एक्टर रघुरावण शॉकिंग स्टोरी | महान विलेन रघुवरन का दर्दनाक अंत

आपको याद होगा 80 और 90 के दशक में हिंदी फिल्मों में एक बड़ा खतरनाक विलन हुआ करता था जो साउथ फिल्मों से आया था गुंडों के रोल ऐसे-ऐसे करता मानो असल जिंदगी का विलन हो नाम था रघुवरण फिल्म में सीन आता तो सामने हीरो के किरदार बौने पड़ जाते डायलॉग बोलने का अंदाज ही दर्शकों को सहलाने के लिए काफी रहता साउथ से लेकर बॉलीवुड तक में रघुवरण के नाम का डंका बजा करता था बड़े-बड़े सुपरस्टार्स अपनी फिल्म में विलन बनाने की सिफारिश किया करते ना दौलत की कमी ना शोहरत की मगर क्या आपको पता है रघुवरण की बस 49 साल में दर्दनाक मौत कैसे हो गई बस एक गलती इस महान विलन के बेरहम अंत की वजह बन गई यह वीडियो आपको हैरान करने जा रहा है दोस्तों अभिनेता रघुवरण की दर्दनाक मौत को जानने से पहले वह कौन थे यह जान लीजिए 1990 में एक हिंदी फिल्म आई थी नागार्जुन की शिवा यह फिल्म सुपरहिट हो गई थी

उसके मुख्य विलन भवानी की वजह से और भवानी कोई और नहीं रघुवरण ही बने थे ऐसी शानदार एक्टिंग की पहली बार नागार्जुन पर कोई विलन भारी पड़ा था मगर रघुवरण तो साउथ फिल्मों के गुंडे थे बॉलीवुड कैसे पहुंच गए चलिए बताते हैं रघुवरण केरल में 11 दिसंबर 1900 अन्न दन के दिन पैदा हुए थे पिता वहीं छोटा होटल चलाया करते बाद में परिवार को कोयंबटूर चला आया यहीं पर रघु पढ़ाई लिखाई करने लगे कभी सोचा नहीं था कि एक्टर बनना है बस बड़े हुए तो दोस्तों के साथ छोटे-मोटे थिएटर करने लगे बीए कर रहे थे कि अचानक से एक्टिंग सीखने का भूत सवार हो गया बस पढ़ाई बीच में ही छोड़कर पहुंच गई चेन्नई के एमजीआर एक्टिंग स्कूल और अदाकारी सीख ली 1982 में तमिल फिल्मों से शुरुआत की और हीरो बनकर आने लगे मगर लोगों ने पसंद ही नहीं किया फिर 1983 में सिल्क फिल्म में पहली बार विलन का किरदार क्या निभाया लोगों की नजरों में छा गए बस पूरी तमिल फिल्म इंडस्ट्री में विलन के रूप में पहचान बनने लगी खूब नाम होने लगा तो राम गपाल वर्मा की नजर भी इन पर पड़ गई

वह नागार्जुन के साथ साउथ फिल्म का हिंदी रिमेक बना रहे थे रामू ने रघु को मेन विलेन बना दिया 1990 में शिवा आई तो भवानी बने रघुवरण की दमदार एक्टिंग ने सबको चौका कर रख दिया कम ही बार ऐसा होता है कि दक्षिण भारत से कोई खलनायक आए और यहां के बड़े-बड़े धुरंधरों पर भारी पड़ जाए रघुवरण ने वह कर दिखाया नागार्जुन हीरो बनकर भी रघुवरण के सामने फीके पड़ गए शिवा सुपरहिट लोगों को शिवा से ज्यादा खतरनाक भवानी याद रह गया अब इतने शानदार एक्टर पर नजर कैसे ना पड़ती पड़ गई दिलीप कुमार की नजर और बुला लिया अपनी फिल्म इज्जत तार में इसके बाद तो एक से बढ़कर एक बॉलीवुड फिल्मों में अपनी शानदार एक्टिंग से रघुवरण ने जान फूंक डाली 1996 में सुनील शेट्टी की रक्षक में शानदार रोल फिर 1999 में सुपरहिट फिल्म लाल बादशाह में विक्की बादशाह के किरदार के आगे तो कई सींस में अमिताभ बच्चन तक फीके पड़ गए थे 2002 में आई माधवन की रन फिल्म में उनके बहनोई बनकर दिल जीत लि कम ही लोगों को पता होगा कि रजनीकांत जैसा सुपरस्टार तो खुलेआम कहता था

मेरी जिस फिल्म में रघुवरण ने काम किया वह सिर्फ उनकी अदाकारी की वजह से ही सुपरहिट हुआ करती थी रजनी तो डायरेक्टरों से जिद्द करके उनको अपनी फिल्मों में जबरदस्ती लिया करते रघु की आपने भी एक से बढ़कर एक फिल्में देखी होंगी जो हिंदी में डब होकर आई नई सदी शुरू होने तक तो रघुवरण का बॉलीवुड से लेकर साउथ फिल्मों में डंका बज लगा था खूब दौलत शोहरत बड़े बंगले पैसा इज्जत किसी चीज की कमी नहीं मगर बस जीवन में एक ऐसी गलती कर बैठे जो 49 साल की उम्र में इनका काल बन गई वह लत शराब थी जिसकी इनको लत पड़ गई शुरुआती सफलता के बाद जब पैसा आना शुरू हुआ तो फिल्म इंडस्ट्री में बड़े-बड़े लोगों में उठने बैठने के बीच दारू पीना शुरू कर दिया साल 1996 में अभिनेत्री रोहिणी से शादी हो गई एक बेटा भी हो गया मगर कामयाबी मिलते जा रही थी और रघुवरण की शराब बढ़ती जा रही थी फिर धीरे-धीरे शराब ने इस अभिनेता को पीना शुरू कर दिया बस यहीं से इनके जीवन की उल्टी गिनती शुरू हो गई बार-बार तबीयत बिगड़ने लगी अस्पताल के चक्कर लगवा करर शरीर ने संकेत दे दिया कि अब रुक जाओ मगर नहीं माने लिवर खराब होता जा रहा था

कई दफा तो हॉस्पिटल में भर्ती करने तक की नौबत आई फिर भी होश नहीं आया इसी बीच साल 2004 में पत्नी से भी तलाक हो गया अब तो अकेलेपन की साथी शराब बन गई दिन रात शराब में डूबे रहने लगे फिर तो वही हुआ जो होना था लीवर ने साथ छोड़ दिया और रघु की हालत इतनी बिगड़ गई कि बाद में वह फिल्मों में काम करने तक के काबिल ना रहे और एक्टिंग से मजबूरी में दूरी बनानी पड़ी साल 2008 था मार्च का महीना रघुवरण की हालत बहुत बिगड़ गई थी सिर्फ उन 50 साल में अंगों ने काम करना बंद कर दिया था एक दिन उनकी जान बचाने के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया डॉक्टर उनका जीवन बचाने की पूरी कोशिश करते रहे मगर 19 मार्च की सुबह करीब 6:00 बजे उनके दल ने अचानक धड़कना ही बंद कर दिया कोई कुछ समझ पाता उससे पहले ही रघु की जिंदगी का दर्दनाक अंत हो गया

वैसे उनके भाई रामेश्वरम ने एक और खुलासा किया था उनका दावा था कि रघु ने एक फिल्म की थी यार्डी ने मोहिनी उसमें नाकाम बेटे वासू के पिता का किरदार उन्होंने इतनी ज्यादा गंभीरता से कर लिया था कि वह रोल ही रघु के लिए तनाव का सबब बन गया था शराब के साथ यही तनाव उनको कार्डियक अरेस्ट से मौत दे गया काश रघुवरण ने कामयाबी के साथ शराब पर कंट्रोल किया होता तो यह शानदार अदाकार 49 साल में दर्दनाक मौत का शिकार ना होता दोस्तों क्या आपने एक्टर रघुवरण को देखा था।