23 फरवरी की तारीख रात का तकरीबन 10:35 का वक्त हो रहा था। तभी टेलीविज़न स्क्रीन पर एक खबर फ्लैश होती है जिसमें जिक्र होता है झारखंड का बताया जाता है कि रांची से एक एयर एंबुलेंस ने उड़ान भरी और उड़ान भरने के कुछ वक्त बाद चतरा इलाके में वहां पर एयर एंबुलेंस क्रैश हो जाती है। इस एयर एंबुलेंस में एक मरीज समेत सात लोग सवार थे। क्या कुछ हुआ है? मेरे साथ मेरे सहयोगी जो नावेद हैं वो बताएंगे पूरा घटनाक्रम क्या हुआ है। देखिए हिमांशु सबसे पहले मैं आपको बता दूं कि इंडिया टुडे के पत्रकार सत्यजीत कुमार ने ये रिपोर्ट भेजी है कि एयरपोर्ट डायरेक्टर जो है रांची के उनसे फोन पर उन्होंने बात की और एयरपोर्ट डायरेक्टर ने ये पुष्टि कर दी है
कि कुछ देर पहले यानी जब वो रिपोर्ट आई थी उसकी कुछ देर पहले चतरा के पास एक एयर एंबुलेंस क्रैश हो गई। इसके अलावा जो वो रांची से दिल्ली जा रही थी जो आपने बताया और विमान जब चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र वाले इलाके में गुजर रहा था वहां पर करवतंड गांव है तो उसके पास जंगल में ये क्रैश हुआ है और ये सोमवार शाम की यानी 23 फरवरी की शाम की घटना है। एयर ट्रैफिक कंट्रोल से कह रहे हैं कि उनका संपर्क टूट गया था जिसकी वजह से वो वहां पर कांटेक्ट नहीं कर पाए और यह क्रैश हो गया और जानकारी के मुताबिक जैसा मैंने आपको बताया कि एयर एंबुलेंस था और झारखंड से ये जा रहा था देश की राजधानी दिल्ली वहां के लिए उन्होंने रिपोर्ट उसकी जो उड़ान थी वो भरी थी। इसके अलावा इंडिया टू के पत्रकार जो अमित भारद्वाज हैं उन्होंने भी इसमें कुछ डिटेल्स दी हैं जिस पर डीजीसीए जो इसको पूरा विमान उड्डन जो रहता है डायरेक्टेट जनरल ऑफ सिविल एवीएशन भारत के जो नागरिक उड्डन है उसके पूरी नियाक संस्था है तो उस
ने भी इसको लेकर बयान जारी कर दिया है 23 फरवरी 2026 को ही जारी किया उसमें जो जानकारी वो मैं दर्शकों को पढ़कर बता देता हूं। उसमें कहा है कि 23 फरवरी 2026 को रेड बर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड का बीच क्राफ्ट C90 विमान जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर वीटीए जेवी था मेडिकल एकुएशन यानी एयर एंबुलेंस वाली फ्लाइट थी उसके लिए उसके रूप में रांची से दिल्ली सेक्टर पर वो संचालित हो रहा था और झारखंड के चतरा जिले के कसारिया पंचायत में वो क्रैश हो गया डीजीसीए ने कहा आगे कहता है डीजीसीए कि विमान में दो क्रू मेंबर्स समेत कुल सात लोग सवार थे विमान रांची रांची से 7:11 आईएसटी यानी इंडियन स्टैंडर्ड टाइम पर उड़ान भरता है। कोलकाता से संपर्क स्थापित करने के बाद 7:34 पर विमान का कम्युनिकेशन और रेडार कांटेक्ट जो है वो लगभग वाराणसी से 100 नॉटिकल माइल्स साउथ ईस्ट पर टूट गया। नॉटिकल माइल्स यानी जब हम हवाई और समुद्री यात्रा करते हैं तो
उसकी जो दूरी मापने की इकाई होती है यूनिट होती है वो नॉटिकल माइल्स होती है और एक नॉटिकल माइल्स यानी एक 1.85 कि.मी. यानी 1 कि.मी. 850 मीटर होती है उसके बराबर। आगे डीजीसीए के बयान में कहा गया कि जो जिला प्रशासन है उसकी सर्च और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई है और एएआईबी यानी एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो जो विमान दुर्घटनाओं की जांच करने वाली सरकारी संस्था है एजेंसा है एजेंसी है तो वो एएआईबी की टीम भी वहां पर जांच के लिए रवाना की जा रही है ये डीजीसीए ने बताया कारण डीजीसी इसके लिए बताता है कि विमान का कम्युनिकेशन और रेडार कांटेक्ट लगभग वाराणसी से 100 नॉटिकल माइल साउथ ईस्ट साउथ ईस्ट में टूट गया था जैसा उसमें उन्होंने बताया और वही कि एआईबी की टीम जांच के जा चुकी है। तो यह डीजीसीए के स्टेटमेंट से हमें जानकारी मिली। इसके अलावा इंडिया टुडे से जुड़े पत्रकार जो सत्यजीत कुमार हैं उन्होंने भी जो विमान की कुछ और जानकारी वो हमें बताई है कि
वीटी एजे वीवी जो टाइप बीच क्राफ्ट किंग एयर बीई9 एल था जिसका ऑपरेटर रेड बर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड है वो रांची से दिल्ली की उड़ान पर था और 1337 यूटीसी यानी लगभग 7:07 पर उसने उड़ान भरी और इसके बाद वो वहां पर आधिकारिक बयान थी और एक मेडिकल फ्लाइट थी इसमें तो एक पेशेंट सवार था जो अपने शुरुआत में दर्शकों को बताई भी और सात लोग थे जिसमें में एक पेशेंट था, एक डॉक्टर था, एक पैरामेडिक था यानी आपात चिकित्सा सहायक जो रहते हैं वो था। दो अटेंडेंट थे और मरीज की देखभाल करने वाले अटेंडेंट जो थे वो थे। एक पायलट था और एक को पायलट था। तो वी टी ए जेजेवी फाइव एफ40 यानी F140 पर उसने उड़ान भरी थी। F140 यानी फ्लाइट लेवल 140 है। यानी लगभग 14,000 फीट की ऊंचाई पर। तो यहां पर उसने फ्लाइट भरी थी और एफ 180 यानी लगभग 18,000 फीट की निर्धारित ऊंचाई का उसने रिक्वेस्ट किया था उसने। फिर उसके बाद दिल्ली पहुंचने का जो एक्सपेक्टेड टाइम था उनका वो लगभग 1630 यूटीसी थी। यानी लगभग रात के 10:00 बजे वो पहुंचना था
उसको लेकिन बीच में ही ये क्रैश हो जाता है। अब जो इंडिया टुडे के रिपोर्टर हैं नागार्जुन उन्होंने हमें एक जानकारी और भेजी है। फ्लाइट की डिटेल्स तो उसमें लोग कौन-कौन थे उनके नाम सामने आ गए हैं। ये नाम मैं अपने दर्शकों को पढ़कर बता देता हूं। और इसमें एस्टीमेटेड टाइम ऑफ अराइवल जो डिटेल हमारे पास अभी आई है उसमें ये था कि 7:30 में ये उड़ान भरनी थी यानी 5:30 पर ये उसका डिपार्चर था और 8:30 का जो था वो इसका पहुंचने का था। लेकिन जो बाद में शायद कुछ चेंजेस हुए होंगे तो उस हिसाब से ये नए अपडेट आए हैं। अब मैं नाम आपको पढ़कर बता देता हूं। इसमें जो पायलट थे वो कैप्टन विकास विवेक विकास भगत थे। कैप्टन विवेक विकास भगत मेल और दूसरे थे कैप्टन स्वराज सिंह। तो यह दो लोग थे उसमें मौजूद थे। इसमें से एक मेन पायलट थे और एक को पायलट थे। तो ये था। दूसरा अब मैं आपको पांच लोग जो बाकी सवार थे उनका नाम बता दूं। एक संजय कुमार थे जो पेशेंट थे। 41 साल इनकी उम्र है। एक अर्चना देवी थी वो अटेंडेंट
थी उनके साथ थी। अह ध्रुव कुमार थे वो अटेंडेंट थे। उनके साथ थे। इसके अलावा डॉ. विकास कुमार गुप्ता डॉक्टर थे। उसमें जो उनकी सेवा के लिए थे और सचिन कुमार मिश्रा पैरामेडिक थे जो उनकी सहायता के लिए थे। इस तरह से पांच लोग और थे उस विमान में और ताजा जानकारी जो अभी-अभी बिल्कुल हम जब ये शूट कर रहे हैं उस हिसाब से जो हमारे पास रिपोर्ट आई है उसके मुताबिक एक मौत की इसमें पुष्टि हो चुकी है। जो पेशेंट थे संजय कुमार 41 साल के वो एक बर्न पेशेंट थे। तो यानी उनको जलने के घाव बहुत ज्यादा थे। जिस वजह से उन्हें रांची से एयरलिफ्ट करके दिल्ली ले जाया जा रहा था। दिल्ली में हो सकता है। सफदर जंग हॉस्पिटल में उनका इलाज करवाया जाता है जो बर्न के लिए स्पेशलाइज़्ड रखता है। तो वहां पर वो
दिल्ली आ रहे थे और 41 साल की उनकी उम्र है। उनकी इस हादसे में मौत की पुष्टि हो चुकी है। बाकी इसके अलावा बाकी छह लोगों के साथ क्या हुआ है? क्या वो गंभीर रूप से घायल हैं या उनके साथ भी कुछ हाथाहत हो गए हैं। तो वो जानकारी फिलहाल नहीं आई है। बहरहाल इस पूरे मामले में जो भी अपडेट्स थे हमारे साथी नावे ने आपके बीच रखे और भी जो अपडेट्स जुड़ते जाएंगे दिल टॉप आपके सामने रखता रहेगा। नमस्ते।