लता मंगेशकर और राज सिंह डूंगरपुर की लव स्टोरी | क्यों उन्होंने कभी शादी नहीं की

कि भारत का मान अभिमान गौरव रद्द और स्वर कोकिला लता मंगेशकर हमारे बीच नहीं रही उनकी जिंदगी से जुड़े वैसे तो तमाम किस्से हैं लेकिन उनमें सबसे खास है लता और राजसिंह डूंगरपुर के प्यार का किस्सा जिसे बहुत कम लॉग जानते हैं लगा दी और राज सिंह एक दूसरे से बेपनाह प्यार करते थे राम सिंह ने साल 2009 में जिंदगी भर कुमार रहकर अपने प्राण त्याग दिए दोनों की मुलाकात लता के भाई हृदयनाथ मंगेशकर के जरिए विधि

हृदयनाथ मंगेशकर और राज में दोस्ती थी पहली मुलाकात के बाद ही रच और लता एक-दूसरे को पसंद करने लगे थे लेकिन इस रिश्ते पर डूंगरपुर के शाही घराने की टेढ़ी नजर थी राज डूंगरपुर रियासत के महाराजा के तीसरे बेटे थे उनकी तीनों बहनों की शादी शाही परिवारों में वृद्धि और उम्मीद की जा रही थी कि राज भी इस परंपरा का पालन कर अपनी शाह भी किसी शाही खानदान नहीं करेंगे राज की मां सुशीला सिंह लता के सख्त खिलाते कि एक

बार सुशीला ने लता को पुराने बीकानेर हाउस में आमंत्रित किया और लता से कहा कि वह राज सिंह को छोड़ दें ताकि उनका बेटा किसी योग रानी की तलाश कर सके कहा यह भी जाता है कि राज और लता ने चुपके से शादी कर ली थी लेकिन इस बात का कोई प्रमाण नहीं मिलता रहता और राज के बीच यकीनन बहुत प्यार था एक दूसरे के प्रति उनकी वफा ऐसी थी कि दोनों

साल 2009 तक एक दूसरे के प्रति समर्पित और अविवाहित रहे 2009 में राज सिंह की मृत्यु के साथ ही इस अफ़साने का सिलसिला टूटा राष्ट्रपिता को अकेले में मिट्ठू कहकर बुलाते थे दोनों साथ में कई संस्थाओं की मदद भी करते थे राज और लता ने जिंदगी भर अपने प्यार को निभाया आशावादी के साथ उनके इस अटूट प्यार का भी अंत हो गया