खामेनेई की मौत पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का बड़ा बयान | ईरान इजराइल युद्ध
इस बीच एक और बड़ी खबर आपको बता दें। ईरान के सुप्रीम लीडर अली खवनेई की मौत पर रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन ने बड़ा बयान दे दिया है। उन्होंने कहा कि खवने की मौत सुनियोजित हत्या है। यूएस इजराइल ने मानवीय नैतिकता की धज्जियां उड़ाई हैं। तो यूएस इजराइल के इस हमले की निंदा करता हुआ रूस यहां पर नजर आ रहा है और इस हमले को खमने की मौत को वो सुनियोजित हत्या बता रहा है। तो देखिए जो हालात यहां पर बने हुए हैं उसमें कई सवाल यहां पर खड़े होते हैं कि लड़ाई कहां तक जाएगी और इसका हल क्या होगा? नतीजा क्या होगा?
हमारे साथ खास मेहमान भी जुड़े हैं। कर्नल शैलेंद्र सिंह हैं। रक्षा विशेषज्ञ हैं। सर स्वागत है आपका। एयर कमोडोर एएस बेहल हमारे साथ हैं। आप भी रक्षा विशेषज्ञ हैं। कर्नल उत्कर्ष राठौर हमारे साथ जुड़े हैं। आप भी रक्षा विशेषज्ञ हैं। आप तीनों का हमारे साथ जुड़ने के लिए बहुत शुक्रिया। बहुत स्वागत है आपका। कर्नल उत्कर्ष आपसे पहला सवाल यहां पर। अब रशिया सीधे तौर पर निंदा यहां पर कर रहा है। इसके क्या मायने यहां पर निकाले जाए? क्या यह सिर्फ निंदा तक सीमित है या रशिया शामिल भी हो सकता है इस पूरे मामले में? देखिए यहां पर रशिया या चीन ईरान की मदद के लिए आएंगे या कोई मिलिट्री मदद करेंगे ऐसा संभव नहीं है। दिखता भी नहीं है। आपको याद होगा कोई दो हफ्ते पहले पर्शियन गल्फ में रूस, चीन और ईरान ने जॉइंट नेवल एक्सरसाइज की थी और उसी समय वहां पर अमेरिका का एयरक्राफ्ट कैरियर और बाकी कैरियर सपोर्ट ग्रुप असेंबल हो रहे थे। हम जब युद्ध शुरू हुआ तो वो आज कहीं भी नहीं दिखे। इसी तरीके से चीन ने भी एक लाइन का बयान दे दिया। रूस के बारे में जो बात करना चाहता हूं वो यह है कि रूस यूक्रेन वॉर में फंसा
हुआ है और पीस की बारे में अगर वह है तो वह किसी तरीके से डोनाल्ड ट्रंप के ऊपर पुतिन डिपेंडेंट हैं। क्योंकि पुतिन की बात या पुतिन की मांग सिर्फ डोन्ड ट्रंप ही उसको एक तरीके से पेश करते हैं और उसको वो सपोर्ट कर रहे हैं कि पूरी जो टेरिटरी है वो रूस को दे दी जाए। तो इसमें आगे कुछ बिल्कुल सर यही एक बड़ा सवाल है कि क्या कोई यहां पर मदद के लिए आगे आएगा ईरान की क्योंकि रशिया अपने एक अलग मोर्चे पर उलझा हुआ है इस पर और विस्तार से आप बताइएगा लेकिन आप देखिए जहां पर हमला किया गया इजराइल ईरान की तरफ से जहां पर हमले में जो खमनाई है उनकी मौत हो गई कहते हैं कि खमनई तेहरान में जिस कंपाउंड में तहखाने में रहते थे वहां पर लिफ्ट को पहुंचने में भी 5 मिनट लगते थे और ऐसे में खमनाई को मारना आसान नहीं था लेकिन इस बार खमनाई की सटीक की सूचना और अमेरिका और इजराइल ने यहां पर उसको गवाया नहीं। हमले के बाद खमने के शव की तस्वीरें देखते ही मौत का ऐलान यहां पर कर दिया गया। खामदेने के ठिकानों पर भयानक बमबारी। सब कुछ धुआधुआ हो गया। पल-पल की खबरें अमेरिका और इजराइल को मिल रही थी। ट्रंप उपराष्ट्रपति वांस के साथ सिचुएशन रूम में बैठकर हालात पर निगाह लगाए थे। नेतन याू भी वॉर
रूम में बैठकर अपनी रणनीति पर अमल कर रहे थे। हमले के बाद पहला सवाल यही था कि क्या खामने की वाकई मौत हो गई? अमेरिका को छकाने वाले इस नेता की मौत की पुष्टि जरूरी थी। इन हालात में वो पहली तस्वीर आई जो अभी तक दुनिया ने नहीं देखी लेकिन सबसे पहले ट्रंप और नेतन याू को दिखाई गई। मलबे में तब्दील हो चुकी इमारत से निकाले गए खामनेई के शव की तस्वीर जो छलनी हो चुकी थी। इसके बाद इजराइल और अमेरिका ने खामने की मौत का ऐलान कर दिया। हालांकि इससे 8 महीने पहले भी ऐसी नौबत आई थी जब ईरान के साथ
12 दिन के युद्ध में इजराइल को खामनेही को मारने का एक मौका मिला था। लेकिन तब ट्रंप पीछे हट गए थे। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। न्यूक्लियर और मिसाइल प्रोग्राम पर बात सिरे नहीं चढ़ी और ट्रंप की त्योरियां चढ़ती गई।


