इज़राइल बनाम ईरान पर उत्तर कोरिया का जवाब: न्यूक्लियर वॉरशिप रेडी..
ईरान, इजराइल और अमेरिका की जंग में उत्तर कोरिया के सनकी तानाशाह किम जोंग की एंट्री हो गई है। जोंग की इस एंट्री से इजराइल तो घबराया है ही। ट्रंप भी टेंशन में आ चुके हैं। दरअसल किम जोंग ने साफ शब्दों में कहा है कि ईरान पर इजराइल और अमेरिका का हमला अवैध आक्रमण और राष्ट्र संप्रभुता का घोर उल्लंघन है और यह बेहद शर्मनाक भी है। किम ने कहा है कि भले ही दुनिया ट्रंप की धमकी से डरती हो लेकिन उत्तर कोरिया डरने वाला नहीं है और उसका 100% समर्थन ईरान के साथ है। ईरान के हर कदम में उत्तर कोरिया उसके साथ खड़ा है। एक रिपोर्ट देखिए। जी ईरान के लिए बेकाबू किम जोंग [संगीत] इजराइल को
दी धमकी। [संगीत] एक मिसाइल से इजराइल को खत्म करने की धमकी। ट्रंप के अंदाज में ट्रंप को किम का जवाब। ईरान को 100सदी समर्थन का दावा। ईरान अमेरिका युद्ध अब नया मोड़ ले चुका है। अमेरिका और इजराइल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामिने की मौत के बाद अब उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंगुन मैदान में कूद पड़े हैं। दुनिया की नजरें पयोंगयांग पर टिकी हैं। क्या यह तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत है? किम ने पिछले दो दिनों में अपने नए न्यूक्लियर वॉरशिप का टेस्ट किया। क्रूज मिसाइल ने दागी और दुनिया को दिखा दिया कि उनका परमाणु बटन तैयार है। नॉर्थ कोरियाई फॉरेन मिनिस्ट्री ने अमेरिका इजराइल को गैंगस्टर और अवैध आक्रमणकारी बताया। मिडिल ईस्ट में युद्ध की स्थिति के बाद अब कोरियाई प्रायद्वीप पर भी एक बार फिर तनाव का पारा सातवें आसमान पर पहुंच चुका है। 9 मार्च का जहां अमेरिका दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास करने की तैयारी कर रहा है। वहीं दूसरी ओर उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन के नए विध्वंशक ने पूरे क्षेत्र को हाई अलर्ट पर डाल दिया है। स्कीम ने
साफ कर दिया है कि उनकी नेवी पानी के नीचे से लेकर आसमान तक प्रहार करने के लिए तैयार है। एक तरफ अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ फ्रीडम शील्ड संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू होने जा रहा है तो दूसरी ओर उत्तर कोरिया अपनी नौसैनिक और परमाणु क्षमता को खुलकर प्रदर्शित कर रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें किम कह रहे हैं कि अगर चाहे तो एक मिसाइल से इजराइल को नेस्तनाबूद कर सकते हैं। अगर चाहे तो एक मिसाइल से इजराइल को नेस्तनाबूद कर सकते हैं। ईरान को हथियार सप्लाई कर सकते हैं। जैसा वो रूस को यूक्रेन युद्ध में कर रहे हैं। अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान के सुप्रीम लीडर खामेन का तो खात्मा कर दिया। लेकिन इस खात्मे के साथ ही दुनिया ने तीसरे विश्व युद्ध की आहट को महसूस कर लिया। ईरान के पक्ष में ज्यादा देशों की संख्या नहीं है। लेकिन जो है वो बेहद ताकतवर और दुनिया के किसी भी युद्ध को अपने पक्ष में लाने का माद्दा रखते हैं। पहला है चीन, दूसरा है रूस और तीसरा है उत्तर कोरिया। तीनों परमाणु [संगीत] संपन्न देश है। ईरान का सपोर्टर सनकी है। उत्तर कोरिया के तानाशाह शासक किम जोंग का दिमाग कब घूम जाए और कब वो क्या
फैसला ले लें इसका कोई ठीक नहीं है। इजराइल से लेकर अमेरिका तक इसी बात की खलबली है कि किम जोंग अपनी नौसेना के परमाणु हथियार को रेडी कर रहा है। उत्तर कोरिया की आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज़ एजेंसी केसीएनए ने कहा है किमजोंग ने बुधवार को नामको के पश्चिमी शिपयार्ड में दौरों के दौरान अप्रैल 2025 में पहली बार अनावरण किए गए 5000 टन के युद्धपोत चोए हन की ही क्लास के तीसरे विध्वंसक के निर्माण का परीक्षण किया है। राज्य मीडिया केसीएनए के मुताबिक जहाज विभिन्न हथियार प्रणालियों को संभालने के लिए डिजाइन किया गया है। जिसमें एंटी एयर और एंटी नेवल हथियार शामिल है। साथ ही परमाणु सक्षम बैलस्टिक और क्रूज मिसाइलें भी इस जहाज में लगाई गई हैं। दुनिया के नौ देशों में रूस, अमेरिका और चीन के अलावा। फ्रांस के पास 300, यूके के पास 225, भारत के पास 180, पाकिस्तान के पास 170, इजराइल 90 और उत्तर कोरिया के पास महज 50 वॉर हेड्स हैं। यानी उत्तर कोरिया इस लिस्ट में सबसे नीचे है, लेकिन तबाही के लिए एक ही परमाणु बम काफी है। एक परमाणु बम सबसे
पहले जिसकी भी तरफ से गिरेगा, उसके जवाब में दूसरा, तीसरा और चौथा भी गिरेगा। हालांकि एक्सपर्ट का कहना है कि संभावना ना के बराबर है। किम जोंग ने यह साफ किया है कि अगर अमेरिका को यह लगता है कि वो दूसरे देशों की तरह उत्तर कोरिया पर भी प्रेशर बनाकर अपनी सैन्य ताकत के दम पर कब्जा कर लेगा तो यह उसकी गलतफहमी है। अमेरिका की यह सबसे बड़ी भूल होगी क्योंकि उत्तर कोरिया कोई कमजोर देश नहीं है जो कोई भी उस पर कब्जा कर ले और किसी को भी इस मुगालते में नहीं रहना चाहिए। किम जोंग ने इजराइल, ईरान और अमेरिका में चल रही जंग के दौरान अपनी नौसेना के परमाणु हथियारीकरण को तेज करने की कसम खाई है। इससे इजराइल से लेकर अमेरिका तक खलबली मची है। किम का फोकस बैलस्टिक मिसाइल विकास को बढ़ावा देने के अलावा अब नौसैनिक क्षमताओं पर अधिक ध्यान केंद्रित करना है। अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमले में अयातुल्ला अली खामने की मौत पर उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने सरकारी समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज़ एजेंसी के माध्यम से
अमेरिका और इजराइल की निंदा करते हुए इसे अवैध आक्रमण और संप्रभुता का उल्लंघन बताया। इसके साथ ही उसने अमेरिका के सहयोगी दक्षिण कोरिया को बर्बाद करने की धमकी दी है। [संगीत] एक ऐसा तानाशाह जो जब भी अपने महल से बाहर आता है पूरा शहर थम जाता है। वो जब [संगीत] भी जुबान खोलता है अमेरिका और यूरोप को धमकाता है। सिर्फ 28 साल की उम्र में किम जोंग उन उत्तर कोरिया का तानाशाह बना। [संगीत] किम से पहले उनके दादा और पिता उत्तर कोरिया के तानाशाह रह चुके थे। [संगीत] लेकिन किम जोंग उन ने खुद को अपने पिता और दादा से अलग दिखाने की कोशिश शुरू कर दी। पोंगंग यांग की आधिकारिक समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक नॉर्थ कोरिया इस महीने अपने राष्ट्रीय सभा के लिए प्रतिनिधियों का चुनाव करेगा जो 15 मार्च को होना है। यह फैसला [संगीत] संसद की स्थाई समिति के आधार पर लिया गया है। यह प्रतिनिधि सुप्रीम पीपल्स [संगीत] असेंबली के लिए चुने जाएंगे। जिसे अक्सर केवल औपचारिक मंजूरी देने वाली संसद माना जाता है। यह
चुनाव [संगीत] सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी के उस शिखर सम्मेलन के बाद हो रहा है जो हर 5 साल में एक बार होता है। [संगीत] इस बैठक में कूटनीति से लेकर युद्ध की योजना तक राज्य की कई नीतियों और कामों की दिशा तय होगी। किम जोंग उन कई बार कह चुके हैं कि साउथ कोरिया और अमेरिका को एक दुश्मन और अलग देश के रूप में परिभाषित किया जाएगा और इस विचार को कानून में शामिल किया जाएगा। उन्होंने सियोल की हाल की शांति कोशिशों को भद्दा और धोखेबाज नाटक तथा बहुत खराब काम बताया था। उम्मीद है कि चुनाव होने के बाद सुप्रीम पीपल्स असेंबली इस विचार को संविधान में शामिल कर सकती है। अमेरिका कई दशकों से नॉर्थ कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने की कोशिशों का नेतृत्व करता रहा है। लेकिन शिखर बैठकों, प्रतिबंधों और कूटनीतिक दबाव का अब तक बहुत कम असर हुआ है। और अब तो खुलेआम किम जोंग [संगीत] ईरान के साथ जंगी मैदान में कूद गए हैं। और दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच 9 मार्च से शुरू होने वाले
फ्रीडम शील्ड सैन्य अभ्यास से पहले उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है। [संगीत] किम ने 5000 टन वजनी चोह डिस्ट्रयर और रणनीतिक क्रूज मिसाइल का परीक्षण कर अमेरिका को कड़ा संदेश दिया है। मिडिल ईस्ट में लगातार बढ़ते तनाव और कई देशों की भागीदारी के बाद यह सवाल तेज हो गया है कि क्या दुनिया
तीसरे विश्व युद्ध की तरफ बढ़ रही है। [संगीत] सोशल मीडिया पर वर्ल्ड वॉर थ्री ट्रेंड कर रहा है। चाहे जो भी हो किम जोंग एक बार फिर से सुर्खियों में छा गए हैं और उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया से लेकर अमेरिका, ईरान और इजराइल में किम जोंग के चर्चे हैं। ब्यूरो रिपोर्ट, टाइम्स नाउन।


