US इजराइल ईरान युद्ध: नेतन्याहू- ट्रंप का प्लान लीक! खामेनेई की मौत पर खुलासा | ईरान ने इजराइल पर हमला किया

इजराइल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से ईरान पर हमला किया। उसके बाद से हर कोई यह सोचने लगा कि इतनी तगड़ी जो ऑपरेशन को अंजाम दिया गया इसके पीछे जिस तरीके से प्लानिंग की गई होगी वो किस तरीके से की गई होगी क्योंकि तुरंत यह खबर आती है कि खमनई की मौत हो गई है। तो इतनी तगड़ी जासूसी कि ईरान की लीडरशिप को संभलने का भी मौका नहीं मिला। ड्रोन से लिया गया हमले का वीडियो साफ बताता है कि कैसे सूरज की रोशनी में इजराइल और अमेरिका ने मिलकर एक साथ पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया और एक पूरा कैंपस उड़ा दिया। लेकिन इतना सटीक निशाना कैसे लगा? इसको लेकर कई

तरीके की खबरें अभी तक आपने पढ़ी होंगी। लेकिन एक जो अहम जानकारी सामने आई है और यह सबसे बड़ी जानकारी है जिसको लेकर एक इमेज भी सामने आया है। एक तस्वीर सामने आई है। क्या ईरान में ही इजराइल के एजेंट मौजूद थे? दरअसल ये सवाल भी उठना लाजमी है। इसको जरा समझिए। कुछ वक्त पहले पता चला कि मोसाद के एजेंट ईरान के सिक्योरिटी में टॉप लेवल पर बैठे थे। अब एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खमने की हर एक्टिविटी पर इजराइल की नजर थी। नेतन याहू की टीम तेहरान के हर ट्रैफिक कैमरे को तेल अवीब से हैक कर चुकी थी। इतना ही नहीं मोबाइल फोन का

नेटवर्क भी इजराइल की टीम देख रही थी। हर डाटा मिल रहा था। हर कमांडो का पता मालूम था। अमेरिका के एक जासूस ने ग्राउंड से सिग्नल दिया तब ऑपरेशन शुरू हुआ। इजराइल ने सुप्रीम लीडर अली खमनेई की हत्या से पहले उनकी एक्टिविटीज और सिक्योरिटी डिटेल पर नजर रखने के लिए तेहरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक किया था। मोबाइल फोन नेटवर्क में सेंध लगाई थी और यह काम कई सालों से चल रहा था। यह एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है। जिस तरीके से वीडियो सामने आए थे उसमें दिख रहा था कैसे इजराइल ने एक साथ पूरा हेड क्वार्टर उड़ा दिया क्योंकि नेतन याू को पता था कि खमने उस समय कई [संगीत] टॉप ऑफिसरों के साथ मीटिंग कर रहे हैं। लेकिन यह जानकारी कैसे हासिल हुई? रिपोर्ट कहती है कि तेहरान के लगभग सभी ट्रैफिक कैमरे सालों से हैक थे और सारी फुटेज एंक्रिप्ट यानी गुप्त तरीके से तेल अवीब और दक्षिणी इजराइल के सर्वर पर भेजी जाती थी। टॉप सूत्र का कहना है कि

एक कैमरा एंगल यह पता लगाने में सफल हो गया कि बॉडीगार्ड अपनी पर्सनल कार कहां पार्क करते हैं और पाश्चर स्ट्रीट यानी तहरान में जहां ज्यादातर टॉप सरकारी संस्थान है उसके पास कंपाउंड के अंदर के रूटीन के बारे में भी पता चला। खबई के सिक्योरिटी गार्ड के सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए जटिल एल्गोरिदम का इस्तेमाल हुआ। सुरक्षाकर्मियों के पते, ड्यूटी के घंटे, काम पर जाने के रास्ते की जानकारी जुटाने के साथ यह भी पता किया गया कि जो कमांडो हैं उनको किस अधिकारी या टॉप लीडर की सुरक्षा में तैनात किया गया है। एक रिपोर्ट यह भी कहती है कि इजराइल ने पाश्चर स्ट्रीट के पास लगभग एक दर्जन मोबाइल फोन टावरों के पार्ट्स भी खराब कर दिए थे। जिससे फोन कॉल करने पर बिजी मिल रहा था। इसका असर यह हुआ कि खमनई की सुरक्षा टीम के लोगों को भी संभावित खतरे की चेतावनी मिली ही नहीं। ईरान पर इजराइल अमेरिका का हमला कोई सामान्य बमबारी नहीं थी। उन्होंने महीनों तक इंतजार किया। [संगीत] हजारों घंटे की जासूसी, सिग्नल इंटरसेप्ट करना सिर्फ एक चीज का इंतजार था जब ईरान का सुप्रीम लीडर खमने, राष्ट्रपति फिजिशियन और सारे सीनियर मिलिट्री कमांडर एक ही जगह एक ही कमरे में बैठे हो। अमेरिका और इजराइल ने

कई महीनों के साथ मिलकर प्लानिंग की और इजराइल के अधिकारियों ने कहा कि हमला ठीक उसी जगह पर हुआ जहां ईरान के सबसे बड़े नेता इकट्ठा हुए। इसका मतलब तेहरान में अंदरखाने कोई ऐसा है जिसने इजराइल अमेरिका को सटीक जानकारी दी। वॉल स्ट्रीट जनरल की एक रिपोर्ट है। उसमें इजराइल और अमेरिका की संयुक्त योजना पर विस्तार से रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों की खुफिया एजेंसियां लंबे समय से इंतजार कर रही थी कि ईरान के सीनियर राजनीतिक और मिलिट्री लीडर्स की एक साथ बैठक हो ताकि उन्हें एक साथ निशाना बनाया जा सके। तीन मीटिंग्स की जानकारी मिली और खमनेई की लोकेशन जो है वह भी पता लग गई। इसे अनोखा अवसर मानकर दिन के उजाले में हमला हुआ। इजराइली फाइटर जट्स ने खमनई के कॉम्प्लेक्स पर 30 बम गिराए। ट्रंप को ईरान द्वारा अमेरिकी टारगेट्स पर हमले की खुफिया जानकारी मिली थी। जिससे हमले का फैसला जल्दी हो गया। और यह थी इस पूरे ऑपरेशन की सच्चाई जिसको लेकर लगातार यह कहा जा रहा था कि आखिरकार ईरान में ऐसा कौन बैठा था जिसने एकदम सटीक जानकारी इजराइल और अमेरिका तक पहुंचाई। तो जो रिपोर्ट्स सामने आई है उसके मुताबिक यह पता चल रहा है कि इजराइ

ल ने ईरान के ट्रैफिक कंट्रोल को अपने हाथ में ले लिया था और यह जो पूरी प्लानिंग थी यह सालों की प्लानिंग थी और कई जासूस इजराइल ने ईरान में बिठा रखे थे जिसका नतीजा यह हुआ कि दिन के उजाले में हमला करने के बाद तुरंत यह खबर सामने आती है कि इस पूरे हमले में इजराइल के कई बड़े अधिकारियों खासतौर से सुप्रीम लीडर की मौत हो जाती है। अगर आप यह वीडियो YouTube पर देख रहे हैं तो हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर बेल आइकन दबाएं और Facebook पर देख रहे हैं तो हमारे पेज को लाइक

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