और कितने दिन चलेगी US-ईरान-इज़राइल युद्ध? नेतन्याहू और ट्रंप ने इंटरव्यू में सब बता दिया

दिस इज नॉट एन एंडलेस वॉर। यानी यह अंतहीन जंग नहीं है। लेकिन जंग में थोड़ा वक्त लग सकता है। लेकिन यह सालों तक नहीं चलेगी। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन याहू ने 2 मार्च को न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में यह बात कही है। नेतन्या ने यह भी दावा किया है कि ईरान नए न्यूक्लियर हथियार ठिकाने बना रहा था। जमीन के नीचे ऐसे बंकर तैयार किए जा रहे थे जिन पर कुछ महीनों बाद हमला करना लगभग नामुमकिन हो जाता। नेतan्या के मुताबिक जून में हुई 12 दिन की लड़ाई के बाद ईरान ने अपनी बैलेस्टिक मिसाइल और परमाणु प्रोग्राम फिर से तेज कर दिया था। नए ठिकाने बनाए जा रहे थे ताकि भविष्य में

उन पर हमलों का कोई भी असर ना हो। अगर अभी एक्शन नहीं लेते तो फिर आगे कभी एक्शन नहीं ले पाते। यह तो थी नेतनया की बात। अब बात अमेरिका की। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉन्ड ट्रंप ने सीएनएन को करीब 9 मिनट का टेलीफ़ोनिक इंटरव्यू दिया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ईरान पर जबरदस्त हमला कर रही है। हम उन्हें जोरदार जवाब दे रहे हैं। हमारे पास दुनिया की सबसे ताकतवर सेना है और हम उसका इस्तेमाल कर रहे हैं। इस इंटरव्यू में ट्रंप ने यह भी दावा किया कि बड़ी लहर अभी आनी बाकी है। यानी अब तक जो हुआ उससे भी बड़ा हमला आगे हो सकता है। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि जंग बहुत लंबी चले। उनका अंदाजा है कि यह ज्यादा से ज्यादा चार हफ्ते ही चल सकती है और हम इस जंग में उम्मीद से आगे चल रहे हैं। ट्रम्प ने यह भी माना कि उन्हें एक बात ने चौंकाया। बात यह थी कि ईरान ने सिर्फ इजराइल या अमेरिका के ठिकानों को नहीं बल्कि बहरीन, जॉर्डन, कुवैत, कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे अरब देशों को भी निशाना बनाया। ट्रंप ने कहा कि हमें इसकी उम्मीद नहीं थी। हमने उनसे यानी कि अरब देशों से कहा था कि हम हालात संभाल लेंगे लेकिन अब वे खुद लड़ाई में उतर आए हैं और आक्रामक तरीके से लड़ रहे हैं। पहले वे इस जंग में हल्के तरीके से शामिल होना चाहते थे। अब वे जिद कर रहे हैं कि वे भी

इस जंग में शामिल रहेंगे। अरब नेताओं के बारे में ट्रंप ने सीएनएन से कहा कि मैं इन लोगों को जानता हूं यह मजबूत और समझदार हैं। एक सवाल यह भी उठा कि क्या अमेरिका सिर्फ सैन्य कारवाई कर रहा है या ईरानी जनता की किसी भी तरह से मदद भी कर रहा है? इस पर ट्रंप ने कहा कि हां हम मदद कर रहे हैं। लेकिन फिलहाल हम चाहते हैं कि लोग घरों के अंदर रहें। बाहर खतरा है और फिर उन्होंने चेतावनी दी कि हालात और खतरनाक होने वाले हैं। बात ईरान की अगली लीडरशिप की भी हुई। इस पर ट्रंप ने कहा कि हमें नहीं पता कि अब वहां कौन लीड करेगा। वे किसे चुनेंगे यह भी साफ नहीं है। हो सकता है उन्हें कोई ऐसा मिल जाए जिसे काम की समझ हो। ट्रंप के मुताबिक शुरुआती हमलों में ईरान ने अपनी लीडरशिप का बड़ा हिस्सा खो दिया। उन्होंने कहा कि 49 लोग मारे गए। यह एक जबरदस्त स्ट्राइक थी। उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी नेता घमंड में आकर एक ही जगह मिलते थे। उन्हें लगा कि उन्हें कोई पकड़ नहीं सकता, लेकिन वे पकड़ में आ गए। अपनी सैन्य कारवाही पर ट्रंप ने कहा कि ईरान से निपटने का यही तरीका है। उन्होंने यह भी कहा कि अब हमें किसी समझौते की चिंता करने की जरूरत नहीं। साथ ही उन्होंने 1979 की क्रांति के बाद इलाके में हुई तबाही का हवाला देते हुए कहा कि ईरान का इतिहास अशांति फैलाने का रहा है। एक तरफ नितन याू कह रहे हैं

कि अभी अगर हमला नहीं करते तो फिर कभी नहीं कर पाते। ट्रंप कह रहे हैं कि बड़ी कारवाई अभी बाकी है और ईरान कह रहा है कि जब तक हमला जारी रहेगा हम बिना डरे और पूरी मजबूती से अपनी रक्षा करेंगे। बाकी अपडेट हम आपको बताते रहेंगे। फिलहाल इस खबर में इतना ही। मेरा नाम आसिफ है। कैमरे के पीछे हमारे साथी दानिश हैं। देखते रहिए द लन टॉक। शुक्रिया।

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