यूट्यूबर शिवानी कुमारी ने करीबी दोस्त पूनम की मौत का किया व्लॉग शूट, पब्लिक का गुस्सा

बिग बॉस oटीt 3 की हिस्सा रह चुकी और गांव के लाइफस्टाइल को दिखाने वाली यूबर शिवानी कुमारी ने कुछ ऐसी हरकत की है जिसको लेकर लोग उन पर भड़क उठे हैं। दरअसल अपने दोस्त की मौत का वॉग उन्होंने शूट किया है। सोशल मीडिया पर उनकी इस हरकत को काफी बैकलैश और नाराजगी मिल रही है। दरअसल दर्द अगर सच्चा हो तो उसे कैमरे की जरूरत नहीं होती और अगर कैमरा साथ हो तो सवाल उठना लाजमी है। आज शिवानी कुमारी

ने संवेदनशीलता की उस सीमा को भी पार कर दिया जहां इंसानियत और कंटेंट के बीच की लाइन धुंधली हो गई। यूबर शिवानी कुमारी जो अपने डांस और कॉमेडी वीडियो और अपने गांव के लाइफस्टाइल दिखाने के लिए जानी जाती हैं। जिनके Instagram पर करीब 4 मिलियन फॉलोवर्स हैं। YouTube पर 3.5 मिलियन सब्सक्राइबर्स हैं। उन्होंने हाल ही में एक ऐसा वॉग शेयर किया है जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। दरअसल उनके गांव के गोरेलाल की 26 साल की भतीजी पूनम जिसकी पिछले साल ही शादी हुई थी। वह किसी काम से इटावा दवा लेने गई थी और सड़क हादसे में उनकी जान चली गई। बताया जा रहा है कि शायद वह 2 महीने की

करवती भी थी। पिता ने कर्ज लेकर शादी की थी। परिवार पहले से ही सदमे में था। इसी दुख के माहौल में शिवानी कुमारी अपनी पूरी टीम और कैमरे के साथ उस घर पर पहुंची। रोते बिलखते परिवार के बीच वॉग शूट किया और बाद में वही वॉग YouTube पर अपलोड कर दिया। वीडियो पर मिलियन से ज्यादा व्यूज आ चुके हैं। हालांकि वहां के लोगों ने कैमरा बंद करने को भी

कहा लेकिन शूटिंग जारी रही और आखिर में किसी ने जोर देकर कैमरा बंद करवा दिया। अब सवाल उठ रहा है कि क्या किसी के शोक के पल को कंटेंट बनाना सही है? सोशल मीडिया पर इसको लेकर हंगामा मचा हुआ है। एक यूजर ने लिखा इनसे मिलिए। यह हैं यूट्यूबर शिवानी कुमारी। इनके दोस्त की सड़क हादसे में जान चली गई। शिवानी अपनी पूरी टीम और कैमरे के साथ

मृत दोस्त के घर पहुंची। खूब रोई धोई वीडियो भी बनाया। अब उसको YouTube पर अपलोड कर दिया जिसने 1 मिलियन से ज्यादा व्यूज हासिल कर लिए। सोचिए ऐसे लोगों की मानसिकता कितनी घटिया होगी जिन्होंने किसी के बुरे समय को भी अपना कंटेंट बना दिया। एक और यूजर ने लिखा शिवानी कुमारी की दोस्त की गांव में मौत हो गई। शिवानी कुमारी ने उसका

भी वॉग बना दिया और डॉलर छाप दिया। डॉलर ही सत्य है बाकी सब मिथ्या है। सबको भगवान बचाएं। मेगा ने लिखा यूबर शिवानी कुमारी की दोस्त की गांव में मौत हुई। इस मौके पर भी उन्होंने वॉग बना दिया। डॉलर पैसा ही सब कुछ है। मेगजी ने लिखा शिवानी कुमारी ने जिस भावनात्मक मेहनत के साथ

ब्लॉग बनाया उससे साफ है कि आजकल लोग सिर्फ नजरें और पैसा देखते हैं। समाज में संवेदनशीलता कहीं खो गई है। मेज ने कहा भैया आजकल लोग व्यूज और कंटेंट के लिए कितना गिर सकते हैं इसका अंदाजा नहीं। बताओ घर में कोई गुजर गया है और मैडम वहां ब्लॉगिंग कर रही हैं। मेगजे ने लिखा खूब बढ़िया से एडिट भी किया है। लोगों का सवाल उठाना भी सही था। लेकिन हर चीज की एक सीमा होती है। जब कोई परिवार अपने सबसे बुरे समय से गुजर रहा हो वहां कैमरा लेकर पहुंचना क्या वह सहानुभूति है या संवेदनशीलता। इस दौरान शिवानी कुमारी अपने फुल मेकअप में भी दिखाई दी। कुछ लोग कह रहे हैं कि शायद वह मदद करने गई होंगी। कुछ कह रहे हैं कि दुख में साथ देना भी जरूरी है। लेकिन अगर साथ देने का मकसद सच में सहारा देना है तो क्या उसे रिकॉर्ड करना जरूरी है। आज सोशल मीडिया पर व्यूज, लाइक्स और मोनेटाइजेशन का दबाव इतना बढ़ गया है कि कई बार इंसान भूल जाता है कि सामने इंसान है, कंटेंट नहीं। यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है क्या हम डिजिटल दुनिया में इतने आगे निकल आए हैं कि

इंसानियत पीछे छूट रही है। किसी की मौत, किसी का दुख यह खबर हो सकती है लेकिन तमाशा नहीं। और अगर समाज ऐसे कंटेंट को देखना बंद कर दे तो शायद ऐसे वीडियो बनना भी बंद हो जाए। दोस्तों, आप क्या सोचते हैं? क्या दुख के समय ब्लॉग बनाना गलत है? या यह भी एक तरह की रिपोर्टिंग है? कमेंट में लिखकर जरूर बताएं। वीडियो को लाइक करें, शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना बिल्कुल ना भूलें।