कुछ तो बताइए। गलती से हो गया था। गलती से गलती से हो गया था। लखनऊ में पिता की हत्या के आरोप में गिरफ्तार 19 साल के अक्षत को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस की जांच और पूछताछ में इस मामले को लेकर कई अहम खुलासे हुए हैं। आज तक से जुड़े समर्थ श्रीवास्तव की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस सूत्रों का कहना है कि अक्षत ने पूछताछ के दौरान कबूल किया है कि उसने हाल ही में वध फिल्म देखी थी। कथित तौर पर उसने दावा किया है कि शव को काटने का तरीका उसने इसी फिल्म से सीखा था। पुलिस फिलहाल आरोपी के बयान की पुष्टि करने में लगी है। आपको याद दिला दें कि अक्षत ने 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे
अपने पिता को गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। गोली मारने के बाद हाथ पैरों और सिर को काटकर अलग-अलग कर दिया था। हाथ पैर फेंक दिए थे और धड़ को रजाई में लपेट कर एक नीले ड्रम में स्टोर कर दिया था। पुलिस ने बताया कि शव काटने के लिए पहले उसने ऑनलाइन चाकू मंगाया था। लेकिन जब चाकू से नहीं काट पाया तो खुद जाकर आरी खरीद कर लाया था। यह भी बताया गया कि हत्या के बाद अक्षत ने इंटरनेट पर सर्च किया था कि लंबे समय तक शव को सुरक्षित कैसे रख सकते हैं। यानी कि बिना सड़ाए शव को स्टोर कैसे किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक अक्षत ने पुलिस को बताया कि 19 फरवरी की रात से ही उसकी पिता के साथ बहस शुरू हो गई
थी। झगड़े के वक्त मानवेंद्र भयंकर नशे में थे। अक्षत ने बताया कि नशे की हालत में उन्होंने राइफल निकाली और अक्षत पर तान दी थी। हालांकि थोड़ी देर बाद वह शांत हो गए और बेड के पास ही राइफल को रखकर सो गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक रात भर अक्षत गुस्से में बैठा रहा और सुबह 4:30 बजे के करीब उसी राइफल से सोते हुए मानवेंद्र की कनपट्टी पर गोली चला दी थी। पहले रिपोर्ट्स आई थी कि अक्षत ने मर्डर को पहले से ही प्लान कर रखा था। लेकिन अब बताया जा रहा है कि ऑनलाइन चाकू हत्या करने के बाद मंगाई थी। यानी कि मर्डर प्लान नहीं था बल्कि गुस्से में किया गया था। अक्षत की बहन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक बहन जानती थी कि हत्या अक्षत ने ही की है यानी कि उसके भाई ने की है। लेकिन इसके बाद भी तीन दिनों तक वो शांत रही। स्कूल गई। लोगों से मिली। पेपर भी दिया लेकिन
किसी से हत्या वाली बात को शेयर नहीं किया। पूछताछ में अक्षत ने बताया कि बहन पहले से ही कमरे में मौजूद नहीं थी बल्कि गोली की आवाज सुनकर आई थी। उसको कमरे में देखकर अक्षत ने कहा कि तुम इन सब से दूर रहो। आई विल हैंडल दिस। 20 फरवरी को हत्या के बाद अक्षत यह नाटक करता रहा कि मानवेंद्र मिसिंग है। आज तक से जुड़े आशीष श्रीवास्तव की रिपोर्ट में एक WhatsApp ग्रुप का भी जिक्र किया गया है। हत्या के बाद अक्षत ने पापा लौटाओ नाम से एक WhatsApp ग्रुप बनाया और उसमें मानवेंद्र के दोस्तों को ऐड किया था। किसी को उसके ऊपर शक नहीं हो इसीलिए पिता के वापस आने के इमोशनल मैसेजेस डालता था। 23 फरवरी को पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तब जाकर अक्षत ने हत्या वाली बात को कबूल
किया था। पूछताछ के बाद दो नई बातें सामने आई हैं। पहली बात शव को काटना कैसे है? यह उसने वध मूवी से सीखा और शव को बिना सड़ाए लंबे समय तक स्टोर कैसे करना है यह उसने इंटरनेट पर सर्च किया था। पुलिस ने घर से एक राइफल, तीन खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस, एक कारतूस की पेटी, खून के धब्बे, लगा सूती कपड़ा, आरी, ब्लेड, नीला ड्रम, दो चाकू, खून लगी हुई एक रजाई, एक कालीन, दो चादर, एक पोटली, कपड़े और बुलेट का टुकड़ा बरामद किया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मानवेंद्र एक
पैथोलॉजी और दो शराब ठेकों के मालिक थे। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि अक्षत ने हत्या अकेले की थी या फिर कोई और भी इसमें शामिल है। इस खबर में फिलहाल इतना ही। अपडेट्स आप तक पहुंचाते रहेंगे। मेरा नाम है विभावरी। देखते रहिए द लेलन टॉक।