ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की बायोग्राफी, लग्ज़री लाइफ़, नेट वर्थ और दूसरी डिटेल्स

ईरान के सुप्रीम लीडर आया अली खामनई की मौत के बाद उनके बेटे मुस्तबा खामनई को देश की कमान सौंपी जा रही है। ऐसा कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है। मुस्तबा खामनई वैसे तो पिता की तरह ही एक शिया धर्मुरु हैं, लेकिन वह एक लग्जरी लाइफस्टाइल भी जीते हैं। ईरान से लेकर लंदन तक में उनके कई घर और होटल हैं। मुज्तबा खामोनई अरबों रुपयों की संपत्ति के मालिक हैं। रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर से भी मुस्तबा खामोनई के अच्छे रिलेशन हैं। यही वजह है कि पिता की

मौत के बाद मुस्तबा खामनई के नाम की चर्चा ईरान के सुप्रीम लीडर के पद के लिए शुरू हो गई है। ईरान के सुप्रीम लीडर आया अली खामनई के बेटे मुस्तबा खामनई अपने पिता की तरह ही एक प्रमुख शिया धर्मुरु हैं। 56 साल के मुस्तबा खामनई पिछले कुछ दशकों में ईरानी राजनीति में एक शक्तिशाली इंसान के तौर पर उभरे हैं। हालांकि मुस्तबा खामनई ने सरकार या शुरा परिषद जिसे संरक्षक परिषद भी कहा जाता है। इसमें कोई औपचारिक पद नहीं संभाला है। लेकिन ईरान प्रशासन में उनकी मजबूत पकड़ है। यही वजह है कि मुस्तबा खामनई इस वक्त सुप्रीम लीडर की रेस में सबसे आगे नजर आ रहे हैं। ईरान की सत्ता पर पकड़

मजबूत करने के लिए पिछले कुछ सालों में मुस्तबा खामोनई ने इस्लामिक रेवोलशनरी गार्ड कोर यानी आईआरजीसी के बड़े अधिकारियों के साथ गहरे रिलेशनशिप डेवलप किए हैं। मुस्तबा खामनई ईरान के धार्मिक और राजनीतिक ग्रुप्स के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में उभरे हैं। हालांकि पिता के जीवित रहते हुए मुस्तबा खामनई ने कभी लाइमलाइट में आने की कोशिश नहीं की। इसलिए उनकी पर्सनल लाइफ के बारे में लोगों को बहुत ज्यादा जानकारी नहीं है। आपको बता दें वह 8 सितंबर 1969 को मशहद में पैदा हुए थे। कई रिपोर्ट्स में उन्हें अपने पिता के फाइनेंसियल मैनेजर और महत्वपूर्ण नियुक्तियों में शामिल बताया गया है। 2009 के ग्रीन मोमेंट विरोध और 2022 में महसा अमीनी की मौत के बाद विरोध प्रदर्शनों में भी मुस्तबा पर सुरक्षा बलों के क्रूर दमन का आरोप लगा। अब उनके सुप्रीम लीडर बनने के बाद देश में नई राजनीतिक बहस

शुरू हो जाएगी। 1979 की क्रांति के समय वंश के आधार पर सत्ता देने का विरोध किया गया था। इसलिए कुछ लोग उनके चयन पर सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल वहां की आर्मी के सपोर्ट की वजह से मुस्तफा खामन को मजबूत नेता माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि उनकी लीडरशिप देश को किस दिशा में लेकर जाती है? चलिए अब आपको बताते हैं सुप्रीम लीडर की एलिजिबिलिटी क्या होती है? क्या होता है आखिर क्राइटेरिया। ईरान के संविधान के मुताबिक सुप्रीम लीडर एक सीनियर शिया मौलवी होना चाहिए। इसे मुस्तहिद भी कहा जाता है।

इस व्यक्ति को इस्लामिक कानून की गहरी जानकारी, मजबूत लीडरशिप स्किल्स और देश को राजनीतिक और धार्मिक रूप से गाइड करने की क्षमता होनी चाहिए। इस धार्मिक क्वालिफिकेशन के अलावा कैंडिडेट को राजनीतिक समझदारी, एडमिनिस्ट्रेटिव क्षमता और पब्लिक क्रेडिबिलिटी दिखानी चाहिए। फिलहाल इस वीडियो में इतना ही। आप क्या कहेंगे? कमेंट सेक्शन में हमें लिखकर जरूर बताएं। वीडियो को लाइक करें, शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना बिल्कुल ना भूलें।

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