नरेंद्र मोदी को आज तक कोई समझ नहीं पाया…’ मोदी पर बड़ी बात कह गईं नीरजा चौधरी

आपको लगता है कि जो भारतीय जनमानस का सेंटीमेंट है अभी नितिन नवीन आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी के सबसे युवा अध्यक्ष जितनी जितनी पार्टी की उम्र है उतनी उनकी उम्र है उन्होंने उनका इनोगेशन का जो जो उनका पहला बतौर अध्यक्ष स्पीच था फर्स्ट मेड इन स्पीच था तो उसमें उन्होंने एक बात कही कि मैंने एक बार प्रधानमंत्री जब आप प्रधानमंत्री नहीं थे मुख्यमंत्री थे और मैंने आपकी एक भाषण को सुना था और उस दिन आपको सुनकर के और उसके बाद ग्रीन रूम में आपसे बात करके मैंने यह जाना कि आप बड़े नेता तब बनते हैं जब आप लोगों की भावना से खुद को जोड़ते हैं। नरेंद्र मोदी का उभार या उनका मजबूत होना कि तीसरे टर्म में भी वह चुनकर के आए। ठीक है सीटें कम हुई गठबंधन के साथ आए। जो उनका एक लार्जर एजेंडा है या जिस दिशा में वो भारत को ले जाना चाहते हैं। भारतीय जनता पार्टी जिसे विश्व गुरु भी कहती है।

अब तो उसमें एक इकोनॉमिक गोल भी शामिल है। 5 ट्रिलियन इकॉनमी किसानों की आय दोगुनी करना इत्यादि बहुत सारे उसके लक्ष्य हैं। विकसित भारत 2047। पर इसके बियों्ड नरेंद्र मोदी को ठीक तरह से समझा गया है क्या? भारतीय समाज के द्वारा और इंटेलेक्चुअल्स के द्वारा? मैं एक बार मुझे किसी पॉडकास्टर ने पूछा था हुड यू कंसीडर एस द लीस्ट अंडरस्टुड प्रधानमंत्री एंड आई सेड नरेंद्र मोदी इज द लीस्ट अंडरस्टुड आई विल टेल यू व्हाई क्योंकि नरेंद्र मोदी एक फिनोमिनन को रिप्रेजेंट करते हैं। एक ग्राउंड लेवल चेंज जो हिंदुस्तान में हो रहा है उसके प्रतीक हैं। और उस ग्राउंड लेवल चेंज को हम पूरी तरह से नहीं समझ पाए हैं। मुझे अपने बारे में यह लगता है। मैं घूमती हूं, मैं कोशिश करती हूं। लेकिन मुझे लगता है हम पूरी तरह नहीं समझ पाए हैं। आज जैसे किसी ने मुझे कहा हिंदू का डीएनए परमानेंटली बदल गया है। क्यों बदला है? किस तरह से बदला है? क्या चाह रहा है हिंदू? और जो भाजप है आप देखिए 11 साल में उन्होंने एक संस्था खड़ी कर दी ऑर्गेनाइजेशन खड़ा कर दिया है लार्जेस्ट इन द वर्ल्ड एक इलेक्ट्रल मशीनरी ह्यूमंगस इलेक्शन जीतने के लिए अब बाकी पार्टियां नहीं कर पाई हैं। कोशिश कर रही हैं। उत्तर प्रदेश याद मुझे याद है 13 से 14 11 महीने में 10 लोकसभा सीट से 71 लोकसभा सीट और यूपी ने जीता दिया यूपी ने जिता दिया 2014 में यूपी ने जीता दिया 2019 में यूपी ने डूबा दिया 2024 में मेजॉरिटी नहीं आने दी तो कहीं ना कहीं एक पावर की चाह कहते हैं ना किलर इंस्टिंक्ट पावर के लिए है चैलेंज भाजप का क्या है मेरे मेरी नजरों में टू वर्ड्स डिसेंट एंड डायवर्सिटी अगर आज राइटली और रोंगली आपकी माइनॉरिटी कम्युनिटीज फील इनसिक्योर देन दे आर नॉट ओनली 20000 लोग नहीं है

200 मिलियन है मुस्लिम आज। यू कैन से इन्होंने यह किया यह किया। यू मे बी अब्सोलुटली राइट इन एवरीथिंग। बट कैन यू बिल्ड अ न्यू इंडिया विकसित भारत विदाउट देयर कोऑपरेशन? विदाउट गेटिंग देम ऑन बोर्ड? एंड हाउ डू वी डू दैट? हमारे इंटरेस्ट में है ये करना। साथ में ले चलना। सबका साथ, सबका विकास। यस। बट हाउ डू वी डू दिस? दैट इज अ चैलेंज। डिसेंट। डिसेंट इज नॉट ओनली माय राइट इन अ डेमोक्रेसी टू बी एबल टू क्रिटिसाइज द गवर्नमेंट टू बी एबल टू क्रिटिसाइज पॉलिटिशियंस पॉलिटिकल पार्टीज ये मेरा राइट है ना डेमोक्रेसी में जो हमने जिसके लिए हम जैसा मैं कह रही थी वी आर सो प्राउड लेकिन डिसेंट आल्सो गोज़ बिय्ड दैट अगर आप नहीं आप क्वेश्चन नहीं करेंगे चीजों को चाहे यूनिवर्सिटी में है, चाहे ऑर्गेनाइजेशन में है कि ये हो रहा है, ये ठीक हो रहा है कि नहीं, इसको होना चाहिए कि नहीं? कास्टेंटली क्वेश्चन नहीं करेंगे तो आपकी आप क्रिएटिव कैसे होंगे? नई चीजें करने के लिए, नया रिसर्च क्रिएट करने के लिए, नई दिशा में बढ़ने के लिए, हो ही नहीं सकता ना।

अगर क्वेश्चनिंग मेंटालिटी को आप एनकरेज नहीं करते। सो डिसेंट एंड डवर्सिटी यादव आई थिंक भाजप ने बहुत अचीव किया है। बहुत चीजें की हैं। पर यह दो मोर्चों पे आपको लगता है दो मोर्चों पे मुझे लगता है एक चैलेंज है उनके लिए।

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