टोंक में कंबल बांट रहे पूर्व भाजपा सांसद सुखबीर ने मुस्लिम महिलाओं को भगाया, बाद में फोन पर क्या बोले?

क्या नाम तेरा? हट एक तरफ मत दे जो देखो बात सुनो जो आप लोग बैठे हैं ना मैंने बताया जो मोदी की गाड़ी रहने वाला उसको रहने का हक ही नहीं है। लड़ना चाहिए हमने कहीं गांव में बुरा लगा किसी को बुरा सीधी बात है। अब वाली बात है मान ले जाओ ज्यादा बना बेवकूफ। लाल साफा पहने यह व्यक्ति बीजेपी के पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया हैं। टोंग सवाई माधोपुर सीट से सांसद रह चुके हैं। आज तक से जुड़े मयंक तिवारी की रिपोर्ट के मुताबिक 22 फरवरी को सुखबीर कडेरा बुजुर्ग नाम के एक गांव गए थे। कंबल बांटने के लिए गांव के जरूरतमंदों को बुलाया गया। भीड़ में ज्यादातर महिलाएं थी। कंबल बांटते वक्त उन्होंने कहा कि यह धर्म विशेष के लोगों के लिए कंबल नहीं

है। पूर्व बीजेपी सांसद ने कहा कि जो लोग प्रधानमंत्री को गाली देते हैं उनको कंबल नहीं मिलेगा। इसके बाद सुखबीर वहां बैठी कुछ महिलाओं से उनका नाम पूछकर उन्हें वहां से भगा देते हैं। अब हमारी बात ले जाओ जाते को साफ बात है। इसलिए आप चले इधर हटो। घटना के बाद वहां मौजूद कुछ लोग आपत्ति जताते हैं और नेता जी से कहते हैं कि आपने धर्म के आधार पर कुछ लोगों को कंबल नहीं दिए और उन्हें भगा दिया। लोकतंत्र के हिसाब से यह गलत है। जवाब में सुखबीर बोले, “यह कोई सरकारी काम नहीं है। मैं अपने मन से कंबल दे रहा था। जिसे चाहूं तो और प्रधानमंत्री को गाली देने वाले लोगों को कंबल नहीं दूंगा।” घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पूर्व सांसद पर सवाल उठने लगे। राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जुली ने कहा कि बीजेपी के पूर्व सांसद सुखबीर सिंह ने एक मुस्लिम महिला का अपमान किया, और धर्म पूछने के बाद कंबल वापस ले लिया। यह बेहद निंदनीय है। कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने लिखा कि एक गरीब मुस्लिम महिला को बेइज्जत कर उसका कंबल वापस ले

लिया। असल में दिल और विचारों से दरिद्र यह छोटे और घिनौने मन के आदमी खुद हैं। सही विरोध किया लोगों ने। मुंह पर दे मारना चाहिए था कंबल। तमाम विरोध पर सुखबीर की सफाई सामने आई। आज तक से फोन पर बात करते हुए कहा कि मैंने किसी का अपमान नहीं किया। सरकारी स्कीम का सामान बांटता ही था लेकिन निजी सामान नहीं दे सकता। बात वोट की नहीं है। बात वोट के सब नहीं देते सारे वोट हिंदू मत बीजेपी को वोट देते हैं। लेकिन बात इस बात की जो मोदी को सरासर गाली दे रहे हैं और फिर भी कहे जी लाओ देओ वो गवर्नमेंट की स्कीम तो खा ही रहे हैं। मैं निजी मैं नहीं दे सकता। आप रैली में बुलाओ। मैं कल वो कहने लगा मोदी की रैली 28 तारीख को जाएंगे। एक तो जाती नहीं। तब मैं मेहमान हूं। भाई आप जहां बुलाते हो हम वहां भी जाते हैं। वोट आपने चेक थोड़ी करी। हमें वोट दिए नहीं दी। आते हमारे कार्यक्रम में किसी नहीं आती आते नहीं आई अंत में इसी गांव में मैंने पहले कमरे बांटे तब भी लिए हैं गांव में जो मॉम के बच्चे बचे हैं जो स्कूल में मैंने बैग बांट रखे हैं बैग भी मैं सबको पूरे स्कूल में देके आया हूं अनेकों चीज मैंने अपने निजी उससे जो देता हूं वो देता हूं लेकिन अब उसमें बच्चे आ जाते हैं बच्चों को मैंने नहीं टोका बच्चे सबके पढ़ रहे हैं वहां लेकिन

मैंने बैक बांटे सबको दिए पूरे स्कूल में अब अगर मान लो ऐसा कार्यक्रम होता है 20 30 महिलाएं चाहे आदमी आके बैठ बैठ जाए तो कार्यक्रम को खराब करने की स्थिति हो गई हो। यह पूछे जाने पर कि क्या उनका रवैया लोगों के लिए अपमानजनक नहीं था? पूर्व सांसद कहते हैं नहीं बिल्कुल नहीं। खैर सुखबीर के बाद राजस्थान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का एक दूसरा वीडियो सामने आया। कार्यकर्ताओं ने गांव जाकर उन महिलाओं को कंबल बांटे जिन्हें बीजेपी नेता ने भगा दिया था। सवाई माधोपुर में आप वोट चुनाव लड़ना तो दूर की बात है। आप यहां पर घुस भी नहीं सकते हो। इन मुसलमान भाइयों के साथ में जाट भी खड़ा है, मीणा भी खड़ा है, गुर्जर भी खड़ा है। 36 कौम के

लोग हम इनके साथ खड़े हैं। इस तरीके से अपमान करना कतई बर्दाश्त नहीं होगा। यह हम बिल्कुल कड़े शब्दों में इसकी निंदा करते हैं और हम इन लोगों के साथ खड़े हैं। हमारा एक मामले पर किसी भी तरह की शिकायत दर्ज होने की खबर फिलहाल सामने नहीं आई है। जरूरी अपडेट आता है तो आप तक पहुंचाएंगे। आपके क्या विचार हैं? कमेंट करके बता सकते हैं। इस खबर में इतना ही। मेरा नाम है विभावरी। देखते रहिए द लेलन टॉक।