आज हम बात करने वाले हैं द केरला स्टोरी के सीक्वल केरला स्टोरी टू को लेकर उठ रही कंट्रोवर्सी पर। जैसे ही कैरला स्टोरी टू का ट्रेलर सामने आया सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कुछ लोग इसे सच्चाई दिखाने वाली फिल्म बता रहे हैं तो कुछ इसे प्रोपोगेंडा कह रहे हैं। सबसे पहले समझते हैं कि केरला स्टोरी वन क्या थी। 2023 में रिलीज हुई द केरला स्टोरी में दावा किया गया था कि केरल की हजारों लड़कियों को जबरन धन परिवर्तन कराकर आतंकी संगठन आईएसआई में शामिल किया गया। फिल्म का ट्रेलर आते ही विवाद शुरू हो गया था। केरल सरकार और कई राजनीतिक नेताओं ने कहा कि फिल्म में दिखाए गए आंकड़े बढ़ा चढ़ाकर पेश किए गए। बाद में फिल्म के मेकर्स को ट्रेलर में कुछ बदलाव भी करने पड़े। फिल्म को लेकर राजनीतिक बहस भी हुई। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने इसे प्रोपेगेंडा बताया।
पहला फिल्म जो था केरला स्टोरी वो तो नफरत फैलाने वाला फिल्म ही थे और इसमें कोई बुनियाद नहीं थे। कह रहे थे कि हजारों लोग कन्वर्ट हो गया ये सही नहीं है। मेरे ख्याल में कुल मिला के कुछ सालों में करीब 30 केस ऐसे कुछ थे और जो कहानी वो बता रहा था वो सिर्फ कुछ लड़कियों के हुए थे। देखिए हमारे देश तो बड़े देश हैं। अगर इधर-उधर कुछ होते हैं उसका मतलब नहीं कि आप उसको बना के बहुत बड़ा कहानी बना के प्रोपेगेंडा कर दे। ये नफरत फैलानी बात को हम छोड़ के श्री नारायण गुरु की किताब जो मैंने आज प्रकाशित किया ऊपर राष्ट्रपति आके ने कहा क्या कहा कि आप सब लोग सब साथ एक साथ जीना चाहिए और एक साथ जीना का मतलब है कि आप आप क्यों जब ये जरूरी नहीं है इस किस्म की चीज बताने के लिए जो
सही भी नहीं है और जो लोगों को सिर्फ उनके मन में नफरत पैदा करता है ये क्यों करें मेरे ख्याल में हालांकि फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई की और इसे सपोर्ट करने वाले लोगों ने कहा कि यह छिपी हुई सच्चाई को सामने लाने की कोशिश है। अब बात करते हैं कैलरा स्टोरी 2 की। जैसे ही सीक्वल की चर्चा शुरू हुई, केरल के कुछ लोगों ने खुद सामने आकर कहा कि पहली फिल्म ने राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाया। उनका कहना है कि केरल को गलत तरीके से पेश किया गया। सोशल मीडिया पर बहस फिर से तेज हो गई है। क्या ऐसी फिल्में बननी चाहिए जिनकी सच्चाई पर सवाल उठते हो। दरअसल, द केरला स्टोरी में दिखाया जाएगा कि कैसे प्यार के जाल में फंसी तीन लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराया जाता है। हाल ही में फिल्म का ट्रेलर भी जारी किया गया था जिस पर बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने फिल्म को
प्रोपेगेंडा बता दिया है। हाल ही में अनुराग कश्यप ने मीडिया से बातचीत में द केरला स्टोरी को बांटने वाली फिल्म बताया। उन्होंने कहा कि मेकर्स पैसा कमाने के लिए इस तरह की फिल्में बना रहे हैं। उन्होंने मेकर्स को लालची भी बताया। ट्रेलर में एक सीन है जिसमें एक हिंदू लड़की को जबरन बीफ खिलाया जाता है। जब से ट्रेलर रिलीज हुआ कुछ लोग इसकी भी आलोचना कर रहे हैं। हाल ही में प्रकाश राज ने भी फिल्म को लेकर तंज कसा। प्रकाश राज ने सोशल मीडिया पर बीफ और पोर्क की तस्वीर शेयर कर मेकर्स पर निशाना साधा। रविवार को एक्स हैंडल पर वांटेड स्टार प्रकाश राज ने पोर्क बीफ और फिश की डिसीज की तस्वीरें शेयर की। इन तस्वीरों के साथ एक्टर ने कैप्शन में लिखा असली केरल स्टोरी यह है कि कैसे पोर्क बीफ और मछली शाकाहारी साध्या के साथ रहते हैं और वह सभी मिलजुलकर रहते हैं। प्लीज एंजॉय करें। बस पूछ रहा हूं सभी को हैप्पी संडे। इसके अलावा एक कपल ने भी केरल में बीफ को लेकर एक वीडियो बनाया। उन्होंने क्या कहा? आइए आपको इस वीडियो में दिखाते हैं। हाय। हेलो। वी बोथ आर फ्रॉम केरला वी बोर्न इन टू डिफरेंट हिंदू फैमिली वी आर मेकिंग दिस वीडियो टू डेडिकेट आवर
मील फॉर एन एंटायर टीम ऑफ केरला स्टोरी टू या केरला स्टोरी टू वी आर ईटिंग बीफ टुडे या वी आर ईटिंग बीफ वी डू कुक बीफ वी लव ईटिंग बीफ एंड इन केरला पीपल वोंट फोर्स एनीवन टू ईट बीफ मोर देन दैट पीपल ऑफ केरला आर लिटरेट एंड दे हैव सी सेंस दे नो हाउ टू बिहेव सो दिस एंटायर फूड इज डेडिकेटेड टू केरला स्टोरी एंड ह डायरेक्टर एंड दिस बीफ इज टू यम्मी यम्मी यम्मी इसके अलावा केरला की एक और लड़की ने इस पर वीडियो बनाया है। क्या कुछ कहा है आइए आपको सुनवाते हैं। हाय आई यूजुअली मेक वीडियोस इन मलयालम बट दिस वन इज़ नॉट फॉर मल्लूस बिकॉज़ पीपल इन केरला आर ऑलरेडी लैफिंग एट केरला स्टोरी 2.0 एंड आई रियली डोंट लाइक ब्रिंगिंग माय पर्सनल स्टफ इनटू माई वीडियोस और पॉलिटिक्स बट समटाइम्स रियल लाइफ इज़ द बेस्ट रिस्पांस टू प्रोपेपगेंडा आई बिलीव सो
आई वाज़ बोर्न इन अ हिंदू फैमिली अह फ़ेल इन लव विथ द मुस्लिम गाइड फ्रॉम केरला वी गट मैरिड अंडर द स्पेशल मैरिजेस एक्ट एंड देयर वाज़ नो कन्वर्शन नो कोऑक्शन वी लीव पीसफुल्ली विथ द फैमिलीज़ दिस इज़ नो एक्सेप्शन इन केरला। दिस इज़ क्वाइट कॉमन। एंड आई हैव आल्सो सीन रोल्स लाइक हाईएस्ट लिटरेसी सर। यस वी डू हैव द हाईएस्ट लिटरेसी रेट। इट्स 96% एंड बेस्ट ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स इंडिकेटर्स, बेस्ट हेल्थ इंडिकेटर्स। अह लोएस्ट इनफेंट मोटैलिटी रेट, लोएस्ट मैटरनल मोटैलिटी राइट, बेस्ट अमोंग वीमेन एजुकेशन इन द कंट्री। अह द कम्युनिटीज़ अह हैव एन इंटरडिपेंडेंट लाइफ़ इन अह वर्क प्लेसेस, इन स्कूल्स, इन नेबरहुड्स। सो डोंट बिलीव सिनेमा ओवर डाटा जस्ट विजिट केरला सी हाउ पीपल लिव हियर हाउ ओनम दिवाली ईद क्रिसमस सेलिब्रेटेड अक्रॉस कम्युनिटीज़ एंड नो वन इज़ अह फोर्सिंग बी इंटू एनीवनस माउथ हियर वी हैव अ ब्यूटीफुल फ़ूड कल्चर व्हेन यू विजिट अह यू शुड ट्राई दैट फर्स्ट। वन थिंग आई शुड टेल यू
अह इज़ दैट व्हेनएवर मी एंड माय हस्बैंड वी ट्रैवल आउटसाइड केरला, वी कैरी आवर मैरिज सर्टिफिकेट विथ अस। नॉट बिकॉज़ केरला इज़ अनसेफ। बट बिकॉज़ सच काइंड ऑफ़ स्टुपिड प्रोपेगंडा अह हैज़ क्रिएटेड दैट अह सस्पेशन अबाउट अस एल्सवेयर इन इंडिया। आई थिंक केरला डसंट नीड डिपेंडिंग बट ट्रुथ डज़ एंड मिस्टर सुदीप तो यू आर नॉट एन आर्टिस्ट। यू आर अ संघ परिवार प्रोपेगेंडा मशीन। एंड कांग्रेट्स इन एडवांस बिकॉज़ यू विल मोस्ट प्रोबेब्ली विन द नेशनल अवार्ड फॉर द शिट आल्सो। बाय। कुल मिलाकर कैलोरा के लोगों की तरफ से जो भी वीडियोस सामने आ रहे हैं उसमें यही कहा जा रहा है कि कोई भी किसी को भी जबरदस्ती बीफ नहीं खिलाया जाता है। यहां सबसे बड़ा सवाल यही है क्या फिल्म मेकर को किसी भी मुद्दे पर फिल्म बनाने की आजादी होनी चाहिए या फिर जब किसी समाज
या राज्य की छवि प्रभावित हो तो ज्यादा जिम्मेदारी दिखानी चाहिए। एक तरफ अभिव्यक्ति की आजादी है तो दूसरी तरफ सामाजिक जिम्मेदारी। अगर फिल्म पूरी तरह रिसर्च और प्रमाणों पर आधारित हो तो उसे सच्चाई कहा जा सकता है। लेकिन अगर आंकड़े या घटनाएं विवादित हो तो उसे प्रोपेगेंडा कहे जाने का खतरा बढ़ जाता है। द केरला स्टोरी के साथ भी यही हुआ। कुछ लोगों ने इसे सच बताया। कुछ ने इसे डर फैलाने वाली फिल्म कहा। अब अगर केरला स्टोरी 2 बनती है तो जाहिर है कि विवाद फिर इसे खड़ा होगा। दोस्तों सिनेमा समाज का आईना भी होता है और कई बार समाज को प्रभावित कर
ने वाला माध्यम भी। इसलिए ऐसी फिल्मों पर बहस होना नेचुरल है। आखिर में सवाल आपसे है क्या आपको लगता है कि ऐसी फिल्मों पर रोक लगनी चाहिए या फिर हर फिल्म को देखने और खुद फैसला करने की आजादी होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। फिलहाल इस वीडियो में इतना ही। वीडियो पसंद आया हो तो इसे लाइक करें, शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना बिल्कुल ना भूलें।