ऑस्ट्रेलिया के दौरे की बात करता हूं तो मैं बात ही पहले ही स्टार्ट करूंगा कि फ्लाइट जिस फ्लाइट पे हमें लेके जाया गया उसके बाद सिडनी उतर के मैं समझता हूं कि 12 से 13 से भी ज्यादा 14 15 घंटे हम वहां पे ओपरा स्ट्रीट पे लावारसों की तरह घूमते रहे। किसी बंदे ने हमारी टीम का कोई एहसास नहीं किया। ना वहां पे होटलिंग थी ना टाइम से फूड दिया गया। सुबह उठ के लड़के अपना ब्रेकफास्ट खुद बना रहे हैं। उसके बाद लड़के जो है वो बर्तन दो-दो तीन-तीन घंटे बर्तन वाश कर रहे हैं। उसके बाद जो है वो अपने बेडरूम साफ कर रहे हैं। अपने वो टॉयलेट जाके साफ कर रहे हैं। हमारे पास रेस्ट का टाइम है ही नहीं बिल्कुल ज्यादा। लड़कों को इन्होंने दिमागी जो है वो मरीज बना दिया है। हम कैसे पाकिस्तान के लिए मुल्क के लिए परफॉर्म कर सकते
हूं कि शेख उस्मान ने हमारे साथ जितनी बातें कही हैं ताहिद जमान ने वह सब बेबुनियाद झूठी हैं। पाकिस्तान की नेशनल हॉकी टीम के कप्तान उमद शकील भट्ट ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान टीम के साथ हुए दुर्व्यवहार और खराब मैनेजमेंट को लेकर सनसनीखेज खुलासे किए हैं। लाहौर हवाई अड्डे पर मीडिया से बात करते हुए कप्तान ने पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन पीएचएफ पर मानसिक प्रताड़ना और खिलाड़ियों को मजदूरों की तरह रखने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके इन आरोपों ने पाकिस्तान में तहलका मचा दिया है। उनका कहना है कि खिलाड़ियों को मैच खेलने से पहले बर्तन तक मांझने पड़े और कई घंटों तक सड़कों पर भटकना पड़ा। कप्तान उमाद भट्ट ने ऑस्ट्रेलिया से आ रही उन सभी खबरों की पुष्टि की जिनमें कहा गया था कि टीम को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों को मैदान
में उतरने से पहले किचन की सफाई, बर्तन धोना और यहां तक कि टॉयलेट रगड़ने के लिए मजबूर किया गया। टीम को बताया गया कि उन्हें अपने तीन वक्त का खाना महज $15 के दैनिक भत्ते में मैनेज करना होगा। उमद ने कहा कि मैनेजमेंट ने खिलाड़ियों को मानसिक रोगी बना दिया है। उन्होंने ताहिर जमा और अन्य अधिकारियों के बयानों को झूठा और पुलिंदा करार दिया। उमद भट्ट ने आरोप लगाया कि पीएचएफ ने टीम में फूट डालने की कोशिश की। खिलाड़ियों से अकेले में बुलाकर पूछा गया कि वह कप्तान के साथ है या फेडरेशन के साथ। हालांकि कप्तान ने गर्व से कहा कि पूरी टीम उनके साथ खड़ी है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उन्हें मीडिया से बात करने पर प्रतिबंध की धमकी दी गई थी जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। लाहौर एयरपोर्ट पर
मीडिया से बातचीत में बट ने साफ कहा अब बहुत हो चुका है। जब खिलाड़ी मैच खेलने से पहले किचन साफ करें और बर्तन धोए तो उनसे आप किस तरह के नतीजों की उम्मीद करेंगे? ऑस्ट्रेलिया पहुंचने के बाद टीम को सबसे पहले सिडनी एयरपोर्ट पर 13-14 घंटे इंतजार करना पड़ा। इसके बाद जब टीम कैनबरा में एफआईएच प्रो लीग मुकाबले के लिए होटल पहुंची तो पता चला कि बुकिंग ही नहीं की गई थी। खिलाड़ियों को बताया गया कि होटल प्रबंधन को अग्रिम भुगतान नहीं मिला है। नतीजा यह हुआ कि टीम को घंटों तक इंतजार करना पड़ा और अस्थाई व्यवस्था होने तक इधर-उधर भटकना पड़ा। अगले ही दिन पाकिस्तान को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहला मैच खेलना था जिससे टीम दोती से हार गई। दौरे के दौरान पाकिस्तान को मेजबान ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी दोनों से हार का सामना करना पड़ा। कप्तान भट्ट ने खुलासा किया कि टीम के लिए एयरबीएनबी आवास सिर्फ 10 दिनों के लिए बुक किया गया था। जबकि दौरा 13 दिनों का था। मजबूरी में खिलाड़ियों को बाद में सस्ते ठिकाने पर शिफ्ट होना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि फेडरेशन खिलाड़ियों से सच्चाई छिपाता रहा और मीडिया से बात करने पर
अनुशासनात्मक कारवाई की चेतावनी भी दी गई थी। बट ने कहा मैं इसीलिए बोल रहा हूं क्योंकि जो हमने ऑस्ट्रेलिया में झेला वो अस्वीकार्य है। फिलहाल पाकिस्तान की नेशनल हॉकी टीम के कप्तान के इस बयान पर आपका क्या कहना है? नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर लिखकर बताएं। ऐसी ही और खबरों से हमेशा अपडेट रहने के लिए चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिए और वीडियो पसंद आया हो तो लाइक और शेयर करना ना भूलें।