UAE दुबई पर ईरान का हमला: ईरानी ड्रोन को कैसे निशाने पर ले रहा एयर डिफेंस सिस्टम, देखिए वीडियो

मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ रहा है और ईनान की तरफ से लगातार हमले किए जा रहे हैं दुश्मनों पर। इन हमलों में सबसे ज्यादा निशाना संयुक्त अरब अमीरात यानी कि यूएई को बनाया जा रहा है। लेकिन अब यूएई ने अपनी सुरक्षा और हवाई क्षेत्र की रक्षा के लिए बड़ा और खतरनाक कदम उठाया है। दावा किया गया है कि उन्होंने अब तक 16 बैलेस्टिक मिसाइल और लगभग 113 ड्रोन को रोक दिया है। कुल 17 बैलेस्टिक मिसाइलों में से 16 को यूएई की एयर डिफेंस प्रणाली ने पूरी

तरह से नष्ट कर दिया। यूएई रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लगभग 40 सेकंड का ब्लैक एंड वाइट वीडियो जारी किया जिसमें दिखाया गया है कि कैसे उनकी एयर डिफेंस प्रणाली ईरानी ड्रोन को रोकते हुए उन्हें मार गिरा रहे हैं। वीडियो के साथ मंत्रालय ने कहा कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता के मामले में कोई समझौता नहीं किया जा सकता। ड्रोन यूएई को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा था जिसे समय रहते मार गिराया गया। मंत्रालय ने यह भी कहा कि और स्पष्ट किया कि यूएई सशस्त्र बल हमेशा किसी भी खतरे को रोकने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद और तैयार हैं। व रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक अब तक यूएई पर कुल 238 बैलेस्टिक मिसाइल दागी गई हैं। जिसमें से 1422 ड्रोन और आठ क्रोज मिसाइलें दागी गई हैं। 1342 को रोक दिया गया है। जबकि 80 ड्रोन यूएई के इलाके में गिरे हैं। रविवार को देश में 17 बैलेस्टिक मिसाइल, 117 ड्रोन का पता चला है। जिनमें से 16 मिसाइल, 113 ड्रोन को इंटरसेप्ट किया गया। जबकि एक मिसाइल और चार ड्रोन

समुद्र में गिरे हैं। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने यह भी कहा कि ईरान ने अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद पड़ोसी देशों में जवाबी कारवाई शुरू की है। रविवार को हुए हमलों में यूएई में चार लोगों की मौत हुई है। मृतकों में पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश के नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा अमीराती, मिस्र, सूडानी, इंडोनेशियाई, फिलिपुनो, पाकिस्तानी, ईरानी, भारतीय बांग्लादेशी, श्रीलंकाई, अज़रबैजानी, यमनी, योगांडा तमाम 112 लोग मामूली आंशिक रूप से घायल हुए हैं इन देशों के भी। इस तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारतीय दूतावास ने भी नागरिकों के लिए एक एडवाइज़री जारी की है। इसमें कहा गया है कि किसी भी तरह की घटनाओं का वीडियो या फोटो सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पोस्ट करना मना है। यूएई के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर कोई व्यक्ति घटना स्थल या मना की गई जगहों एयरपोर्ट के अंदर बिना अनुमति के वीडियो बनाता है तो उसके खिलाफ सख्त कारवाई की जाएगी। भारतीय दूतावास ने कहा है कि सभी भारतीय

नागरिकों को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और कानूनी नतीजों से बचने के लिए इन नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए। चेतावनी आने पर तुरंत सुरक्षित जगह पर चले जाना चाहिए और तब तक वहीं रहना चाहिए जब तक अलर्ट हट ना जाए। मिडिल ईस्ट में जंग का 10वां दिन है और यूएई ईरान की ओर से आ रहे हमलों का मुंहतोड़ जवाब दे रहा है। यह देश की एयर डिफेंस प्रणाली लगातार ड्रोन और मिसाइलों को रोक रही है। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि यूएई अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है और किसी भी खतरे का सामना करने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद खड़ा है। मिडिल ईस्ट की जंग अब उस मुकाम पर आ गई है जहां से वापसी का रास्ता नामुमकिन नजर आता है। रविवार की रात ईरान ने इजराइल पर अब तक का सबसे भीषण और बड़ा हमला बोल दिया। तेल अवीप का आसमान 10 जोरदार धमाकों से दहल उठा। लेकिन इस बार कहानी अलग है। पहली बार इजराइल के अंदर हुई

तबाही की तस्वीरें और वीडियोस इतनी स्पष्टता के साथ सामने आए हैं जिन्होंने पूरी दुनिया को सन कर दिया है। इन वीडियोस में चारों ओर सिर्फ तबाही ही तबाही नजर आ रही है। ईरानी मिसाइलों और ड्रोंस ने इजराइल के डिफेंस को भेजते हुए वो मंजर पैदा किया जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। इजरायली सेना ने पुष्टि की है कि ईरान ने नई और घातक बैलेस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया। आईडीएफ के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नादो शोसानी ने भले ही दावा किया कि रन की सैन्य क्षमता में गिरावट आई है लेकिन तेल अभी की सड़कों पर गिरे मलबे और जलती इमारतों की तस्वीरों ने दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आसमान में इंटरसेप्टर सिस्टम जरूर सक्रिय थे लेकिन ईरान की मिसाइलों की तादाद इतनी ज्यादा थी कि इजराइल का अभेद कवच भी इस बार बेबस नजर आया। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पिजिशियन के माफीनामे के महज 24 घंटे बाद ही पूरा क्षेत्र बारूद के ढेर में बैठ गया। कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के ईंधन भंडारण क्षेत्र को ड्रोन से निशाना बनाया गया। जिससे वहां

भारी नुकसान हुआ। वहीं सऊदी अरब ने दावा किया है कि उसने 21 ड्रोंस को मार गिराया। यूएई ने भी हाई अलर्ट जारी किया है। साफ है ईरान अब आर-पार के मूड में है और पूरे क्षेत्र में फैले अमेरिकी और इजराइली हितों को निशाना बना रहा है। ईरान ने केवल इजराइल ही नहीं बल्कि बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को भी सीधे निशाने पर लिया। आईआरजीसी ने इसे अपने जल शोधन संयंत्र पर हुए हमले का बदला बताया। दूसरी तरफ इजरायल ने ईरान के तेहरान और अलबोर्ज प्रांत में पांच प्रमुख तेल केंद्रों को तबाह कर दिया। जिसमें चार टैंकर चालकों की मौत हो गई। इन हमलों के बाद तेहरान का आसमान काले धुएं की मोटी चादर में ढक गया। इधर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दोहराया है कि उन्हें ईरान से बिना शर्त समर्पण के अलावा कुछ भी मंजूर नहीं। उन्होंने मिनाब स्कूल हमले को ईरान की अपनी गलती करार दिया। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इजराइल से आ रही तबाही की तस्वीरों ने दुनिया को हिला दिया है। ईरान के इस प्रलयकारी प्रहार ने युद्ध की दिशा बदल दी है। क्या इजराइल इस चोट को सह पाएगा या जवाबी कार्रवाही में परमाणु हथियारों की बात होगी? हजरत सैयद मुस्तबा हुसैनी हफ्लाह बल मुस्लिम जहान रहबर कद जमूर इस्लाम अल्लाहहु अकबर मिडिल ईस्ट में जंग का दवा दिन एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के साथ शुरू हुआ। इरान को नया सुप्रीम लीडर मिल गया और इसी के साथ देश

के कई शहरों में लोग सड़कों पर उतर कर जश्न मनाते नजर आए। राजधानी तेहरान में समर्थकों ने झंडे लहराए, आतिशबाजी की और नए नेतृत्व के समर्थन में नारे लगाए। इस राजनीतिक बदलाव के बीच ईरान ने इजराइल पर मिसाइलों की दो नई लहरें दाग कर साफ संकेत दे दिया है कि युद्ध की दिशा अब और ज्यादा आक्रामक हो सकती है। आया अली खामिनई की मौत के बाद उनके बेटे मौज तबा खामिनई को देश का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है। लंबे समय से उन्हें इस पद का संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा था। हालांकि वह कभी किसी निर्वाचित या औपचारिक सरकारी पद पर नहीं रहे। लेकिन ईरान की सत्ता संरचना में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती रही है। नए नेता के रूप में उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई जब ईरान अमेरिका और इजराइल के साथ सीधे सैन्य टकराव में उलझा हुआ है। ईरान के सरकारी टीवी के मुताबिक यह फैसला उस समय आया जब देश 88 सदस्य विशेषज्ञों की सभा के आधिकारिक निर्णय का इंतजार कर रहा था। यह धार्मिक परिषद परंपरागत रूप से ईरान के सर्वोच्च नेता का चयन करती है। लेकिन युद्ध की स्थिति और बढ़ते दबाव के बीच मौस्तबा खामई के नेतृत्व को लेकर सहमति बनने की खबर सामने आ गई। हजरत सैयद मुस्तबा हुसैनी हफ्लाह ब्र मुस्लिम जबरद जमूर इस्लाम अल्लाहहु अकबर

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