ईरान ने कुरान की इस आयत से US-इजरायल को डराया! खामेनेई मर गया, सूरह अल-अहज़ाब क्या?

एक खाम नहीं मरेगा हजार खाम नहीं ऊपर हम मां ने बेटे जने हैं कुर्बानियां देने के लिए अपने लीडर के साथ अपने के साथ इमाम हुसैनी के साथी अकबर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनई की मौत हो गई है। उनकी मौत पर ईरान समेत दुनिया के तमाम मुस्लिम मुल्क में मातम छा गया। भारत में भी कई जगह उनकी मौत पर लोग सड़कों पर उतरे और उनको याद किया। हाथों में खामिनई की तस्वीर और आंखों में आंसू लिए महिलाएं खामिनई को याद करती नजर आई। इस बीच खामिनई के एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट लिखा गया जिसमें

कुरान की एक आयत का जिक्र है। क्या है वो आयत और क्या है उसका मतलब? आइए जानते हैं। यह आयत कुरान के सूर अल एहजाब की है। जिसका मतलब मोमिनों में कुछ ऐसे लोग हैं जिन्होंने अल्लाह से जो वादा किया था उसे सच्चाई के साथ पूरा कर दिखाया। उनमें से कुछ ने अपना वादा निभाकर शहादत पाकर अपना समय पूरा कर लिया और कुछ अब भी इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने अपने संकल्प में कोई बदलाव नहीं किया। इस तरह खामिनी के अकाउंट से ही उनकी मौत की पुष्टि कर दी गई है। इसके साथ ही उन्हें अल्लाह की राह में शहीद बताया गया। अमेरिका और इजराइल को भी इसी आयत के बहाने चुनौती दी गई। इसमें साफ कहा गया है कि अब भी कुछ लोग इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने अपने संकल्प में बदलाव नहीं किया। इस तरह अमेरिका और इजराइल को यह संदेश देने

की कोशिश की गई है कि अब भी ईरान पहले की तरह अड़ा और डटा है। उसके रवैया में कोई बदलाव नहीं आएगा। ऐसे में ईरान में सत्ता परिवर्तन की चाह रखने वाले अमेरिका को आने वाले समय में चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। उसके लिए यह अभियान आसान नहीं रहेगा। इस बीच खबरें यह भी है कि अयातुल्ला अली खामिनई के बेटे मुस्तबा खामिनई को ईरान की कमान सौंपी जा सकती है। यदि ऐसा हुआ तो अमेरिका के लिए झटका होगा जो यह सोच रहा है कि खामिनई के मारे जाने के बाद वह अपने समर्थन वाले किसी नेता को सत्ता सौंप देगा। आपको बता दें कि आया अली खामिनई की मौत 28 फरवरी 2026 को अमेरिका इजराइल के संयुक्त हवाई हमले में हुई। ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी आईआरएनए और आईआरजेसी ने आधिकारिक पुष्टि की। हमला तेहरान स्थित उनके सुरक्षित दफ्तर पर हुआ जब वे सुरक्षा सलाहकार अली शमखानी और आईआरजेसी प्रमुख मोहम्मद पाकपुर

के साथ बैठक कर रहे थे। हमले में खामनई के अलावा उनकी बेटी, दामाद, बहू और एक पोता भी मारे गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही सोशल मीडिया पर घोषणा की थी। ईरान ने इसे इस्लामिक क्रांति का प्रहार बताते हुए 40 दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। राष्ट्रपति ने 7 दिन सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। नमस्कार, मैं हूं मानक गुप्ता। अगर आपको हमारा यह वीडियो पसंद आया हो तो इसे लाइक और शेयर जरूर करें और हां, हमें सब्सक्राइब और फॉलो करना ना भूलें ताकि आप देश और दुनिया की कोई खबर मिस ना करें। तो जुड़े रहिए हमारे साथ और देखते रहिए न्यूज़

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