लकी बिष्ट इज़रायल ईरान युद्ध पर: अली खामेनेई ज़िंदा हैं लकी बिष्ट का दावा! ट्रंप का दावा झूठा? |

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामने इस टाइम पूरी दुनिया में एक ही न्यूज़ कि अमेरिका और इजराइल के हमले में वो मारे गए। मैं थोड़ा सा कंफ्यूज हूं यार आप मेरा कंफ्यूजन दूर कर दो आज। पता है अमेरिका कहता है कि उन्होंने एक हमले के अंदर ईरान के सुप्रीम लीडर को मार दिया। जितनी जल्दी अमेरिका और इजराइल नहीं बोलता उससे ज्यादा जल्दी तो ईरान इस बात को मान लेता है कि हमारे लीडर अब नहीं रहे। हम 40 दिन का राष्ट्रीय शोक कर रहे हैं। यार ईरान ये वो ईरान है अगर इनके लीडर को कुछ होता। मुझे नहीं पता ये 10 दिन तक तो दुनिया को बताता ही नहीं कि मेरे लीडर अब खत्म हो चुके हैं। लेकिन जैसे ही एक

स्टेटमेंट आता है यूएस और इजराइल का उससे जल्दी ये बोल देता है कि ये सही कह रहा है। हमारे लीडर अब नहीं रहे। और वेस्ट का मीडिया इस बात को बहुत नॉर्मली दिखा रहा है। कहीं वेस्ट के मीडिया को ऐसा तो नहीं लग रहा कि यार हमारे ट्रंप जी ने क्या बोल दिया इतनी जल्दी अभी तक कोई भी तस्वीर जारी नहीं करी सीआईए ने या मूसाद ने। चलो तस्वीरें तो मिल जाती है। तस्वीरें बनाई जा सकती है लेकिन तस्वीरें कभी बोलती नहीं है। लेकिन एक चीज ध्यान रखने वाली बात कि ईरान को पता था कि इजराइल और अमेरिका उनके सुप्रीम लीडर को टारगेट करेंगे। यह बात रशिया भी जानता था और उसकी सीक्रेट सर्विस एसबीआर भी जानती थी और महज 6- सात घंटे के अंदर 10 घंटे के अंदर ईरान के लीडर को टारगेट भी कर दिया जाता है यार। मैं बहुत कंफ्यूज हूं भाई। होने को कुछ भी हो सकता है लेकिन मेरा दिल मानने को तैयार नहीं है। पता चले कि एक साल के बाद दुनिया में कुछ और न्यूज़ आ रही है यार। पूर्व रॉ एजेंट लकी बिष्ट ने ईरान के सुप्रीम लीडर

अली खामिनई की मौत को लेकर एक चौंकाने वाला बयान दिया है। लकी बिष्ट ने कहा कि उनका दिल यह मानने के लिए तैयार नहीं है कि अयातुल्लाह अली खामिनई मारे गए हैं। आपको बता दें कि अली खामिनई के इजराइल और अमेरिका के संयुक्त हवाई हमले में मारे जाने के दावे किए गए थे। खुद ईरानी सेना की स्पेशल फोर्स आईआरजीसी और डोनाल्ड ट्रंप ने भी खामिनई के मारे जाने का दावा किया है। इसे लेकर लकी बिष्ट ने कहा कि होने को कुछ भी हो सकता है। लेकिन ऐसा भी हो सकता है कि एक साल के बाद खामिनई फिर से दुनिया के सामने आ जाए। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामनई इस टाइम पूरी दुनिया में एक ही न्यूज़ कि अमेरिका और इजराइल के हमले में मारे गए। मैं थोड़ा सा कंफ्यूज हूं यार। आप मेरा कंफ्यूजन दूर कर दो आज। पता है अमेरिका कहता है कि उन्होंने एक हमले के अंदर ईरान के सुप्रीम लीडर को मार दिया। जितनी जल्दी अमेरिका और इजराइल नहीं बोलता उससे ज्यादा जल्दी तो ईरान इस बात को मान लेता है कि हमारे लीडर अब नहीं रहे। हम 40 दिन का राष्ट्रीय शोक कर रहे हैं। यार ईरान ये वो ईरान है अगर इनके लीडर को कुछ होता। मुझे नहीं पता। यह 10 दिन तक तो

दुनिया को बताता ही नहीं कि मेरे लीडर अब खत्म हो चुके हैं। लेकिन जैसे ही एक स्टेटमेंट आता है यूएस और इजराइल का उससे जल्दी ये बोल देता है कि ये सही कह रहा है। हमारे लीडर अब नहीं रहे। और वेस्ट का मीडिया इस बात को बहुत नॉर्मली दिखा रहा है। कहीं वेस्ट के मीडिया को ऐसा तो नहीं लग रहा कि यार हमारे ट्रंप जी ने क्या बोल दिया इतनी जल्दी? अभी तक कोई भी तस्वीर जारी नहीं करी सीआईए ने या मूसाद ने। चलो तस्वीरें तो मिल जाती है यार। तस्वीरें बनाई जा सकती है लेकिन तस्वीरें कभी बोलती नहीं है। लेकिन एक चीज ध्यान रखने वाली बात कि ईरान को पता था कि इजराइल और अमेरिका उनके सुप्रीम लीडर को

टारगेट करेंगे। ये बात रशिया भी जानता था और उसकी सीक्रेट सर्विस एसबीआर भी जानती थी और महज 6- सात घंटे के अंदर 10 घंटे के अंदर ईरान के लीडर को टारगेट भी कर दिया जाता है यार। मैं बहुत कंफ्यूज हूं भाई। होने को कुछ भी हो सकता है लेकिन मेरा दिल मानने को तैयार नहीं यार। पता चले कि एक साल के बाद दुनिया में कुछ और न्यूज़ आ रही है या

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