सोशल मीडिया पर इन दिनों एक चौंकाने वाला मामला तेजी से वायरल हो रहा है। भारतीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरर सचिन अवस्थी ने दावा किया है कि उनकी साउथ कोरिया ट्रिप के दौरान उन्हें और उनकी पत्नी दीक्षिका मिश्रा को लगभग 38 घंटों तक हिरासत जैसी सिचुएशन में रखा गया और इस बात का प्रूफ भी उन्होंने एक वीडियो शेयर कर दिया है। पूरा माजरा क्या है? चलिए इस वीडियो में आपको बताते हैं। नमस्कार, मैं हूं आप सभी के साथ कृतिका और आप देख रहे हैं बोल्ट स्काई। दोस्तों, सचिन अवस्थी के Instagram पोस्ट की मानें तो जब वह जीजू लैंड पहुंचे तो उन्हें एंट्री देने से मना कर दिया
गया। बताया गया कि उन्हें बिना स्पष्ट कारण के एक होल्डिंग एरिया में रखा जाएगा जहां कम्युनिकेशन लिमिटेड था। खानेपीने की पर्याप्त सुविधा नहीं थी और लगातार निगरानी में उन्हें रखा जाएगा। एक वीडियो को शेयर करते हुए इन्फ्लुएंसरर ने लिखा रिटेन फॉर 38 आवर्स इन साउथ कोरिया। वी लैंडेड इन जीजू लैंड, साउथ कोरिया, एक्साइटेड एंड रेडी फॉर आवर ट्रिप। विद इन अ फ्यू आवर्स, एवरीथिंग चेंज्ड। वी वर डिनाइड एंट्री एंड टेकन टू अ होल्डिंग एरिया, नो प्रॉपर एक्सप्लेनेशन, जस्ट टोल्ड टू व्हाट, एंड वी वेटेड आवर्स पास्ड विदाउट क्लैरिटी। दे केप्ट इन देयर डिटेंशन सेंटर एंड आल्सो गव अस जेल फूड। नोबडी टोल्ड अस व्हाट वाज़ गोइंग टू हैपन, दे ब्लैकमेल्ड अस टू बुकिंग
अ रियली एक्सपेंसिव रिटर्न टिकट। लेटर ड्यूरिंग ट्रांजिट थ्रू चाइना इट कंटिन्यूड मोर वेटिंग, मोर सुपरविजन, कम्युनिकेशन वाज रेस्ट्रिक्टेड, नो यूज ऑफ फोन एंड नो फूड एंड लिमिटेड वाटर। स्लीपिंग कंडीशंस वर वर्स्ट, इवन द यूज ऑफ़ रेस्टोरूम्स वाज़ मॉनिटर्ड विथ अ पुलिस ऑफिसियल हु हैड अ बॉडी कैम एंड वेंट टू वॉशरूम विद अस। बाइ द टाइम, वी वर टोल्ड वी वुड बी सेंट बैक। वी वर मेंटली ड्रेन, द रिटर्न टिकट कॉस्ट ऑलमोस्ट 10 एक्स द नार्मल प्राइस। एट दैट मोमेंट, वी डिडन्ट हैव द एनर्जी टू आर्ग्यू। वी जस्ट वांटेड टू गेट आउट सेफली। आई एम नॉट शेयरिंग दिस फॉर सिंपैथी और ड्रामा इमीग्रेशन डिसिशन आर देयर अथॉरिटी बट दे डिड नॉट हैव एनी राइट टू ट्रीट अस लाइक क्रिमिनल्स। ट्रैवल लुक्स ग्लैमरस ऑनलाइन बट समटाइम्स थिंग्स
चेंज इन अ फ्यू आवर्स एंड टेस्ट यू इमोशनली इन वेज़ यू नेवर एक्सपेक्ट। आई हैव शेयर द फुल डिटेल्ड स्टोरी ऑन माय YouTube चैनल व्हाट हैपन, व्हाई इट हैपन एंड व्हाट यू शुड नो बिफोर ट्रैवलिंग। वैसे इन्फ्लुएंसरर के इस पोस्ट पर कई दूसरे यूज़र्स ने भी अपने रियल टाइम एक्सपीरियंस को शेयर किया है। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा आई वेंट टू कोरिया नवंबर एंड यस दे डेवलप्ड देयर इंफ्रा प्रीटी फास्ट बट इट वाज़ंट अ कंफर्टेबल ट्रिप एट आल। द वीजा प्रोसेस वाज़ हॉरेबल एंड आई डिडन्ट हैव माय वीजा ऑलमोस्ट अंटिल द डे ऑफ़ द फ्लाइट। इट वाज़ वन ऑफ दी हार्डेस्ट कंट्री टू ट्रेवल एज़ अ सोलो ट्रेवलर। आई विश इंडियन एंबेसीस वर बेटर एंड प्रोवाइडेड सपोर्ट टू जेन्युइन टूरिस्ट लाइक यू। वही का कहना था वेल दैट्स नॉट न्यू लॉट ऑफ ट्रैवलर्स आर फेसिंग दीज़ थिंग्स नाउ अ डेज। ऑल ड्यू टू आवर फील्ड फॉरेन पॉलिसी द वर्ल्ड इज़ ट्रीटिंग अस वर्स्ट देन पाकिस्तान। बेटर टू स्टे इन इंडिया और परमानेंटली सेटल अब्रॉड एंड टेकन देयर
सिटीजनशिप एज़ फील द पावर ऑफ स्ट्रांग पासपोर्ट। वी आर फिनिश्ड। आवर पासपोर्ट इज़ फिनिश्ड। वहीं का कहना था वीक पासपोर्ट हैज़ गॉट नथिंग टू डू विथ दिस। इट्स हाउ टेरेबली द इमीग्रेशन एंड एयरलाइंस ऑफ जीजू एंड चाइना ट्रीटेड देम। द एंटायर वीडियो इज़ हार्ट फ्रेंचिंग। वहीं एम्बियम मेकअप स्टूडियो ने लिखा सॉ द होल YouTube वीडियो एंड आई कांट बिलीव ऑल दिस हैपेंड। अनबिलीवेबल। आई हैव बीन टू कोरिया एंड जीजू बोथ। बट इट वाज़ ऑल वैरी स्मूथ फॉर अस। एंड दैट इज़ व्हाई ऑल दिस इज़ सुपर शॉकिंग टू हियर। बट मे बी बिकॉज़ वी डिड हैव द वीज़ाज़। इंडियन एंबेसीज वाज यूज़लेस दैट्स हार्ट ब्रेकिंग। आई स्ट्रांगली रेकमेंड ट्रेवलिंग टू कोरिया एंड जीजू विद वीजाज ओनली। वैसे इस वायरल होते पोस्ट के बाद
यह घटना कई सारे सवाल खड़े कर रही है। क्या ट्रैवलर्स को पर्याप्त जानकारी दी जाती है? क्या उन्हें अपने अधिकारों के बारे में जागरूक किया जाता है? और सबसे इंपॉर्टेंट क्या ऐसी सिचुएशन में मानवीय व्यवहार सुनिश्चित किया जाता है? फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग अपनी-अपनी राय रख रहे हैं। इस पर आपकी क्या राय है? आप भी हमें कमेंट में जरूर बताइएगा।