Trump Backfoot पर या कोई Strategy? Trump के इस फैसले को Iran क्यों बता रहा है झूठ!

trum ne

वीज पॉइंट्स ऑलमोस्ट पॉइंट्स अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों को पांच दिनों के लिए टाल दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया ट्रुथ पर कैपिटल लेटर्स में एक बड़ा सा पोस्ट लिखा है। कैपिटल लेटर्स में संदेश लिखने का एक खास मतलब होता है। यह मैं आपको आगे बताऊंगी। पहले बात करते हैं आखिर ट्रंप ने क्या कहा और जवाब में ईरान ने क्या रीट्वीट [संगीत] किया है। ट्रंप ने ट्रुथ पर लिखा मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है

कि पिछले दो दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच मिडिल ईस्ट में हमारी दुश्मनी को पूरी तरह से खत्म करने के बारे में बहुत अच्छी और काम की बातचीत हुई है। इस लंबी अर्थपूर्ण और रचनात्मक बातचीत पूरे हफ्ते जारी रहेगी। मैंने डिफेंस डिपार्टमेंट को निर्देश दिया है कि ईरान के पावर प्लांट और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर किसी भी तरह के सैन हमलों को पांच दिनों के लिए टाल दें।

यह इस बात पर निर्भर करेगा कि चल रही बैठकें और बातचीत [संगीत] कितनी सफल रहती हैं। इस मामले पर ध्यान देने के लिए आप सभी का धन्यवाद। राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रंप मिडिल ईस्ट वॉर को 24 दिन से अधिक हो गए हैं। पूरी दुनिया इस युद्ध के चपेट में आ गई है। कच्चे तेल और एलपीजी ही नहीं कई जहाज स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोस पर फंसे हुए हैं। संडे को ट्रंप ने ईरान को स्टेट ऑफ हॉर्मोस पूरी तरह से खोलने के लिए 48 घंटे का समय दिया था। ट्रंप ने कहा था कि अगर इस समय सीमा में ईरान हॉर्मोस को नहीं खोलता है

तो ईरान के पावर प्लांट पर हमला करेंगे। ईरान ने भी ट्रंप को जवाब में कहा था कि अगर अमेरिका ने ईरान के पावर नेटवर्क को निशाना बनाया तो वह इजराइल के पावर प्लांट और पूरे खाड़ी देशों में यूएस के ठिकानों को बिजली सप्लाई करने वाले प्लांट पर हमला करेगा। हालांकि 48 घंटे का अल्टीमेटम 24 मार्च को खत्म हो रहा है। उससे पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से हुई अपनी बेहतर बातचीत का एक और बम फोड़ दिया है। इसके बाद ईरान ने ट्वीट किया और उसने कहा कि युद्ध टालने को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई है।

ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति आयोग के प्रवक्ता इब्राहिम रजाई ने कहा कि लड़ाई जारी है और यह शैतान के लिए एक और हार है। ट्रंप और अमेरिका एक बार फिर हार गए हैं। इसके बाद विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया कि वाशिंगटन के साथ ईरान किसी भी तरह की प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष किसी तरह की बातचीत में शामिल नहीं है। उसने यह भी साफ किया कि इस तरह का बयान देकर डोनाल्ड ट्रंप सिर्फ अपने लिए कुछ समय ले रहे हैं। यह उनका मनोवैज्ञानिक युद्ध की एक चाल है। ईरान की सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्स ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका से ईरान कोई बात नहीं कर रहा है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि जब उन्हें यह जानकारी मिली कि हमारे निशाने पर पूरे पश्चिम एशिया के सभी पावर स्टेशन हो सकते हैं तो उन्होंने अपना रुख बदल लिया और पीछे हट [संगीत] गए। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की कड़ी सैन्य चेतावनियों के बाद एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करने का [संगीत] फैसला पीछे ले लिया है।

आपको बता दें कि इससे पहले खाड़ी देशों ने भी अमेरिका को यह चेतावनी दी थी कि पावर प्लांट पर उनका हमला सहयोगी देशों के लिए मुसीबत खड़ी कर सकता है। अब आपको यह बता दें कि चलते-चलते कि कैपिटल लेटर्स में लिखे गए किसी भी संदेश [संगीत] का एक खास मतलब होता है। उसे ध्यान देने और गौर से देखने के लिए लिखा जाता है। बहुत महत्वपूर्ण है। यह भी बताया जाता है। लेकिन यही चीज़ अगर सोशल मीडिया पर लिखी गई है तो इसका मतलब होता है चिल्लाना और चिल्ला चिल्लाकर अपनी बात को कहना।

You May Have Missed