लाल किले के पास क्या था इन कश्मीरी लड़कों का प्लान? | लाल किला

दिल्ली से बड़ी खबर आपको बताएंगे और दिल्ली से एक हैरान कर देने वाली खबर आपको बताने वाले हैं जिसको लेकर एक बहुत बड़ा खुलासा भी हुआ है। कल दिल्ली में आधी रात को जो हुआ वो हैरान कर देने वाला है क्योंकि यह बड़ी खबर दिल्ली से है और यहां पर लाल किले के पास एक संदिग्ध गाड़ी मिली है। संदिग्ध कार पर कश्मीर की नंबर फ्लेट थी और कार में पुलवामा का रहने वाला मुदस्सर बैठा हुआ था। जांच में मुदस्सर से एनआईए का फर्जी गार्ड मिला है। और कार में मुदस्सर के साथ एक नाबालिक भी था। तो यह बड़ी खबर इस वक्त हम आपको बता रहे हैं। इस मुदसर के पास से फर्जी एनआईए कार्ड मिला। कैसे उसने बनवाया और इसके अलावा यह भी खुलासा हुआ है कि यह जो गरीब लोग हैं उनसे पैसे एटता था। नौकरी के नाम

पर लोगों के साथ ठगी करता था। तो ये बड़ी खबर इस वक्त हम आपको बता रहे हैं। अभी पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया है। पूरे मामले की जांच जारी। लाल किले के पास संदिग्ध गाड़ी मिली। बता दें संदिग्ध कार पर कश्मीर की नंबर प्लेट थी। कार में पुलवामा का रहने वाला मुदसर बैठा हुआ था। जांच में मुदस्सर से एनआईए यानी कि नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी का फर्जी कार्ड मिला है। कार में मुदस्सर के साथ एक नाबालिग भी था। तो ये बड़ी खबर है और लाल किले के पास से साजिश किसकी है? सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है। देखिए सबसे बड़ी बात यह है कि युवक ने जब अपनी जेब से आईजी निकाली तो पुलिस के कान खड़े हो गए। यहीं आपको बता दें कि इस पूरे मामले की जांच फिर शुरू हो गई। जो राज खुले हैं उसने पुलिस को भी चौंका दिया है। दरअसल कार में बैठे हुए मुदस्सर के पास से एनआईए का फर्जी कार्ड मिला है। वह एनआईए अधिकारी नहीं है बल्कि नौकरी के नाम पर लोगों को ठगता था। ठगी करने वाला शातिर है मुदस्सर। आपको बता दें कि बेरोजगारों को टारगेट करके उनसे पैसेता था। उनसे संपर्क करता था। फोन

पर बात करता था। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी का फर्जी कार्ड उनको दिखाता था और बताता था कि आप मुझ पर भरोसा कीजिए। पुलवामा का ये मुदस्सर बताया जा रहा है। ये लोगों को कश्मीर से दिल्ली लाता था। सरकारी प्राइवेट नौकरी लगवाने का झांसा देता था कि आपकी सरकारी नौकरी मैं लगवा दूंगा। आपकी प्राइवेट नौकरी मैं लगा दूंगा। लोगों को झांसा देकर उनसे मोटी रकम लग ऐता था। ठगी करता था। गिरफ्तारी के वक्त भी नाबालिक उसके साथ ही मौजूद था। उसको भी ठग रहा था। नाबालिक को बताया जा रहा है कि वो कश्मीर से लेकर आया था। लाल किले के पास था। पुलिस ने जब पकड़ा तो फिर अलग ही खुलासा हुआ। आईडी कार्ड उसके पास फर्जी मिल सवाल ये खड़ा होता है क्या सिर्फ यही ये काम करता था या इसके पीछे वो कुछ और भी कर रहा था। आरोपी के नेटवर्क की पड़ताल लगातार की जा रही है। जांच भी की जा रही है कि उसने अब तक कितने लोगों को ठगा है? किन-किन राज्यों से वो संपर्क में था। उसके मोबाइल और डॉक्यूमेंट्स की फॉरेंसिक जांच भी इस वक्त की जा रही है। नाबालिक को सुरक्षित उसके परिवार से संपर्क में लाया गया। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद और खुलासे भी हो सकते हैं। तो देखिए हैरान कर देने वाला मामला है। सीधा आपको ग्राउंड पर ले चलते हैं। कोमल इस वक्त हमारे साथ जुड़ी हुई हैं।

कोमल ये तो हैरान कर देने वाला मामला है। एनआईए का फर्जी कार्ड कहां से बना? सबसे पहले तो यह सवाल खड़ा होता है और इसके पीछे क्या और भी कोई बड़ा नेटवर्क है? जरा बताइए जांच कहां तक पहुंची? बिल्कुल देखिए पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। लेकिन महिमा बात करें तो कुछ ही महीने पहले की बात है जब दिल्ली के ठीक ये रेडफोर्ट का इलाका था और यहां पे एक फिदा एंड हमला हो जाता है और ऐसे में यही देखिए ये दिल्ली चलो पार्क है। दिल्ली चलो पार्क एरिया अब बताती हूं आपको पूरी देखिए सीक्वेंस अगर बताएं तो यहां पे ये गाड़ी जो है वो पार्क थी। उसमें गाड़ी का जो नंबर था वो जम्मू कश्मीर से शुरू होता था। ऐसे में पुलिस का जो शक है वो गहरा जाता है। पुलिस जब वहां पे गाड़ी के पास पहुंचती है काली कलर की ये गाड़ी होती है। सेंट्रो गाड़ी होती है। पुलिस वहां पे पहुंचती है। दो शख्स जो है बैठे हुए नजर आते हैं। मुदसिर और उसके साथ वो नाबालिग होता है। यहां पे आपको कई सारी ऐसी गाड़ियां जो है ऐसे पार्किंग साफ तौर पर दिखती दिखती होगी कि गाड़ियां जो है ऐसे पार्किंग में यहां पे लगा करके लोग घूमने चले जाते हैं। आसपास मार्केट के लिए चले जाते हैं। तो ऐसे ही जो पीछे गाड़ियां नजर आ रही है यहां पे एक जम्मू कश्मीर नाम की गाड़ी जो है वो भी

लगी होती है। और ऐसे में जब पुलिस उनके पास पहुंचती है पुलिस को देख के चेहरे का हावभाव जब मुदस्सिर और वो जो नाबालिक था उनका हावभाव देख के पुलिस का शक गहरा जाता है। लेकिन उसके बाद भी पुलिस को चखमा देने की कोशिश जो है वो मुदसिर की तरफ से की जाती है। एनआईए का जो है अपने आप को अधिकारी बताने लगता है। ऐसे में जब आईडी कार्ड की जांच होती है तो पूरी तरह से यह फर्जी निकल के आता है। मामला निकलता है। अब बात करें तो पुलिस जो है लगातार नेटवर्क को पूरी तरह से खंगाल रही है कि आखिर ये नेटवर्क जो है वो कहां तक फैला हुआ है। कितने लोगों के साथ ठगी की गई है और वाकई में क्या ठगी जो है बेरोजगारों के साथ ठगी ही का नेटवर्क था या इसके पीछे कुछ और भी नेटवर्क चलता था पुलिस इसको भी देखे जो है इसकी भी जांच पड़ताल कर रही चल रही है किन राज्यों से इसके तार जुड़े हुए हैं इसकी भी जांच पड़ताल चल रही है और क्या कोमल आप बहुत महत्वपूर्ण जानकारी दे रहे हैं कि ठगी ही करता था या इसके पीछे कोई और भी ग्रुप शामिल था देखना महत्वपूर्ण होगा बहुत-बहुत शुक्रिया जानकारी देने के लिए मुदसर की तस्वीर आपने देख ली इस पूरे मामले को लेकर जांच पड़ताल लगातार जारी है कई सवाल यहां पर खड़े होते

हैं कि कब कब से ठगी कर रहा था? कौन-कौन से राज्य के लोगों से इसने संपर्क किया और कई सवाल और भी खड़े होते हैं। क्या इसके पीछे कोई और भी लोग शामिल है? कितना बड़ा ये गैंग था? यह देखना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होगा। इस पर नजर आएगी। दिल्ली से बड़ी खबर आपको बताएंगे और दिल्ली से एक हैरान कर देने वाली खबर आपको बताने वाले हैं जिसको लेकर एक बहुत बड़ा खुलासा भी हुआ है। कल दिल्ली में आधी रात को जो हुआ वो हैरान कर देने वाला है क्योंकि यह बड़ी खबर दिल्ली से है और यहां पर लाल किले के पास एक संदिग्ध गाड़ी मिली है। संदिग्ध कार पर कश्मीर की नंबर प्लेट थी और कार में पुलवामा का रहने वाला मुदस्सर बैठा हुआ था। जांच में मुदस्सर से एनआईए का फर्जी गार्ड मिला है। और कार में मुदस्सर के साथ एक नाबालिक भी था। तो यह बड़ी खबर इस वक्त हम आपको बता रहे हैं। इस मुदस्सर के पास से फर्जी एनआईए कार्ड मिला। कैसे उसने बनवाया और इसके अलावा यह भी खुलासा हुआ है कि यह जो गरीब लोग हैं उनसे पैसे एड़ता था। नौकरी के नाम पर लोगों के साथ ठगी करता था। तो यह बड़ी खबर इस वक्त हम आपको बता रहे हैं। अभी पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया है। पूरे मामले की जांच जारी। लाल किले के पास संदिग्ध गाड़ी मिली।

बता दें संदिग्ध कार पर कश्मीर की नंबर प्लेट थी। कार में पुलवामा का रहने वाला मुदस्सर बैठा हुआ था। जांच में मुदस्सर से एनआईए यानी कि नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी का फर्जी कार्ड मिला है। कार में मुदस्सर के साथ एक नाबालिक भी था। तो ये बड़ी खबर है और लाल किले के पास से साजिश किसकी है? सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है। देखिए सबसे बड़ी बात यह है कि युवक ने जब अपनी जेब से आईजी निकाली तो पुलिस के कान खड़े हो गए। यहीं आपको बता दें कि इस पूरे मामले की जांच फिर शुरू हो गई। जो राज खुले हैं उसने पुलिस को भी चौंका दिया है। दरअसल कार में बैठे हुए मुदस्सर के पास से एनआईए का फर्जी कार्ड मिला है। वह एनआईए अधिकारी नहीं है बल्कि नौकरी के नाम पर लोगों को ठगता था। ठगी करने वाला शातिर है मुदस्सर। आपको बता दें कि बेरोजगारों को टारगेट करके उनसे पैसे एता था। उनसे संपर्क करता था। फोन पर बात करता था। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी का फर्जी कार्ड उनको दिखाता था और बताता था कि आप मुझ पर भरोसा कीजिए। पुलवामा का ये मुदस्सर बताया जा रहा है। ये लोगों को कश्मीर से दिल्ली लाता था। सरकारी प्राइवेट नौकरी लगवाने का झांसा देता था कि आपकी सरकारी नौकरी मैं लगवा दूंगा। आपकी प्राइवेट नौकरी मैं लगा दूंगा। लोगों को झांसा देकर उनसे मोटी रकम लग ऐता था।

ठगी करता था। गिरफ्तारी के वक्त भी नाबालिक उसके साथ ही मौजूद था। उसको भी ठग रहा था। नाबालिक को बताया जा रहा है कि वो कश्मीर से लेकर आया था। लाल किले के पास था। पुलिस ने जब पकड़ा तो फिर अलग ही खुलासा हुआ। आईडी कार्ड उसके पास फर्जी मिला है। अब सवाल ही खड़ा होता है क्या सिर्फ यही ये काम करता था या इसके पीछे वो कुछ और भी कर रहा था। आरोपी के नेटवर्क की पड़ताल लगातार की जा रही है। जांच भी की जा रही है कि उसने अब तक कितने लोगों को ठगा है? किन-किन राज्यों से वो संपर्क में था। उसके मोबाइल और डॉक्यूमेंट्स की फॉरेंसिक जांच भी इस वक्त की जा रही है। नाबालिक को सुरक्षित उसके परिवार से संपर्क में लाया गया। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद और खुलासे भी हो सकते हैं। तो देखिए हैरान कर देने वाला यह मामला है। सीधा आपको ग्राउंड पर ले चलते हैं। कोमल इस वक्त हमारे साथ जुड़ी हुई हैं। कोमल ये तो हैरान कर देने वाला मामला है। एनआईए का फर्जी कार्ड कहां से बना? सबसे पहले तो यही सवाल खड़ा होता है और इसके पीछे क्या और भी कोई बड़ा नेटवर्क है? जरा बताइए जांच कहां तक पहुंची? बिल्कुल देखिए पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। लेकिन महिमा बात करें तो कुछ ही महीने पहले की बात है जब दिल्ली के ठीक ये रेडफोर्ट का इलाका था और यहां पे एक फिदा हमला हो जाता है और ऐसे में यही देखिए ये दिल्ली चलो पार्क है। दिल्ली चलो पार्क

एरिया अब बताती हूं आपको पूरी देखिए सीक्वेंस अगर बताएं तो यहां पे ये गाड़ी जो है वो पार्क थी। उसमें गाड़ी का जो नंबर था वो जम्मू कश्मीर से शुरू होता था। ऐसे में पुलिस का जो शक है वो गहरा जाता है। पुलिस जब वहां पे गाड़ी के पास पहुंचती है काली कलर की ये गाड़ी होती है। Stro गाड़ी होती है। पुलिस वहां पे पहुंचती है। दो शख्स जो है बैठे हुए नजर आते हैं। मुदस्सिर और उसके साथ वो नाबालिग होता है। यहां पे आपको कई सारी ऐसी गाड़ियां जो है ऐसे पार्किंग साफ तौर पर दिखती दिखती होगी कि गाड़ियां जो है ऐसे पार्किंग में यहां पे लगा के लोग घूमने चले जाते हैं। आसपास मार्केट के लिए चले जाते हैं। तो ऐसे ही जो पीछे गाड़ियां नजर आ रही है यहां पे एक जम्मू कश्मीर नाम की गाड़ी जो है वो भी लगी होती है। और ऐसे में जब पुलिस उनके पास पहुंचती है पुलिस को देख के चेहरे का हावभाव जब मुदस्सिर और वो जो नाबालिक था उनका हावभाव देख के पुलिस का शक गहरा जाता है। लेकिन उसके बाद भी पुलिस को चखमा देने की कोशिश जो है वो मुदस्सर की तरफ से की जाती है। एनआईए का जो है अपने आप को अधिकारी

बताने लगता है। ऐसे में जब आईडी कार्ड की जांच होती है तो पूरी तरह से ये फर्जी निकल के आता है। मामला निकलता है। अब बात करें तो पुलिस जो है लगातार नेटवर्क को पूरी तरह से खंगाल रही है कि आखिर ये नेटवर्क जो है वो कहां तक फैला हुआ है? कितने लोगों के साथ ठगी की गई है और वाकई में क्या ठगी जो है बेरोजगारों के साथ ठगी ही का नेटवर्क था या इसके पीछे कुछ और भी नेटवर्क चलता था पुलिस इसको भी देख जो है इसकी भी जांच पड़ताल कर रही चल रही है किन राज्यों से इसके तार जुड़े हुए हैं इसकी भी जांच पड़ताल चल रही है और क्या कोमल आप बहुत महत्वपूर्ण जानकारी दे रहे हैं कि ठगी ही करता था या इसके पीछे कोई और भी ग्रुप शामिल था

देखना महत्वपूर्ण होगा बहुत-बहुत शुक्रिया जानकारी देने के लिए मुदसर की तस्वीर आपने देख ली इस पूरे मामले को लेकर जांच पड़ताल लगातार जारी है कई सवाल यहां पर खड़े होते हैं कि कब से ठगी कर रहा था। कौन-कौन से राज्य के लोगों से इसने संपर्क किया और कई सवाल और भी खड़े होते हैं। क्या इसके पीछे कोई और भी लोग शामिल है? कितना बड़ा यह गैंग था? यह देखना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होगा। इस पर नजर आएगी।