल्ड 40 ग्राम और 20 ग्राम आपने बताया। आपने बोला कि गोल्ड कॉइंस या फिजिकल फॉर्म रॉ फॉर्म ऑफ गोल्ड वो नहीं अलाउड है और पैसे कितने अलाउड है? कैश कितना अलाउड है? कैश ऐसा है कि $5,000 तक अलाउड था। अभी शायद 10,000 किया उन्होंने कि $00 तक लेके आ सकते हैं। जिसमें $5,000 कैश होना चाहिए। 5,000 ट्रेवलर चेक किया या उस शेप में हो सकता है। और आपने से अभी लग्जरी वॉचेस के बारे में बताया। ये ये वैल्यू्यूएशन कितनी होनी चाहिए कि क्या लिमिटेशन होगी? हां मैं बताता हूं। इसमें जो नॉर्मल रूल्स हैं वो ये है कि जो बैगेज रूल्स हैं उसमें यह होता है कि जो

बोनाफाइड बैगेज है एक्चुअली इनके रूल्स अलग बने हुए हैं। बैगेज रूल्स बोलते हैं उनको। तो जो बोनाफाइड बैगेज है बोनाफाइड बैगेज मींस के जो मैं कपड़े पहनता हूं जो जूते पहनता हूं जो चीज टॉयलेटरीज हैं जो नॉर्मली मैं कैरी करता हूं कहीं भी इंडिया में भी आने जाने के लिए इसी तरह बाहर भी कैरी करता हूं। वो तो विदाउट लिमिट अलाउड है। हम उसके अलावा अगर मैं कुछ और चीजें खरीद के लाता हूं लग्जरी गुड्स हैं या महंगी चीजें इन एडिशन टू दैट जो बेनिफिट बैगेज है वो इस बजट में उन्होंने 75,000 तक पर पैसेंजर वो भी अलव किया हुआ है। [संगीत] इफ इट इज़ मोर देन दैट तो फिर वो उसको टैक्स पे करना पड़ेगा। उसको

रेड चैनल पे जाके डिक्लेअ करना पड़ेगा। मतलब जो मैं मैं समझ पा रही हूं आपकी बात से यह कि अगर जो आपके रेगुलर यूसेज वाले आइटम्स हैं भले वो लग्जरी आइटम्स हो आपने वॉच पहन रखी हो या आप अपनी वॉच कैरी कर रहे हो जो आपकी यूज्ड आइटम्स हैं उनका आपको अलाउड है लेकिन अगर आप कुछ परचेस करके आ रहे हैं उसकी वैल्यू्यूएशन ₹75000 होनी चाहिए। हां इसको ऐसा समझ सकते हैं कि जो बोनाफाइड बैगेज है वो बोनाफाइड बैगेज में जैसे अब शूज हैं मैं नए भी खरीद के पहन लिए मैंने तो दैट इज आल्सो जैसे हाई हाई एंड ब्रांड्स जो होते हैं उनके आप अगर शूज अगर आप दो तीन लाख के भी जूते पहन रहे हैं आप 10 20 लाख की वॉच पहन रहे हैं जो आपका यूसेज में उसको लेकर के इशू नहीं है लेकिन जो आप परचेस करके आ रहे हैं यस उसके लिए इशू है उसके लिए इशू है आपने ये किताबें लिखी हैं इसमें बहुत सारी इवेशन टैक्टिक्स के बारे में भी है पांच किताबें हैं अभी मैं इन पे जैसा मैंने बोला था बात करूंगी एक-एक करके लेकिन जो गोलनोरा है

इसको पढ़ रही थी तो इसमें इवेशन टैक्टिक्स की को लेकर के बहुत डिटेल में आपने लिखा है। ये बहुत लोगों के लिए तरीका भी होगा बट ऑब्वियसली बीइंग एन ऑफिसर मुझे पता है कि आप का ये सब लोग कर चुके हैं। आप लोग देख चुके हैं और इंटरसेप्ट हो चुके हैं। जब किसी भी अ स्मगलर की प्रोफाइलिंग होती है तो जो जैसे मैंने बोला एक ऑफिसर का एक इंट्यूशन होता है। एक एक कैच होता है। ऐसा कोई इंसिडेंट आपके टेन्योर में रहा हो जो जैसे आपने एक इंसिडेंट शेयर किया। आपके टेन्योर में ऐसा कोई इंसिडेंट कि जो आपको इंस्टेंट जो एक होता है आपको एक थॉट आई और आपने इंटरसेप्ट किया उस इवेशन को। हां नहीं ऐसे तो बहुत सारे इंसिडेंट्स हुए। अगर ऐसा कोई इंसिडेंट जो बहुत ही वियर्ड रहा हो या जो आपको लगता हो कि आप ऑडियंस के

साथ शेयर करना चाहते हो। मैं अगर ऑडियंस के साथ शेयर करूंगा तो वो इंसिडेंस ऐसा है जो एक तरह से मैच्योर नहीं हुआ था। हम हम मैं बोलूंगा कि उसमें शायद इंफॉर्मेशन लीक हो गई होगी। इंफॉर्मेशन भी लीक हो जाए। इन लीक हो गई होगी। एक और शायद वही मेरे जॉब छोड़ने का कारण भी बना हो हम के एक इंफॉर्मेशन इनफॉर्मर ने मुझे दी। वो इंफॉर्मेशन जो थी चार और ऑफिसर से शेयर हुई। बाकी किसी से शेयर नहीं हुई। हम तो वो चारों आईआरएस क्लास वन बड़े सीनियर ऑफिसर्स थे। उनके साथ शेयर हुई। हम नेक्स्ट डे जब वो फ्लाइट आई वो सब डैमेजिंग हुई स्क्रीनिंग हुई या सब कुछ हुआ 100% हुआ नथिंग वाज़ रिकवर्ड हम तो उसके बाद मुझे पता लगा किसी से कि ये मैं किसी फ्रेंड के पास बैठा था। वहां से पता लगा कि बाहर जो ये नॉर्मल छोटे-छोटे कैरियर्स आते हैं बैंकॉक से उस वक्त आया करते थे। हम दिस वास नोन टू एवरीबॉडी के आज डिपार्टमेंट के पास गोल्ड की बहुत अच्छी इंफॉर्मेशन है। हम इंस्पाइट ऑफ द फैक्ट कि जो मेरा इमीडिएट सीनियर था उसको भी नहीं पता था कि ये इंफॉर्मेशन है। हम लास्ट मोमेंट तक हम तो अ तब

मैंने अपने सीनियर को बोला के दो-तीन दिन बाद कि ये इंफॉर्मेशन लीक हुई है कहीं से। हम तो उन्होंने कहा ऐसा नहीं हो सकता। तो मैंने उनको बोला कि पांच लोगों के बीच में इंफॉर्मेशन थी। इनफॉर्मर मेरा कल्टीवेट किया हुआ था। हम अगर मेरे से लीक होनी होती तो मैं किसी से इंट्रोड्यूस ही नहीं करवाता उसको। हम तो अब बाकी रह गए अब चार लोग। हम तो अब मैं किसी पे कमेंट नहीं कर सकता कहां से लीक हुई, कहां से नहीं हुई क्योंकि इससे पहले तक कुछ इस तरह का कल्चर था डिपार्टमेंट में कि अगर एक इंफॉर्मेशन दी जा रही है तो राइट फ्रॉम बॉटम टू टॉप ये इंश्योर किया जाता था चाहे कितना भी प्रेशर हो हम कि दिस केस हैज़ टू बी बिल्ड अप। इसको खड़ा करना है। हम ये रहता था। हां ये ऐसा था। लेकिन यह एक पहला इंसिडेंस आया आप 96 की बात कर हां ये मैं बात कर रहा हूं। यह होगा 92 या 93 का। ओके। तो जिसमें के ये कहीं से लीक हो गई इंफॉर्मेशन और वो पैसेंजर नहीं आया या किसी और फ्लाइट से आया हो हमें पता नहीं। हम तो लेकिन वो जो हमारे पास इनेशन थी वो मैच्योर नहीं हुई और हमारा इनफार्मर तब लास्ट तक

इंसिस्ट करता रहा कि नहीं इसमें गोल्ड आया था। ओके। हां। तो फिर मुझे लगा कि नहीं अब शायद कल्चर डिपार्टमेंट का बदलता जा रहा है। हम तो इसको छोड़ना अच्छा है। हम अपना अपनी प्रैक्टिस स्टार्ट करते हैं। प्रेशर वर्क प्रेशर की आप बात कर रहे हैं। ऐसा प्रेशर होता है कि डिपार्टमेंट के ऊपर पॉलिटिकल प्रेशर कि नहीं इंटरसेप्ट करना है। और यह प्रेशर कितना बड़ा होता है। कहां इसको डायरेक्ट नहीं कह सकते कि पिटिकल प्रेशर होता है। नहीं डायरेक्ट नहीं कह सकते क्योंकि पॉलिटिकल प्रेशर कभी डायरेक्ट नहीं आता। पॉलिटिकल प्रेशर भी रूट हो के आएगा तो ब्यूरोक्रेट से ही रूट हो के आएगा। और वो तो बहुत कितना कॉमन है? कितना वो तो बहुत कॉमन है। फ्रीक्वेंट है और ये जनरली किन के लिए ये प्रेशर आता है? हां जी। ये प्रेशर जनरली किनके लिए आता है? ब्यूरोक्रेट्स के लिए आता है। हां। ये जैसे मैंने आपको बताया कि अभी मैंने आपको एग्जांपल दिया कि एक रिच आदमी था। रिचेस्ट आदमी था। रिचेस्ट रिच। नंबर वन इनकम टैक्स पे ही मैंने आपको यह भी बोला। ओके। तो अब उसके जो रिसीव करने आ रहा है वो उस

को लेके आ रहा है। कार्ड भी बनवा के आ रहा है। अब कार्ड बनाने का काम जो है अंदर आने का वो कस्टम्स का नहीं है। वो सिक्योरिटी का है। वो सिक्योरिटी को भी कॉन्फिडेंस में लेता है। वो भी प्रोटोकॉल करते हैं। इसका मतलब वो भी उनको कार्ड बना के देते हैं। मैं और आप जाएंगे तो नहीं बना के देंगे। सिर्फ रिसीव करने के लिए के तो लेकिन उनके वो सब चलता है तो जो भी ये कहने का मतलब है कि जो बहुत रिच लोग हैं हम उनके लिए भी ये प्रोटोकॉल चलता है। ये प्रिविलेज चलता है। बेंड हो जाते हैं। उनके लिए बेंड हो जाता है। जो सीनियर ब्यूरोक्रेट्स हैं उनके लिए हो जाता है। हम और पॉलिटिशियंस का डायरेक्ट नहीं होता तो थ्रू ब्यूरोक्रेट हो जाता है।

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