ईरान-अमेरिका: एक साथ 500 मिसाइल से हमला खामेनेई के प्लान से घबराए ट्रंप, अब पीछे नहीं हटेगा ईरान!

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अब यह जंग केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि एक ऐसे सैन्य घेराबंदी में बदलता जा रहा है जिससे दोनों देशों का किसी भी क्षण विनाश होना संभव है। ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह पहले ही दौर में 500 से ज्यादा मिसाइलों और अपने घातक ड्रोन स्वाम से सामने वाले देश पर कहर बरपा देगा। ईरान के सैनिक कमांडरों ने हाल ही में अपने भूमिगत मिसाइल सिटीज की नई झलकियां साझा करते हुए अमेरिका को सख्त वार्निंग दी। ईरान का दावा है कि उसकी बैलेस्टिक मिसाइलें जिनमें

फतेह 110 और खैबर शेख जैसे सटीक मार्ग क्षमता वाली मिसाइलें शामिल है। ईरान का दावा है कि उनके पास जो मिसाइलें हैं वो खाड़ी क्षेत्र में मौजूद हर अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने में सक्षम है। ईरानी रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि 500 मिसाइलों की धमकी केवल संख्या नहीं बल्कि एक सोची समझी रणनीति है। अगर ईरान एक साथ इतनी बड़ी संख्या में मिसाइलें दागता है तो दुनिया के सबसे आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम भी सैचुरेट हो जाएगा। जिससे कई मिसाइलें अपने लक्ष्य को भेदने में सफल रहेगी। मिसाइलों के साथ-साथ ईरान का सबसे बड़ा तुरुप का पत्ता उसका ड्रोन स्वर्ण है। एक रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी 2026 में ईरान ने अपनी सेना

में 1000 से ज्यादा आत्मघाती हाई लेवल ड्रोन शामिल किए हैं। ईरान की रणनीति क्वांटिटी ओवर क्वालिटी यानी गुणवत्ता से ज्यादा संख्या पर आधारित है। शाहीद 136 और हाल ही में चर्चा में आए शहीद 149 जैसे ड्रोन बेहद सस्ते हैं। लेकिन जब यह दर्जनों की संख्या में एक साथ हमला करते हैं तो इसे रोकना लगभग नामुमकिन हो जाता है। हाल ही में अमेरिकी विमान वाहक को यूएसएस अब्राहम लिंकन की ओर बढ़ते एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया जो इस बात का सबूत है कि ईरान अब सीधे अमेरिकी नौसेना को

ताकत को चुनौती देने से पीछे नहीं हट रहा है। वहीं इसके इधर अमेरिका ने ईरान को 10 से 15 दिनों का वार्निंग टाइम दिया है। वो या तो नए परमाणु शर्तों को स्वीकार करें या फिर गंभीर सैन्य परिणामों का सामना करने के लिए तैयार रहे। इस समय सीमा को ईरान ने एक मनोवैज्ञानिक जंग माना है। अमेरिका ने अपनी ताकत दिखाते हुए खाड़ी में दो विमान वाहक पोत और उन्नत थार मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात कर दिए हैं। अमेरिका का मानना है

कि ईरान की अर्थव्यवस्था प्रतिबंधों के बोझ तले दबी है। इसलिए वह लंबे युद्ध का जोखिम नहीं उठाएगा। ईरान केवल सैन्य रूप से नहीं बल्कि आर्थिक रूप से भी अमेरिका पर दबाव बना रहा है। ईरान ने धमकी दी है कि वह होम जलडमरू मध्य को बंद कर सकता है। यह दुनिया का वह संकरा समुद्री रास्ता है जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है। अगर यह रास्ता बंद होता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती है। जिससे ना केवल अमेरिका बल्कि भारत जैसे देशों के भी अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ेगा। जानकार मानते हैं कि ईरान इस समय

शतरंज खेल रहा है। वह अपनी मिसाइल और ड्रोन शक्ति का प्रदर्शन करके यह संदेश दे रहा है कि अमेरिका के लिए हमला करना मुफ्त का सौदा नहीं होगा। फिलहाल स्थिति बेहद नाजुक बना हुआ है और आने वाले वक्त में दोनों देशों के बीच कभी भी कुछ भी हो सकता है। ऐसे में दुनिया के बाकी देशों की नजर भी फिलहाल इन्हीं दोनों देशों पर है। आप इन तमाम मामलों पर क्या सोचते हैं? हमें कमेंट्स में जरूर बताएं। नमस्कार, मैं हूं मानक गुप्ता। अगर आपको हमारा यह वीडियो पसंद आया हो तो इसे लाइक और शेयर जरूर करें और हां, हमें सब्सक्राइब और फॉलो करना ना भूलें ताकि आप देश और दुनिया की कोई खबर मिस ना करें। तो जुड़े रहिए हमारे साथ और देखते रहिए न्यूज़